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हांसी समाचार: धान की पराली और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए हांसी में जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर एसडी महिला महाविद्यालय, हांसी के सभागार में ग्राम स्तरीय टास्क फोर्स कमेटियों में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने की।
बैठक में हांसी, नारनौंद और बास क्षेत्रों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए गठित निगरानी कमेटियों के कार्यों और अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई।
हांसी, नारनौंद और बास में 97 निगरानी कमेटियां गठित
प्रशासन की ओर से हांसी, नारनौंद और बास क्षेत्रों के लिए कुल 97 ग्राम स्तरीय निगरानी कमेटियां गठित की गई हैं। प्रत्येक कमेटी में पटवारी, ग्राम सचिव, पुलिस विभाग के एक कर्मचारी और कृषि विभाग के एक कर्मचारी को शामिल किया गया है।
इन कमेटियों को अपने निर्धारित गांवों और क्षेत्रों में नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। खेतों में फसल अवशेष जलाने की किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निगरानी व्यवस्था जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर पैनी नजर रखें।
उन्होंने कहा कि निगरानी कमेटियां अपने क्षेत्र की गतिविधियों का उचित रिकॉर्ड और रिपोर्ट तैयार करें तथा किसी भी घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को तुरंत उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए।
लक्षित सरीन ने कहा कि फसल अवशेष जलाने की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही सामने आने पर संबंधित निगरानी कमेटी के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक करने पर जोर
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी और कार्रवाई के साथ-साथ किसानों को जागरूक करना भी जरूरी है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की उपलब्ध तकनीकों, कृषि यंत्रों और अन्य साधनों के बारे में जानकारी दी जाए। किसानों को पराली नहीं जलाने तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ गांव स्तर तक प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टास्क फोर्स में शामिल कर्मचारियों को किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने और फसल अवशेषों को खेत में मिलाने सहित अन्य वैज्ञानिक प्रबंधन उपायों की जानकारी देने को कहा गया।
अधिकारियों ने बैठक में दी अब तक की कार्रवाई की जानकारी
बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में फसल अवशेष प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था के तहत अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी लगातार जारी रखें। उन्होंने फसल अवशेष जलाने की घटनाओं से संबंधित सूचना, निरीक्षण और कार्रवाई का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डीएसपी विनोद शंकर भारद्वाज, बीडीपीओ अशोक मेहरा, एसएमएस डॉ. आरती, एसएमएस एग्रो डॉ. प्रीति वर्मा, एसएमएस डॉ. रॉबिन, तकनीकी सहायक डॉ. विकास सिंह सहित कृषि, राजस्व, विकास एवं पंचायत, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।










