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गर्मी में आत्महत्या के मामलों में इजाफा, आग उगलती गर्मी का ये साइड इफेक्ट चिंतनीय

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 Increase in cases of suicide in summer, this side effect of scorching heat is matter of concern

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प्रतिकात्मक फोटो। 

हरियाणा न्यूज टूडे/सुनील कोहाड़।
हिसार की खास खबर : आग उगलती गर्मी का एक ऐसा साइड इफेक्ट भी सामने आ रहा है जिसमें युवाओं में जान देने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आत्महत्या के इन मामलों से परिजन ही नहीं बल्कि सामाजिक तौर पर चिंता की लहर है। गर्मी में खासतौर पर किशोर और युवाओं में खो रहा धर्य आत्महत्या की ओर धकेल रहा है। आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले 86 दिनों में 61 लोगों ने अलग-अलग कारणों से आत्महत्या की है। 










आत्महत्या के मामलों में मुख्य कारण घरेलू विवाद, क्लेश, परीक्षा में असफल होना, प्रेम-प्रसंग, कर्जा और नशे की लत शामिल है। मई माह में 12वीं कक्षा का परिणाम आने के बाद एक किशोर ने अधिक शराब पीकर जान दे दी तो एक मां ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में बेटे की कंपार्टमेंट आने पर फंदा लगा लिया। ऐसे आत्महत्या के मामलों पर गौर किया जाए तो इनमें मुख्य तौर पर सामने आने वाले मामलों में 10 मार्च रविवार की शाम को लुवास के सर्जिकल विभाग के वैज्ञानिक ने रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्जिकल ब्लेड से अपनी आठ साल की बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। बेटी की हत्या करने के बाद वैज्ञानिक ने खुद के हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों के शव कार्यालय में लहूलुहान हालत में मिले थे। 













15 मई की सुबह रेड स्कवेयर मार्केट में स्थित एक पीजी के बाथरूम में जींद जिले का धर्मखेड़ी निवासी 19 वर्ष का विनीत मृत हालत में मिला था। परिजनों का कहना था कि ज्यादा शराब पीने के कारण विनीत की मौत हो गई। विनीत ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। जिसमें उसकी कंपार्टमेंट आई थी। लेकिन उसने अपने दोस्तों को बताया कि वह 90 प्रतिशत अंक लेकर पास हुआ है। उसने पास होने की खुशी में दोस्तों को शराब पार्टी दी। अगली सुबह वह मृत हालत में बाथरूम में मिला था।



36 साल की महिला ने लगाया फंदा
17 मई को बस स्टैंड के पास इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में रहने वाली 36 साल की महिला सुषमा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव घर के पास पशु बाड़े में रस्सी के से लटकता मिला था। पुलिस ने बताया था कपिल शर्मा टीटीसी में कार्यरत है और परिवार के साथ इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में रहता है। उनकी पत्नी सुषमा गृहिणी थी। बड़े बेटे केशव का 13 मई को 12वीं कक्षा का परिणाम आया था। जिसमें उसकी कंपार्टमेंट आई थी। इस कारण सुषमा मानसिक रूप से परेशान थी।

इस प्रकार कर सकते हैं बचाव
गर्मी के मौसम में दिमाग में बनने वाले केमिकल में बदलाव आता है जिस कारण व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते हैं और वह आत्महत्या जैसे कदम उठाता है। ये समस्या अस्थायी है जो समय के साथ दूर हो जाती है। फिर भी किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो पीडि़त को अपने परिजनों से बात करनी चाहिए और मनोरोग विशेषज्ञ से उपचार करवाना चाहिए।


ये है मुख्य तौर पर आत्महत्या का कारण : डा. शालू
नागरिक अस्पताल की मनोरोग काउंसलर डॉ. शालू ने बताया कि गर्मी के मौसम में व्यक्ति के मूड को कंट्रोल करने वाले केमिकल में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है। वहीं नशे का सेवन करने वालों के मन में तेजी से नकारात्मक विचार आते हैं और अधिकांश लोग नशे की हालत में आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं।

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