हिसार सिंचाई विभाग क्लर्क राजेश शर्मा रिश्वत प्रकरण ( Hisar Irrigation Department Bribe Case )
Hisar News Today: बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा के भाई राजेश को हिसार में गिरफ्तार कर लिया गया है। फिल्म अभिनेता का भाई हिसार सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत है और उसे रिश्वत लेते हुए एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की टीम आरोपी से पूछताछ करने में लगी हुई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
हिसार रिश्वत केस: 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते सिंचाई विभाग का क्लर्क रंगे हाथों गिरफ्तार, परिजनों ने झूठे मामले में फंसाने का लगाया आरोप
हिसार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने हिसार में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग में तैनात असिस्टेंट रेवेन्यू क्लर्क राजेश शर्मा को 3,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। राजेश का महज दो दिनों बाद प्रमोशन होने वाला था, लेकिन इससे पहले ही विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
नहरी पानी की व्यवस्था के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत

ACB से मिली जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़-राजगढ़ रोड पर कृषि भूमि (खेतीबाड़ी की जमीन) पर काटी गई एक कॉलोनी के लिए नहरी पानी की व्यवस्था कराने की एवज में शिकायतकर्ता से पैसों की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत के आधार पर एसीबी ने ट्रैप टीम का गठन किया और वीरवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए राजेश शर्मा को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया।
सिंचाई विभाग हिसार रिश्वत
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के पास से रिश्वत में ली गई पूरी राशि भी बरामद कर ली गई है। आरोपी क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फिल्म अभिनेता के भाई हैं राजेश शर्मा
सूत्रों के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी राजेश शर्मा प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता का भाई बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विजिलेंस की टीम गहनता से जांच में जुटी हुई है और रिश्वत लेने की पुष्टि करते हुए फोटो भी जारी की गई है।
परिजनों का दावा: गलत तरीके से फंसाया गया
दूसरी ओर, आरोपी राजेश शर्मा के परिजनों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उसे बेकसूर बताया है। परिजनों का कहना है कि राजेश ने कोई रिश्वत नहीं ली थी, बल्कि जो रकम उसने ली थी वह सरकार की अधिकृत फीस थी। नियमानुसार उसकी रसीद काटी जानी थी, लेकिन साजिश के तहत उसे इस केस में गलत तरीके से फंसाया गया है।









