Amit Shah visit in Haryana
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘खादी कारीगर महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ गांव, कृषि, महिलाएं, दलित और आदिवासियों को केंद्र में रखती है। यह नीति पारदर्शिता, तकनीक और सदस्यों के हितों को प्राथमिकता देती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज खादी उत्पाद लोकल से ग्लोबल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में खादी आत्मनिर्भर भारत का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है।
पंचकूला में खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग के नवनिर्मित कार्यालय और गोदाम का उद्घाटन भी जल्द किया जाएगा, जिससे हरियाणा में खादी से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
रोहतक में खादी कारीगर महोत्सव में गृह मंत्री अमित शाह ने खादी को विकसित भारत की नींव बताया! उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी ने एक नया सफर तय किया है। शाह ने बताया कि खादी का टर्नओवर ₹33 हजार करोड़ से बढ़कर आज ₹1.70 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
इस अवसर पर कारीगरों को ₹301 करोड़ की मार्जिन मनी और आधुनिक टूल किट वितरित किए गए। यह वितरण स्वदेशी से स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका सीधा लाभ हमारे मेहनती कारीगरों को मिलेगा।
“हमारा लक्ष्य: ‘खादी फॉर नेशन’ के साथ-साथ ‘खादी फॉर फैशन’ बनाना है! हर भारतीय की भागीदारी से हम देश को आत्मनिर्भर बना सकते हैं,”
भारत अब विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश: अमित शाह

Amit Shah ने कहा कि श्वेत क्रांति-2 के तहत 75,000 से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना, 40,000 सहकारी संस्थाएं सुदृढ़। 2029 तक हर गाँव को सहकारिता से जोड़ा जाएगा। अमित शाह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के सरकारी नौकरी मिलना प्रदेश में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ा रहा है,”

इसके अलावा उन्होंने कुरुक्षेत्र में आयोजित नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में विकास को नई गति देने वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप दोष सिद्धि दर 82.6% तक पहुँची है। “नए कानूनों से देश की न्याय प्रणाली और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बनी है, जिससे आमजन को त्वरित न्याय मिल रहा है।”: