राजकीय महाविद्यालय नारनौंद में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन और कविता पाठ से मोहा मन
Narnaund News: राजकीय महाविद्यालय नारनौंद (Government College Narnaund) में आयोजित Talent Hunt Competition के दौरान विद्यार्थियों ने Dance Competition, Singing Competition और Poetry Recitation Competition में शानदार प्रदर्शन किया। इस College Cultural Program का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को निखारना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना था।
राजकीय महाविद्यालय नारनौंद में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पंकज गोयत और कॉलेज काउंसिल के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कला प्रस्तुत करने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने और मंचीय कौशल विकसित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
नृत्य प्रतियोगिता में पलक ने मारी बाजी
प्रोफेसर जगरूप सिंह ने प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि ( Narnaund Talent Hunt Competition ) नृत्य प्रतियोगिता में पलक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्वीटी और चाहत संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि निशा ने तीसरा स्थान हासिल किया।
कविता पाठ प्रतियोगिता में पल्लवी प्रथम, सोनू द्वितीय और स्वीटी तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, गायन प्रतियोगिता में लोकेश ने पहला और अजनबी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसी प्रतियोगिताएं

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पंकज गोयत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभा खोज जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व में निखार आता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सतीश कुमार और सोनिया नवल ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सतीश कुमार और सोनिया नवल ने किया। कार्यक्रम की सफलता में कॉलेज काउंसिल, सांस्कृतिक समिति, प्राध्यापकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।











