Hansi City Barish : लोग बोले एक हजार करोड़ रुपए चढ़ गए भ्रष्टाचार की बली
Hansi City News : हांसी शहर और उसके आसपास के एरिया में हुई बारिश ने शासन व प्रशासन की नाकामियों को पूरी तरह से उजागर हो गई है और कहा जा सकता है कि जल-थल एक हो गए हैं। यह ठीक है कि बारिश अच्छी हुई है, लेकिन बारिश इतनी भी नहीं हुई कि नगर के अंदर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाएं। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी बस स्टैंड और सड़कें जलमग्न हैं। क्योंकि जिस तरह से पिछले काफी समय से क्षेत्र के विकास पर एक हजार करोड़ रुपए से भी अधिक राशि खर्च करने की बातें कही जा रही हैं, उस हिसाब से तो इतनी बारिश में नगर में इतने बुरे हालात नहीं बनने चाहिए। यहां बने हालातों को प्राकृतिक आपदा नहीं कह सकते। यहां कुछ लोगों ने शहर का सत्यानाश करके रख दिया है, जिसकी तस्वीर अब खुलकर सामने आई है। निजी स्वार्थो के चलते यह बारिश आपदा बनी और इस बारिश में तो सब कुछ पानी हो गया। अब इस आपदा में भी अवसर खोजे जा रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों की बारिश से Hansi City में बिगड़ रहे हालातों के चलते अब लोगों का गुस्सा उजागर होने लगा है और लोग काफी रोषित हैं। इसी के चलते आज अनाज मंडी हांसी के व्यापारी पब्लिक हैल्थ दफ्तर में पहुंचे तो अनाज मंडी व एच. एस.वी.पी. सैक्टर में पानी निकासी न होने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बताया गया है कि दोपहर बाद मंडी के व्यापारी पब्लिक हैल्थ दफ्तर में पहुंचे, वहां से एक्सईएन को फोन लगाया तो उन्होंने कहा कि वे भिवानी रोड पर हैं, यहां आ जाओ।
व्यापारी भिवानी रोड पर पहुंचे तो वहां उन्हें अधिकारी नहीं मिले। उन्होंने वहां से फिर फोन मिलाया तो जवाब मिला कि मैं दफ्तर में आ गया हूं। इस पर व्यापारी वापिस दफ्तर में पहुंचे तो वहां जमकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान तीखी बहस हुई। व्यापारियों ने एक्सईएन को स्पष्ट कहा कि अपनी सीट छोड़कर हमारे साथ अनाज मंडी के अंदर चली और वहां – के बिगड़े हालातों को देखो।

व्यापारियों के गुस्से को देखते हुए एक्स ई एन उनके साथ अनाज मंडी में गए और वहां जायजा लिया। उन्होंने व्यापारियों को कहा कि अनाज मंडी के पानी को लंबा पाइप लगाकर जींद रोड पर चद्दरपुल ड्रेन में छोड़ने का काम तुरंत शुरू किया जाएगा। इस पर व्यापारी शांत हुए। एक्सईएन व्यापारियों के साथ ड्रेन पर भी गए। व्यापारियों में प्रमुख रूप से वरिष्ठ व्यापारी नेता रामावतार तायल, कमलेश गर्ग और बजरंग बंसल मौजूद थे।
व्यापारियों ने बताया कि 50 वर्षों से अनाज मंडी का बारिश में ऐसा बुरा हाल नहीं हुआ, जो इस बार हुआ है। अनाज मंडी में व्यापारियों के गोदामों तक में पानी घुस गया है और लाखों रुपए का नुक्सान हो गया है। पब्लिक हैल्थ विभाग पर आरोप लगाया गया कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला सारा पैसा खुर्दबुर्द किया जा रहा है और धरातल पर कोई काम नहीं किया जा रहा।
पॉश एरिया माने जाने वाला सेक्टर 6 में कई-कई फुट तक जमा हुआ पानी, लोग घरों में हुए कैद
खास बात यह भी है कि Hansi City का पॉश एरिया माने जाने वाला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर 6 में कई-कई फुट तक पानी जमा हो गया है और लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। पानी घटने की बजाय बढ़ रहा है। ऐसे ही दूसरे पॉश एरिया माने जाने वाले मॉडल टाउन में भी पानी निकासी न होने से बुरा हाल है। यहां की रेजिडेंट वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जे. पी. यादव ने कहा कि वे लम्बे समय से क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था को लेकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं।
उमरा गेट से जाट धर्मशाला के मार्ग पर तो कई दिनों से गहरी नहर चल रही है। विश्वकर्मा चौक तौरण द्वार से लेकर उमरा गेट तक का मार्ग भी जलमग्न है। एस.डी. महिला महाविद्यालय पानी में तैर रहा है। गांधी कॉलोनी पानी से लबालब है और लोग आंसू पी रहे हैं। एस.डी. महिला महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. सुरेश गुप्ता ने कहा है कि गांधी कॉलोनी वालों ने कॉलोनी का पानी निकालने के लिए कॉलोनी के साथ लगती कॉलेज की दीवार तोड़ दी है। शहर में निचले बाजारों में दुकानें बंद हैं।
असल में यह माना जा रहा है कि विभाग ने Hansi City में बारिश से पहले जल निकासी के कोई प्रबंध किए ही नहीं और अब जब पूरा नगर जलमग्न हो गया है तो पानी निकासी के लिए नक्शे बना रहे हैं और एक दूसरे विभाग पर जिम्मेवारी डाल रहे हैं। शहर में सीवरेज व्यवस्था ठप्प हुई पड़ी है और इसी कारण से हर जगह बरसात का पानी जमा हो गया है।शहर के सभी मुख्य मार्ग ही लगातार पानी से लबालब हुए पड़े हैं और नीचे पड़ने वाली कॉलोनियों का तो बिल्कुल ही बुरा हाल है।