Haryana Roadways Protest Hisar News
-महाप्रबंधक की कार्यशैली के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का धरना 49वें दिन भी जारी
Haryana Roadways Protest : रोडवेज डिपो में महाप्रबंधक के खिलाफ सांझा संघर्ष समिति का धरना गुरुवार को लगातार 49वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने महाप्रबंधक की कथित कर्मचारी विरोधी कार्यशैली, लंबित वित्तीय भत्तों और अन्य मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता राजेश सेलवाल ने की, जबकि मंच संचालन वीरेंद्र कीर्तन ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो हिसार और हांसी डिपो के कर्मचारी संयुक्त रूप से चक्का जाम कर आंदोलन को और उग्र करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी सीएम फ्लाइंग और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा छापेमारी की गई थी, लेकिन उसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
सांझा संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि तीन जुलाई को उपायुक्त को विस्तृत शिकायत पत्र एवं ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में महाप्रबंधक की कथित कर्मचारी विरोधी कार्यशैली, डिपो परिसर में पेड़ों की कटाई तथा वर्कशॉप परिसर में चल रहे भवन निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा इसके बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे मामले से मुख्यमंत्री को दोबारा अवगत कराया जाएगा तथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में कर्मचारियों ने रात्रि भत्ते के भुगतान में हो रही देरी पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि मुख्यालय चंडीगढ़ द्वारा 23 जून को रात्रि भत्ते की स्वीकृति जारी किए जाने के बावजूद दो जुलाई तक कर्मचारियों के खातों में राशि जमा नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
धरने में संदीप जैनावास, बजरंग लाखा, अजय दुहन, कर्मबीर मसूदपुर, जोगेंद्र पंघाल, अरुण शर्मा, पवन कनोह, अनूप श्योकद, अमित जुगलान, नरेंद्र खरड़ सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो हिसार और हांसी डिपो के कर्मचारी संयुक्त रूप से चक्का जाम कर आंदोलन को और उग्र करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी सीएम फ्लाइंग और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा छापेमारी की गई थी, लेकिन उसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
सांझा संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि तीन जुलाई को उपायुक्त को विस्तृत शिकायत पत्र एवं ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में महाप्रबंधक की कथित कर्मचारी विरोधी कार्यशैली, डिपो परिसर में पेड़ों की कटाई तथा वर्कशॉप परिसर में चल रहे भवन निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा इसके बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे मामले से मुख्यमंत्री को दोबारा अवगत कराया जाएगा तथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में कर्मचारियों ने रात्रि भत्ते के भुगतान में हो रही देरी पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि मुख्यालय चंडीगढ़ द्वारा 23 जून को रात्रि भत्ते की स्वीकृति जारी किए जाने के बावजूद दो जुलाई तक कर्मचारियों के खातों में राशि जमा नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
धरने में संदीप जैनावास, बजरंग लाखा, अजय दुहन, कर्मबीर मसूदपुर, जोगेंद्र पंघाल, अरुण शर्मा, पवन कनोह, अनूप श्योकद, अमित जुगलान, नरेंद्र खरड़ सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।


