ढाणियों में बिजली की समस्या होगी दूर: AP फीडर से 16 घंटे मिलेगी Electricity आपूर्ति

By sunilkohar

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ढाणियों में बिजली की समस्या होगी दूर: AP फीडर से 16 घंटे मिलेगी सिंगल-फेज आपूर्ति

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किसानों को 8 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी जारी

Hisar News : नलवा विधानसभा क्षेत्र की ढाणियों में रहने वाले लोगों को बिजली संबंधी समस्याओं ( Electricity) से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। विधायक रणधीर पनिहार द्वारा 22 सितंबर को आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाए गए महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर हरियाणा सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। अब एग्रीकल्चरल पंप (एपी) फीडर से किसानों के ट्यूबवेलों के लिए निर्धारित 8 घंटे की तीन-फेज बिजली आपूर्ति के बाद शेष 16 घंटे सिंगल-फेज बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

 

बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद

विधायक रणधीर पनिहार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता का परिचय दिया है। इस निर्णय से न केवल ढाणियों में बिजली कनेक्शन प्राप्त करना आसान होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी।

 

एपी फीडर से ट्यूबवेलों को प्रतिदिन 8 घंटे बिजली

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से एपी फीडर और आरएस फीडर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है। एपी फीडर से खेतों में लगे ट्यूबवेलों को तीन-फेज बिजली दी जाती है, जबकि आरएस फीडर से गांव की आबादी को सामान्य बिजली आपूर्ति होती है। पूर्व व्यवस्था में एपी फीडर से ट्यूबवेलों को प्रतिदिन 8 घंटे तीन-फेज बिजली मिलती थी और शेष 16 घंटे यह लाइन बंद रहती थी।

 

बिजली कनेक्शन लेना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण

ढाणियों में बिजली समस्या होगी दूर: AP फीडर से 16 घंटे मिलेगी सिंगल-फेज सप्लाई - विधायक रणधीर पनिहार

उन्होंने बताया कि ढाणियों में रहने वाले परिवारों को नियमित बिजली उपलब्ध कराने के लिए अलग से विशेष लाइन बिछाने की आवश्यकता पड़ती थी। इस प्रक्रिया में काफी खर्च आता था और इसका एक हिस्सा उपभोक्ताओं को भी वहन करना पड़ता था। इससे ढाणियों में रहने वाले लोगों के लिए बिजली कनेक्शन लेना आर्थिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था।

 

पुराने सिस्टम की दिक्कतें और नई व्यवस्था के फायदे

ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से दो प्रकार के फीडर कार्यरत रहते हैं:

  • AP फीडर (एग्रीकल्चरल पंप): मुख्य रूप से खेतों में लगे ट्यूबवेलों को सिंचाई के लिए बिजली देने हेतु उपयोग होता है।

  • RS फीडर (रूरल सप्लाई): गांवों की मुख्य आबादी और रिहायशी इलाकों में बिजली सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

व्यवस्था पुरानी व्यवस्था नई व्यवस्था
AP फीडर 3-फेज (सिंचाई के लिए) प्रतिदिन 8 घंटे प्रतिदिन 8 घंटे (यथावत रखी गई)
शेष 16 घंटे (घरेलू उपयोग) लाइन पूरी तरह बंद रहती थी 16 घंटे सिंगल-फेज बिजली आपूर्ति
ढाणी कनेक्शन प्रक्रिया अलग से महंगी विशेष लाइन बिछानी पड़ती थी बिना अतिरिक्त लाइन बिछाए सीधा कनेक्शन संभव
उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ भारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च सहना पड़ता था उपभोक्ता और सरकार दोनों का खर्च बचेगा

जन संवाद कार्यक्रम में उठा था मुद्दा

विधायक ने बताया कि जन संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष सुझाव रखा था कि एपी फीडर पर ट्यूबवेलों के लिए निर्धारित 8 घंटे की तीन-फेज बिजली आपूर्ति यथावत रखी जाए और शेष 16 घंटे, जहां जगमग योजना लागू है, उसी फीडर से सिंगल-फेज बिजली उपलब्ध कराई जाए। इससे ढाणियों में रहने वाले परिवारों को बिना अलग विशेष लाइन के बिजली सुविधा मिल सकेगी।

 

नायब सिंह सैनी बिजली योजना

विधायक ने कहा कि इस व्यवस्था से सरकार पर अतिरिक्त बिजली अवसंरचना विकसित करने का भार भी कम होगा। गांवों से ढाणियों तक अलग विशेष लाइन बिछाने पर होने वाला खर्च बचेगा और उपभोक्ताओं को भी विशेष लाइन के लिए अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं उठाना पड़ेगा। इससे किसानों और ग्रामीण परिवारों दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों, ग्रामीणों और आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए बिजली, पानी, सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

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