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शहीद किसान की पुण्यतिथि पर Vichar Goshti आयोजित: किसान नेताओं ने सरकार पर बोला हल्ला

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Shahid Kisan vichar goshti Barwala Chhan village

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Barwala Abtak News : किसान आंदोलन के दौरान सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शहीद किसान राममेहर नंबरदार की पांचवीं पुण्यतिथि पर गांव छान में vichar goshti कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ-साथ बाड्डो पट्टी टोल कमेटी के किसानों सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शिरकत कर शहीद किस को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

 

किसान नेता उमेद सिंह चाहार ने कहा कि जब से देश प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है तब से किसान और मजदूरों को अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। ‌ आज किसान मजदूर को अपनी छोटी से छोटी मांग को मनवाने के लिए भी धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। लेकिन किसान मजदूर विरोधी सरकार गरीब लोगों के हितों से लगातार खिलवाड़ कर रही है।

 

किसान नेता सरदानंद राजली ने कहा कि किसानों की फसल बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ गई और गरीब लोगों के मकान पानी में धराशाई हो गए। किसान मजदूर घर से बेघर हो गया लेकिन सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली। उसे दौरान तो सरकार के नेताओं ने बड़ी-बड़ी फेंक दी कि किसानों और मजदूरों को जल भराव से हुए नुकसान के भरपाई दीपावली से पहले कर दी जाएगी। लेकिन महीना बीत जाने के बावजूद भी सरकार की तरफ से इस मामले में अब तक कोई मुआवजा राशि का वितरण नहीं किया गया।

 

किसानों को अपनी मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के नेता भजन कीर्तनों में लगे हुए हैं। प्रदेश को विकास की पटरी पर लाने के लिए शिक्षा के मंदिर खोलने की बजाय मंदिरों में लोगों को घंटा बजाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि जब हमारे बच्चे पढ़े-लिखेगें नहीं तो वह आने वाले समय में दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस जाएंगे। मंदिर में घंटी बजाने से भगवान की आराधना तो हो सकती है लेकिन खुद का और परिवार का पेट नहीं भर सकता। प्रदेश के मुखिया कभी कहीं धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं तो कभी वह दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने के लिए पहुंच जाते हैं लेकिन किसी के पास किसान मजदूर का दुखड़ा सुनाने और उसका हल करने का टाइम नहीं है।

 

किसान नेता नरेश भ्याण ने बताया कि दिल्ली के बॉर्डर पर 13 महीने चले किसान आंदोलन के दौरान छान गांव का किसान राममेहर नंबरदार आंदोलन में शामिल किसानों के लिए दूध लस्सी सहित अन्य खाद्य सामग्री का प्रबंध करने के लिए लगा हुआ था और वह खाद्य सामग्री लेकर दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर पहुंचा था।

 

अपने रूटीन कार्यक्रम के तहत 7 दिसंबर 2020 को जब किसान राममेहर नंबरदार खाद्य सामग्री को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर अपने साथियों के साथ दिल्ली जा रहा था। हिसार दिल्ली नेशनल हाईवे पर रोहतक जिले के गांव खरावड़ के पास ट्रक ने ट्राली में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में किसान राममेहर नंबरदार शहीद हो गया था।

 

गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरपाल श्योकंद ने बताया कि शहीद किसान राममेहर नंबरदार की पुण्यतिथि पर हर वर्ष गांव में रक्तदान शिविर, खेल प्रतियोगिता और विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। शहीद किसान राममेहर नंबरदार की स्मृति में खेल प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। 12-13 दिसंबर को गांव छान के सरकारी स्कूल में खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। पिछले वर्ष खेल प्रतियोगिता में दर्जनों गांव के खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपना दमखम दिखाया था।

इस अवसर पर ईश्वर वर्मा, सत्यवान खेदड़, धोला जेवरा, रोहतास राजली, महासिंह सिंधु, बलवान सिंह बेनीवाल, कैप्टन लालाराम, अजीत फौजी, चंद्र सिंह, संपूर्ण सिंह, ओमप्रकाश, सुभाष, उमेद सिंह, बलवान सिंह, कर्मवीर, सोनू, सुखदेव सिंह, अमन फौजी, रामकरण, राजपाल, सत्यवीर तथा गांव छान के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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