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महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत का बड़ा फैसला, शीलू बल्हारा और उसके परिवार को फरमान
हरियाणा न्यूज टूडे, रोहतक: कबड्डी खिलाड़ी शीलू पहलवान की पत्नी मुस्कान की आत्महत्या के मामले में महम चौबीसी की सर्वखाप पंचायत ने अहम फैसला सुनाया है। करीब पांच घंटे चली पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। पंचायत में शीलू पहलवान, उनके पिता सुरेंदर बल्हारा, माता और भाई मनीष समेत चारों आरोपियों ने माफी मांगी।
पंचायत ने सभी चारों आरोपियों को माफ करने का फैसला सुनाया। दोनों पक्षों ने पंचायत के फैसले को स्वीकार किया।
8 माह के बेटे के नाम होगी 50 लाख की FD

Rohtak Breaking News: महम चौबीसी पंचायत में सबसे अहम फैसला शीलू और मुस्कान के 8 माह के बेटे के भविष्य को लेकर लिया गया। खाप प्रतिनिधियों ने बच्चे के नाम 50 लाख रुपये की एफडी करवाने तथा उसके हिस्से की जमीन उसके नाम करने का फैसला लिया है।
पंचायत ने संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर सभी जरूरी कानूनी और दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पांच घंटे चली महम चौबीसी पंचायत, दोनों पक्षों की सुनी दलील
Meham News in Hindi: महम चौबीसी और अठगामा की पंचायत के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और वाद-विवाद भी हुआ। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों की बात सुनी और आपसी सहमति से फैसला सुनाया।
पंचायत में चारों आरोपियों ने अपनी ओर से माफी मांगी। इसके बाद पंचायत ने बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें माफ करने की बात कही।
पुलिस शिकायत वापस लेने का भी फैसला
पंचायत की ओर से पुलिस में दी गई शिकायत को वापस लेने की बात भी कही गई है। दोनों पक्षों ने पंचायत के फैसले को स्वीकार कर लिया है।
शीलू बल्हारा पहलवान की दोबारा शादी का भी दिया प्रस्ताव
पंचायत के दौरान शीलू पहलवान की दोबारा शादी को लेकर भी प्रस्ताव दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने शीलू को आगे का जीवन नए सिरे से शुरू करने की बात कही।
पंचायत में शीलू बल्हारा पहलवान, उनके भाई मनीष और पिता सुरेंद्र बल्हारा मौजूद रहे।
फिलहाल पंचायत के इस फैसले के बाद मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौते की स्थिति बनी है। 8 माह के बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 50 लाख रुपये की एफडी और जमीन उसके नाम करने का फैसला पंचायत के प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा।
लेकिन अब देखना यह होगा कि पुलिस में दर्ज मामले को लेकर पुलिस क्या कार्य प्रणाली अपना आती है और इस फैसले के बाद पुलिस अपनी जांच को किस दिशा में लेकर जाती है। वहीं मुस्कान बल्हारा की फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं। वहीं शीलू बल्हारा और उसके परिवार पर दर्ज मामले को पुलिस किस तरह से कैंसिल कर पाती है।











