CM Flying Raid on Unrecognized Private School
Hisar Abtak : हरियाणा में बिना मान्यता के बीच प्राइवेट स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कानून की धज्जियां उड़ाने वाले निजी स्कूल संचालक कक्षाओं में कानून की पालना करने का पाठ छात्रों को पढ़ाते हुए नजर आ जाते हैं। ये हम नहीं मंगलवार को एक बिना मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूल में सीएम फ्लाइंग रेड ( CM Flying Raid) से साबित हो गया।
बिना मान्यता के दसवीं तक चल रहा स्कूल करवाया बंद
हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव मदनपुरा में संचालित एक गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूल पर मंगलवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने रेड की। औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि पाल मिडल स्कूल नाम से चल रहे इस संस्थान में बिना किसी मान्यता के नर्सरी से लेकर 10वीं कक्षा तक की कक्षाएं चलाई जा रही थीं। स्कूल में अव्यवस्थित माहौल और नियमों की भारी अनदेखी को देखते हुए स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद करवाने के आदेश दिए गए।
CM flying Raid Hisar Uklana का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया। टीम में उनके साथ उप-जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र सिंह, एसआई जितेंद्र, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और विजय भी शामिल थे।
पाल मिडल स्कूल में सामने आई गंभीर खामियां
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि गांव मदनपुरा में बिना अनुमति एक स्कूल संचालित किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को न तो मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं और न ही शिक्षा का उचित वातावरण। जिसके बाद जब टीम स्कूल पहुंची, तो पाया गया कि—
स्कूल में नर्सरी से 10वीं तक कुल लगभग 62 विद्यार्थी पढ़ रहे थे। कक्षाओं में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। स्कूल परिसर शिक्षा के अनुकूल नहीं था और कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खैरी ( Sunrise senior secondary School khairi ) की डीएमसी, कुछ खाली चरित्र प्रमाण पत्र तथा स्वामी विवेकानंद स्कूल, उकलाना ( Swami Vivekanand School uklana ) से संबंधित दस्तावेज भी मिले। स्कूल संचालक पंकज से मान्यता संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी मान्यता-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। ( Haryana Hisar News Today )
इन सभी अनियमितताओं के आधार पर उप-जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र सिंह ने स्कूल को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही, बच्चों की छुट्टी करवाकर उन्हें सुरक्षित घर भेजा गया। पाल मिडल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को क्लस्टर अनुसार नजदीकी स्कूल में भेजा जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न होने पाए। टीम ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई के लिए भेजेगा।
गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ सख्त सरकार
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिले। इसके लिए गांव-गांव में सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को किसी भी अवैध या गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला न दिलाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि हमारे बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़-लिखकर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। अभिभावकों को भी जागरूक होना चाहिए और बच्चों को केवल मान्यता प्राप्त स्कूलों या सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा दिलानी चाहिए।”
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