ATS Kashmir Digital Arrest Cyber Fraud Jind News Today
Jind News Today : साइबर क्राइम थाना जींद पुलिस टीम ने एटीएस कश्मीर का सदस्य बनकर एक सेवा निवृत्त कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर 20 लाख रुपये की ठगी ( Cyber Fraud) करने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
जींद साइबर थाना में Cyber Fraud का मामला दर्ज
थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जींद निवासी टेकराम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने स्वयं को एटीएस कश्मीर का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि शिकायतकर्ता के नाम से एचडीएफसी बैंक खाते के माध्यम से आतंकवादियों को करोड़ों रुपये की फंडिंग की गई है और इसी आधार पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी भय दिखाकर साइबर धोखाधड़ी
आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर शिकायतकर्ता को घर पर ही “डिजिटल अरेस्ट” कर लिया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 20 लाख रुपये जमा करवा लिए। दिनांक 4 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने थाना साइबर क्राइम जींद में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर ठग उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम जींद में मुकदमा नंबर 1 दिनांक 5 जनवरी 2026 को विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी राशिद निवासी बेतियाता, गोरखपुर तथा गिरिजेश निवासी तिवारीपुर, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान आरोपी राशिद से कमीशन के रूप में प्राप्त राशि में से 47 हजार रुपये तथा आरोपी गिरिजेश से 90 हजार रुपये बरामद किए गए। पुलिस हिरासत रिमांड समाप्त होने पर दोनों आरोपियों को दोबारा माननीय अदालत में पेश कर जिला जेल भेज दिया गया।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या व्हाट्सएप कॉल पर स्वयं को पुलिस, एटीएस या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने-धमकाने वालों से सतर्क रहें और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें।