सरकार की योजना

हरियाणा सरकार की नई और चल रही योजनाओं की पूरी जानकारी पाएं। जानिए सामाजिक कल्याण से जुड़ी सभी latest Haryana government scheme 2026

How to avail benefits of PM Vishwakarma Yojana

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में प्रत्येक लाभपात्र को कवर करते हुए उसे योजना का पूरा-पूरा लाभ देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। शिल्पकार व कारीगर समाज के नवनिर्माण में अपना बहुमूल्य सहयोग देते हैं। शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को सम्मान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए PM Vishwakarma Yojana की शुरुआत की है जिससे शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को नई पहचान मिल रही है। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ करने में मदद कर रही है।

 

एडीसी राहुल मोदी ने पीएम विश्वकर्मा योजना से संबंधित बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

रेवाड़ी के एडीसी राहुल मोदी गुरुवार को जिला सचिवालय स्थित सभागार में PM Vishwakarma Yojana से संबंधित बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य फोकस कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। यह योजना पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी. योजना के तहत विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।

 

Benefits of PM Vishwakarma Yojana

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार की ओर से विश्वकर्मा भाइयों-बहनों को 3 लाख रुपए तक बिना गारंटी ऋण, 15 हजार रुपए के टूलकिट, स्किल अपग्रेडेशन के लिए स्किल ट्रेनिंग के साथ 500 रुपए प्रतिदिन स्टाइपेंड, तैयार उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और विज्ञापन जैसी मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत जिला में 119 लाभार्थियों को टूलकिट उपलब्ध कराई जा चुकी है।

 

इस अवसर पर विश्वकर्मा नीरज कुमार और रामजस ने अपने अनुभव सांझा करते हुए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से हुए लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संयुक्त निदेशक एमएसएमई दिग्विजय सिंह, एलटीएम राजीव रंजन कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

हरियाणा में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना की राशि बढ़ी, अब कन्यादान के रूप में मिलेंगे 51 हजार रुपये

 

Haryana CM Vivah Shagun Yojana में बड़ा बदलाव: अब मिलेंगे ₹51,000

हरियाणा सरकार ने राज्य की बेटियों के विवाह को लेकर एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना ( Haryana CM Vivah Shagun Yojana 2025 ) के तहत दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के अवसर पर सरकार की ओर से ₹51,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले यह राशि ₹41,000 थी।


क्यों लिया गया यह फैसला?

हरियाणा सरकार का मानना है कि बेटियों की शादी के दौरान आने वाला आर्थिक बोझ गरीब परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होता है। विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े वर्गों के परिवार, जिनकी आय सीमित होती है, वे अपनी बेटियों के विवाह के लिए कर्ज लेने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में सरकार ने Haryana CM Vivah Shagun Yojana की राशि में बढ़ोतरी कर इन परिवारों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है।


क्या है Haryana CM Vivah Shagun Yojana?

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के निर्धन, पिछड़े, अनुसूचित जाति व वर्गों के परिवारों की बेटियों की शादी के समय कन्यादान के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि सीधी लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।


कितनी हुई सहायता राशि में बढ़ोतरी?

विवरण पहले की राशि अब की नई राशि पिछड़ा वर्ग कन्या विवाह ₹41,000 ₹51,000 बढ़ोतरी की राशि — ₹10,000


किन परिवारों को मिलेगा लाभ?

  • पिछड़ा वर्ग (BC-A, BC-B) के परिवार
  • अनुसूचित जाति (SC) के परिवार
  • आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS)
  • जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम हो
  • विवाह हरियाणा राज्य में होना चाहिए
  • विवाह की आयु – कन्या: 18 वर्ष, वर: 21 वर्ष से अधिक

विवाह पंजीकरण है अनिवार्य

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए विवाह के 6 महीने के भीतर विवाह का रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कराना अनिवार्य होगा। इसके बिना लाभार्थी को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।


कैसे करें आवेदन?

अब इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बना दिया गया है। इच्छुक लाभार्थी shadi.edisha.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

  1. पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें
  2. लाभार्थी का आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र अपलोड करें
  3. बैंक खाता विवरण भरें
  4. फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या सुरक्षित रखें
  5. सत्यापन के बाद राशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी

आवश्यक दस्तावेज़:

  • कन्या और वर का आधार कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र (पारिवारिक)
  • जाति प्रमाण पत्र
  • विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate)
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile of Haryana)

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

  • पोर्टल पर लॉगइन करें
  • ‘आवेदन की स्थिति’ सेक्शन में जाकर आवेदन संख्या डालें
  • वहां से आवेदन की प्रगति, मंजूरी की स्थिति आदि देखी जा सकती है

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा,

“हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बेटी विवाह के अवसर पर आर्थिक संकट का सामना न करे। यह बढ़ी हुई राशि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक विवाह की व्यवस्था में मदद करेगी। हमारी सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के साथ-साथ ‘बेटी ब्याहो, सरकार साथ’ के उद्देश्य को भी पूरा कर रही है।”


अब तक कितने परिवारों को मिला लाभ?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत लगभग 1.2 लाख बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि जारी की गई थी। इस वर्ष राशि बढ़ाए जाने से यह संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।


योजना के मुख्य लाभ

  • विवाह के समय आर्थिक सहायता
  • बेटियों के सम्मानजनक विवाह में मदद
  • शादी के खर्चों में राहत
  • भ्रष्टाचार रहित सीधी बैंक खाते में राशि ट्रांसफर
  • ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

भविष्य की योजनाएं

सरकार इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए जिलास्तरीय निगरानी समितियों का गठन भी कर रही है ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के माध्यम से जोड़ने की योजना पर भी कार्य चल रहा है।

जरूरी लिंक:

Congress leader Randeep Surjewala came out in support of HAU Hisar students  

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में भाजपा सरकार व भाजपाई वीसी की सरेआम गुंडागर्दी व धींगामस्ती – सुरजेवाला  

Haryana News Today : चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ( HAU Hisar ) में मंगलवार को विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों, जो मवाली और गुंडों से भी बुरा व्यवहार कर रहे थे, द्वारा लाठी तंत्र के इस्तेमाल पर सांसद और कांग्रेस महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है। सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार की शह पर विश्वविद्यालयों के भाजपाई वीसी मेधावी छात्रों के सिर फुड़वा रहे हैं और शरीर तुड़वा रहे हैं।

 

छात्रों पर हमला करवाने के जुर्म में भाजपाई वीसी पर मुकद्दमा दर्ज करके गिरफ्तार करने की मांग

यहां जारी बयान में रणदीप ने सरकार से सवाल किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी स्कॉलरशिप बहाली की मांग कर रहे छात्रों पर हमला करने का अधिकार यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारियों को किस कानून के तहत दिया गया? सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पिछलग्गू भाजपाई वीसी और रजिस्ट्रार के आदेशों पर छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज एक आपराधिक कृत्य है और इसके लिए यूनिवर्सिटी के वीसी, रजिस्ट्रार तथा सुरक्षा इंचार्ज को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।

 

रणदीप बोले, हिसार में नायब सैनी सरकार की शह पर स्कॉलरशिप मांग रहे छात्रों से खूनी खेल

रणदीप ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार ये कह रहे हैं कि भाजपा सरकार लगातार इस देश के लोकतंत्र और संविधान को खत्म करके तानाशाही कायम कर रही है तथा जनता के अधिकारों को खत्म कर रही है। भाजपा की तानाशाही का इससे बड़ा प्रमाण और क्या होगा कि पुलिस के साथ-साथ अब तो यूनिवर्सिटीज के सुरक्षाकर्मी भी जनरल डायर बनकर लाठियां भांज रहे हैं। छात्रों पर हुए हमले में 20 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इतना बड़ा हमला मुख्यमंत्री नायब सैनी की शह के बिना अकेला वीसी नहीं करवा सकता।

 

मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप रोककर नायब सैनी की सरकार लाठियां-डंडे मरवा रही व युवाओं का भविष्य मलियामेट कर रही

उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बने ग्यारह साल होने वाले हैं। इन ग्यारह सालों में भाजपा के आलीशान दफ्तर तो हर शहर में बन गए हैं लेकिन, इन्होंने हमारे बने-बनाए शिक्षण संस्थान तबाह कर दिए। सुरजेवाला ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मोदी अक्सर पूछते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया? मोदी जी को बता दें कि कांग्रेस ने 70 साल में ये विश्वस्तरीय संस्थान बनाए थे जिनको आगे बढ़ाना तो दूर की बात भाजपा सरकार इनको ठीक से चला भी नहीं पा रही है। अब तो हालात ये हो गए हैं कि मेधावी छात्रों को सुविधाएं देना तो दूर की बात, वज़ीफ़े का अधिकार क़ायम रखने की मांग पर भी उन्हें लाठियों से पीटा जा रहा है।

 

पूछा, यूनिवर्सिटी की सिक्युरिटी को छात्रों के सिर फोड़ने का अधिकार किसने दिया?

सुरजेवाला ने कहा कि पिछले साढ़े दस साल में भाजपा ने सैंकड़ों स्कूल बंद कर दिए। कॉलेजों में ना स्टाफ पूरा है और ना ही बच्चे हैं। यूनिवर्सिटीज में पिछले 10 साल में एक भी कोर्स सरकारी खर्च पर शुरू नहीं किया गया है। सब कुछ सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम के अंतर्गत चलाया जा रहा है। यूनिवर्सिटीज में रिसर्च की सुविधाएं सिकुड़ रही हैं और पीएचडी की फीस लाखों में पहुंच गई है।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार को तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने हजारों करोड़ का निवेश करके इसे एशिया का सबसे बड़ा कृषि विश्वविद्यालय बनाया था लेकिन आज हालात ये हैं कि वित्तीय संकट दिखाकर छात्रों की स्कॉलरशिप काटने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि जब से यह विश्वविद्यालय बना है एमएससी और पीएचडी के विद्यार्थियों को 75% से अधिक अंक लाने पर छात्रवृत्ति मिलती रही है। यह छात्रवृत्ति प्रदेश में वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वस्तरीय तकनीक विकसित करने और विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से छात्रों को प्रोत्साहन के रूप में दी जाती है ताकि गरीब कमजोर परिवार का बच्चा भी कृषि वैज्ञानिक बन सके लेकिन, भाजपा को इन युवा प्रतिभाओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति की यह व्यवस्था भी मंजूर नहीं। ये लोग सरकारी उत्सवों और अंधविश्वास फैलाने के लिए अरबों रुपया खर्च कर सकते हैं क्योंकि अंधविश्वास और पाखंड से ही इनकी राजनीति चलती है। युवाओं की शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भाजपा के एजेंडे को चोट पहुंचती है इसलिए ये लोग प्रदेश की यूनिवर्सिटीज से वैज्ञानिक शोध और तकनीकी शिक्षा को आम जन से दूर रखना चाहते हैं लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भाजपा को इस प्रदेश के युवाओं को तबाह करने के इनके एजेंडे में सफल नहीं होने देगी।

सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से माग की कि मुख्यमंत्री महोदय लतीफेबाजी छोड़कर कुछ रचनात्मक काम करें। प्रदेश की यूनिवर्सिटीज की सरकारी ग्रांट में हर साल जो कटौती की जा रही है उसे बंद करके विश्वविद्यालयों के लिए उचित धन, स्टाफ, संसाधन और भवनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। विश्वविद्यालयों में वीसी रजिस्ट्रार के पदों पर पढ़े लिखे और बुद्धिजीवी लोगों की नियुक्ति की जाएं और इन पदों पर बोझ बन चुके आरएसएस के माध्यम से नियुक्त इन नकारा लोगों को चलता किया जाए। सुरजेवाला ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वीसी, रजिस्ट्रार तथा सुरक्षा इंचार्ज की तुरंत गिरफ्तारी हो और छात्रों की छात्रवृत्ति बहाल की जाए, घायल छात्रों के इलाज की उचित व्यवस्था की जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

रणदीप ने कहा कि छात्रवृत्ति का मामला केवल हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय तक ही सीमित नहीं है प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में रिसर्च के छात्रों को मिल रही यूआरएस भी अब ऊंट के मुंह में जीरा बन चुकी है। सभी विश्वविद्यालयों में यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कॉलरशिप की संख्या दुगुनी की जाए और इसकी राशि जेआरएफ के बराबर की जाए।

Hansi Police : हांसी पुलिस का झूठे शिकायतकर्ताओं पर शिकंजा, SP ने दिए सख्त निर्देश,

बुजुर्ग की चाकू मारकर हत्या, खेत में मिला खून से सना शव, जांच में जुटी पुलिस,

प्राइवेट हॉस्पिटल में 10 साल की मौसम बच्चों के साथ दुष्कर्म का प्रयास,

प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी में शिक्षा विभाग, आरटीआई के तहत सीटों का हवाला नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर लटकी तलवार,

Barwala Hisar News : हिसार जिले के गांव में CSC Center  पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापेमारी कर दी। छापेमारी की सूचना से हिसार जिले के सीएससी सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान CM Flying Team को कुछ ऐसे सबूत मिले जिससे फर्जी तरीके से बनाई जा रही बुढ़ापा वह अन्य पेंशनों का भंडाफोड़ हो गया। टीम ने सीएससी सेंटर के अंदर मिले जरूरी कागजातों सहित अन्य सामान को अपने कब्जे में ले लिया है।

Hisar Barwala banbhori CSC center CM Flying Raid

मिली जानकारी के मुताबिक CM Flying के पास पिछले काफी समय से शिकायत मिल रही थी। शिकायतों में बताया जा रहा कि CSC Center Banbhori ( Atal Seva Kendra Banbhori Hisar) पर लोगों के गलत कागजात तैयार कर बुढ़ापा पेंशन सहित अन्य Government Schemes का लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा है। टीम ने सोमवार को गांव बनभौरी स्थित Pravesh Atal Seva Kendra Banbhori (CSC Center) पर छापेमारी कर दी। छापेमारी के दौरान टीम को कुछ ऐसे कागजात व मोहरे मिली जिसे देखकर उनकी आंखें भी फटी की फटी रह गई।

CM Flying को कई स्कूलों के फर्जी एसएलसी प्रमाण पत्र, स्कूलों के मोहरे, स्कूल प्रिंसिपल की मोहर व हस्ताक्षर, सहित अन्य फर्जी कागजात मिले जिनका इस्तेमाल अटल सेवा केंद्र संचालक लोगों की गलत तरीके से बुढ़ापा पेंशन सहित अन्य Haryana Government scheme and Centre Government Scheme का लाभ के लिए फर्जी कागजात तैयार कर गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर सरकार को चूना लगा रहा था।

टीम के सदस्यों का मानना है कि इस ग्रुप के तार प्रदेश के अन्य गांव व शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं क्योंकि यहां से मिले कागजात व अन्य सबूतों से लग रहा है कि यह धंधा बड़े स्तर पर करने का अंदेशा हो रहा है। सीएम फ्लाइंग की टीम सीएससी सेंटर के अंदर मिला मोहर व हस्ताक्षर के बारे में भी संबंधित स्कूलों और संबंधित प्रिंसिपल से भी संपर्क साधने का प्रयास कर रही है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने सीएससी सेंटर से कंप्यूटर, कागजात सहित अन्य सामान को अपने कब्जे में ले लिया है।

इस संबंध में सीएम फ्लाइंग टीम के इंचार्ज सुनैना से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत मिली थी कि बनभौरी गांव के सीएससी सेंटर पर बगदाद में एडिटिंग करके लोगों की बुढ़ापा पेंशन बनवाने सहित अन्य सरकारी योजनाओं का ग़लत तरीके से कार्य‌ किया जा रहा है। टीम ने सीएससी सेंटर पर छापेमारी की तो वहां पर बहुत सारी फर्जी मोहरें, फर्जी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ( SLC certificate ) के परफॉर्मो सहित अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर हर दशा विभाग को चूना लगाया जा रहा था। इस ग्रुप के तार अलग-अलग गांव और शहरों तक भी जुड़े हो सकते हैं इसकी भी जांच की जा रही है।

आपको बता दे की काफी संख्या में सीएससी केंद्र संचालक बिना उम्र हुए ही लोगों की फर्जी का जाटों के सहारे बुढ़ापा पेंशन बनवाने का गोरख धंधा कर रहे हैं। इसकी एवज में वो लाभार्थी परिवार से 1 साल की बुढ़ापा पेंशन या 1 साल तक मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ खुद लेते हैं और तभी उसका काम पूरा करके देते हैं। अगर कोई व्यक्ति अटल सेवा केंद्र संचालक को इस कार्य के बदले पैसे देने से मना कर देता है तो उसे योजना का पात्र होने के बावजूद भी काफी समय तक योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रखने में इनका अहम योगदान होता है।

लोगों ने बताया कि सीएससी सेंटर पर इन कार्यों में होती है बड़े स्तर पर धांधली
बुढ़ापा पेंशन योजना का लाभ दिलाने के लिए।
फैमिली आईडी में इनकम कम दर्शा कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने,
गलत कागजात तैयार कर आयुष्मान कार्ड बनाने,
फर्जी तरीके से टेक्स तैयार कर बीपीएल श्रेणी में नाम दर्ज करवाने।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी सहायता दिलवाने।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी फर्जीवाड़ा
संयुक्त परिवार के लोगों को अलग-अलग दिखाकर उनकी अलग फैमिली आईडी बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने।
फोटो एडिट करके बिजली विभाग के डिपार्टमेंट को नया कनेक्शन दिलवाने सहित दर्जनों ऐसी योजनाएं हैं जिनमें खुलेआम फर्जीवाड़े की बू आ रही है।

बरवाला थाना पुलिस को दी शिकायत में सीएम फ्लाइंग की तरफ से बताया गया

मुख्यमंत्री उड़न दस्ता हिसार टीम इंचार्ज सुनैना ने बतलाया कि गांव बनभौरी में मां भगवती अटल सेवा केंद्र का संचालक हरनीत तथा प्रवेश CSC सेंटर बरवाला वोटर कार्ड आईडी से छेड़छाड़ करके वोटर कार्ड जारी करने की तिथि को बदला जा रहा है तथा झूठे स्कूल लिविंग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे और इनके आधार पर लोगों द्वारा बुढ़ापा पेंशन आदि बनवाई जा रही है कि गुप्त सूचना प्राप्त हुई है। 

मुख्यमंत्री उड़न दस्ता हिसार की टीम के साथ संयुक्त टीम गठित करके प्रवेश CSC सेंटर बनभौरी पर रेड की गई जो केंद्र संचालक प्रवेश पुत्र बलवन्त वासी सदलाना हाजिर मिला और बतलाया है कि यह CSC अटल सेवा केंद्र बनभौरी मैंने मेरे नाम से मैंने लाइसेंस बनवाया हुआ है सयुक्त टीम द्वारा CSC सेंटर का निरीक्षण किया गया दौरान निरीक्षण प्रवेश का VIVO का गोल्डन कलर का मोबाइल 74190 19990 को चेक किया। जिसके व्हाट्सएप में दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करके तिथि बदलने तथा उनके बदले पैसों के लेनदेन की बातचीत पाई गई। 

इस व्हाट्सएप चैटिंग बारे प्रवेश उक्त ने बतलाया कि मां भगवती अटल सेवा केंद्र बनभौरी का संचालक हरनीत वासी डाटा मेरे पास अपनी Mail id harnit.singh87@gmail.com से मेरी mail id पर तथा मेरे व्हाट्सएप पर दस्तावेज जिनके साथ छेड़छाड़ करके भेजता था तथा वोटर कार्ड आईडी के दस्तावेज भेजता था वोटर कार्ड आईडी में मैं अपने कंप्यूटर से हरनीत के कहने पर जारी होने की तारीख बदलकर उक्त सभी दस्तावेजों की प्रति हरनीत को देता हूं। 

इस ऐवज में हरनीत मुझे पैसे देता है और सभी दस्तावेज हरनीत अपने सेंटर मां भगवती अटल सेवा केंद्र पर रखता है इसके उपरांत मां भगवती सेवा केंद्र बनभौरी पर पहुंचे तो सेंटर पर ताला लगा पाया गया इस पर हरनीत के मोबाइल नंबर 93508 41290 पर संपर्क करके सैन्टर खोलने बारे काल की गई जिसने बतलाया कि मैं आज नहीं आ सकता जिस पर गांव बनभौरी के चौकीदार अजीत कुमार पुत्र बलवंत सिंह वासी बनभौरी तथा गांव के मौजिज व्यक्ति मानसिंह पुत्र मांगाराम वासी बनभौरी को बुलाकर दुर्गा मेडिकल हॉल बनभौरी से ताली लेकर मां भगवती अटल सेवा केंद्र को खुलवाया तथा निरीक्षण किया गया। 

निरीक्षण पर स्कूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र की बुक पाई गई तथा एक स्थानांतरण प्रमाण पत्र आदर्श सीनियर सेकेंडरी मदीना रोहतक से जारी हुआ है। एक प्रमाण पत्र पर हेड मास्टर G.G.E.S काब्रछा जींद की मोहर लगी है व हिसार, जींद, करनाल, कैथल, भिवानी, रोहतक आदि जिलों के वोटर कार्ड पाए गए । जिनमें से कई वोटर कार्डो को हेलो ग्राम उतरे पाए गए मौका से दो डायरी बरामद की गई जिनमें पैसों का लेनदेन किया हुआ है व एक रजिस्टर मौका से लिया गया है।

मां भगवती अटल सेवा केंद्र बनभौरी से बरामद स्कूल स्थानांतरण बुक कई जिलों की वोटर कार्ड आईडी दो स्कूल लीविंग प्रमाण पत्र दो डायरी एक लैपटॉप तथा अटल सेवा केंद्र बनभौरी से एक है CPU एक लैपटॉप पेन ड्राइव एक VIVO गोल्डन कलर मोबाइल को संपत्ति सीजर मिंमो द्वारा कब्जा पुलिस में लिया गया उपरोक्त सामान से मामला उक्त हरनीत वासी डाटा तथा प्रवेश वासी सदलाना द्वारा अपने -2 CSC सेंटर में पैसा कमाने के लालच में लोगों के साथ-साज बाज होकर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करके फर्जी दस्तावेज बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाना पाया गया।

Even rich families became poor to get ration, more than 10 thousand BPL ration cards were cancelled

263025 में से अपात्र पाए गए हजारों लाभार्थी, आलीशान कोठी, कार, विदेश से आय के बावजूद उठा रहे थे गरीबों की योजनाओं का लाभ

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए साधन संपन्न परिवारों ने खुद को ‘गरीब’ दिखा रखा था, तब ताकि गरीबों को मिलने वाला राशन व अन्य सुविधाएं उनको भी मिल सके। लेकिन सच्चाई सामने आने पर अब धीरे-धीरे उनका पर्दाफाश हो रहा है। कुछ परिवार तो ऐसे हैं जिन्होंने अपना सब कुछ एक व्यक्ति के नाम दिखाकर अन्य व्यक्ति अलग राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।

बी.पी.एल. (गरीबी रेखा से नीचे) सूची में शामिल ऐसे ही 10 हजार से ज्यादा परिवारों के कार्ड जिला प्रशासन द्वारा काट दिए गए हैं। ये कार्ड अपात्र पाए गए हैं क्योंकि जांच में इन परिवारों के पास आलीशान – मकान, चारपहिया वाहन, विदेश से आय या अन्य आर्थिक साधन मिले हैं, जिनके आधार पर वे बीपीएल सूची में आने के पात्र नहीं थे।

जिले में बी. पी.एल. कार्डधारकों की कुल संख्या 2,63,025 है, जो अब घटकर लगभग 2,53,000 रह गई है। इस प्रकार प्रशासन ने लगभग 4 प्रतिशत कार्ड धारकों को सूची से बाहर कर दिया है।

 

समीक्षा में मिला गड़बड़ी का जाल

प्रशासन ने बीपीएल सूची की पुनर्समीक्षा के दौरान पाया कि हजारों लाभार्थी खुद को गरीबी रेखा से नीचे बता रहे थे, लेकिन व्यवहार में वे पूरी तरह साधन संपन्न थे। जांच के बाद करीब 10 हजार कार्डों को रद्द कर दिया गया। अब इन परिवारों से योजनाओं के तहत मिले लाभों की भी वसूली की जा सकती है।

एक साल में 45 हजार कार्डों की समीक्षा

पिछले एक साल में प्रशासन ने करीब 45 हजार बी.पी.एल. कार्डों की समीक्षा की, जिनमें से अनेक कार्ड अपात्र पाए गए। ये वे परिवार थे जिनकी स्थिति आर्थिक रूप से मजबूत पाई गई। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और अपात्र लोगों को सूची से बाहर किया जाएगा।

 

वास्तविक पात्रों को मिलेगा लाभ

खाद्य आपूर्ति विभाग और सामाजिक व्याय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब बी. पी. एल. सूची को डिजिटल तरीके से लिंक किया जा रहा है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के जरिए आय, संपत्ति और परिवार की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सही लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। जिन लोगों ने गलत जानकारी दी है, उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

परिवारों ने फैमिली आईडी की खामियों को बताया था कारण

जिन परिवारों के बी.पी. एल. कार्ड काटे गए हैं, उनमें से अधिकतर ने परिवार पहचान पत्र में खामियों को जिम्मेदार बताते हुए सरकार की कार्रवाई को खुद के साथ ज्यादती करार दिया है। पिछले दिनों इस संबंधित बहुत से प्रभावित परिवारों ने ए.डी. सी. कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था और ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई है। जिन परिवारों के कार्ड काटे गए हैं, उनका कहना है कि कागजों में उनके यहां महंगी गाड़ियां दिखाई गई हैं, लेकिन उनके पास बाइक तक नहीं है।

3500 से ज्यादा परिवारों ने दिखाई थी शून्य आय

बीपीएल सर्वे के दौरान 3500 परिवारों ने अपनी सालाना आय शून्य दिखाई थी, लेकिन जब वास्तविक जांच हुई तो इनमें से कई परिवारों के पास महंगी कार, दो मंजिला मकान, और बैंक खातों में जमा राशि मिली। कई लोगों की आय विदेश से आ रही थी, कुछ के नाम पर बिजनैस भी थे। इसके बावजूद ये लोग बी.पी.एल. सूची में शामिल होकर मुफ्त राशन, छात्रवृत्ति, इलाज, उज्ज्वला गैस कनैक्शन जैसी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे।

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-योजना के तहत बकाया बढ़ी हुई राशि को कम दरों पर जमा कर उठाए लाभ
– डीसी अभिषेक मीणा ने कहा- 30 तक उठाएं योजना का लाभ

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अपने प्लॉट धारकों को राहत देने के लिए विवादों से समाधान योजना 2024 शुरू की है। इस योजना के तहत अब लोग अपनी लंबे समय से बकाया बढ़ी हुई राशि को कम दरों पर जमा कर सकते हैं।

  डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य पुराने विवादों को खत्म करते हुए लोगों को आसान तरीके से भुगतान करने का अवसर देना है। इस योजना में कोई कानूनी झंझट नहीं है, लोग सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तारीख 30 जून 2025 है।

डीसी ने बताया कि यह योजना आवासीय प्लॉट, फ्लैट्स, दुकानों, गेस्ट हाउस, और अन्य संपत्तियों पर लागू होती है। इस योजना को लेकर लोगों में अच्छी रुचि भी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ अब तक प्रदेश भर में 590 से ज्यादा लोग उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह योजना विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत आने वाली आवासीय प्लाट, फ्लोरवाइज रजिस्ट्रेशन, गु्रप हाऊसिंग सोसायटी साथ ही संस्थागत व औद्योगिक प्लाट वाले सभी आबंटियों और प्लाट धारकों के लिए उपलब्ध है। यह योजना 140 सेक्टर में फैली हुई है और 5000 से अधिक आवेदकों के लिए 550 करोड़ रुपए से अधिक की छूट प्रदान की जाती है।

डीसी ने सभी पात्र प्लॉट धारकों से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और बकाया बढ़ी हुई राशि का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जो भी एचएसवीपी प्लाट धारक इस योजना के दायरे में आते हैं, वे  https://vsss.hsvphry.org.in/     पोर्टल पर जाकर आवेदन करते हुए बकाया बढ़ी हुई राशि से छुटकारा पा सकते हैं।

 

 BPL card holders will soon get possession of plots

Haryana News : जिन बीपीएल कार्ड धारकां को प्लाट आवंटिट किए गए थे और उनके प्लाटों की रजिस्ट्री हो चुकी है उन्हें जल्द कब्जा दिलवाया जाए। जिन लाभार्थियों के प्लाटों की अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है अधिकारी जल्द से जल्द उन्हें पूरा कर आवेदकों को देने का काम करें। ताकि आमजन का सरकार व प्रशासन की कार्यशैली पर विश्वास बना रहे। उक्त बातें हिसार लोकसंपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अधिकाकरियों को आदेश देते हुए कहे।

 

कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने उपायुक्त अनीश यादव को निर्देश दिए कि जिन गांवों में बीपीएल श्रेणी/गरीब के प्लाटों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उनको प्लाट का जल्द कब्जा दिलवाया जाए तथा रजिस्ट्री संबंधी कोई दिक्कत है तो उसका भी समाधान किया जाए। कैबिनेट मंत्री पंवार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को लंबित परिवादों के शीघ्र समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि जन शिकायतों का निस्तारण पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए, ताकि आमजन का विश्वास प्रशासन में बना रहे। इस अवसर पर उपायुक्त अनीश यादव ने भी स्पष्ट किया कि शेष शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की देरी न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मामलों का निपटारा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का आग्रह किया।

जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की मासिक बैठक में ज्ञान चन्द गोयल की अवैध कालोनी के नक्शे आदि पर नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने की शिकायत पर कैबिनेट मंत्री ने हांसी पुलिस अधीक्षक को स्वयं जांच करने के निर्देश दिए। इस मसले पर नलवा से विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि जमीनों व प्लाटों से संबंधित मामलों में पुलिस को त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी न हो सके। स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की मासिक बैठक में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 14 में से 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। शेष 3 शिकायतों को आगामी बैठक के लिए लंबित रखते हुए उन्होंने समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

 

इसी प्रकार शिवदत, सुशील कुमार, रमेश कुमार व कृष्ण की अरेना गोल्ड सुक-कनाट प्लेस प्रोजेक्ट, सेक्टर 25 से दुकानों के रिफंड/कब्जा संबंधी शिकायतों पर अतिरिक्त उपायुक्त को पेमेंट का अग्रिम चैक दिलवाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अनूप निवासी गांव खेड़ा रांगड़ान तहसील बास की कोटे का राशन संबंधी शिकायत पर एसडीएम नारनौंद को एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि संबंधित की राशन सप्लाई को बंद कर दिया गया है। इसी क्षेत्र में राशन डिपो संचालकों से वसूली संबंधी शिकायत पर जांच हांसी पुलिस अधीक्षक को दी गई।

 

इसी प्रकार परमजीत सिंह उर्फ काला ठेकेदार निवासी गांव सिसाय बोलान की बकाया पेमेंट दिलवाने की शिकायत पर एसडीएम हांसी को मामले के निपटान के निर्देश दिए। इसी प्रकार रोहताश गुप्ता निवासी बरवाला प्रॉपर्टी आईडी संबंधी शिकायत पर नगर निगम आयुक्त को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हिदायत दी कि न्यायालय में लंबित मामलों को आगे से ग्रीवेंस बैठक में नहीं रखा जाएगा। गांव बधावड़ निवासी इंद्रो देवी द्वारा बताया गया कि उसके पति के देहांत के उपरांत हरियाणा सरकार की योजना के तहत पांच लाख रुपये मिले थे, जिसे बैंक ने ट्रैक्टर लोन मामले में किस्त काटे जाने की बात कही, जबकि यह टै्रक्टर जालसाजी व धोखाधड़ी से निकलवाया गया था। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, साथ ही अगली बैठक में संबंधित बैंक के प्रतिनिधि को भी बुलाने के निर्देश दिए गए।

 

गांव न्योली खुर्द के निवासी ओमप्रकाश द्वारा सेक्टर 14 के समीप से लेकर विभिन्न गांवों से होकर जाने वाली ड्रेन की गाद व अन्य सामग्री से भरे होने की बात कही गई, जिस पर सिंचाई विभाग व वन विभाग को मशीन लगाकर ड्रेन की सफाई करने के निर्देश दिए गए। इस मामले में नलवा के विधायक रणधीर पनिहार ने अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य आरंभ करने की हिदायत दी। एक आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा भवन निर्माण में नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायत पर बैठक में काफी देर तक मंथन हुआ।

 

 

बैठक में भाजपा नेता प्रवीण जैन द्वारा अवगत करवाया गया कि सरकार ने समाधान शिविर, सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रैकर, सीएम विंडो जैसे प्लेटफार्म आमजन की शिकायतों के लिए उपलब्ध करवाए थे, लेकिन कुछ आरटीआई कार्यकर्ता इनकी आड़ में अवैध कार्य कर रहे हैं। दो आरटीआई कार्यकर्ता तो ऐसे हैं, जो निरंतर ऐसे कार्य कर रहे हैं। इस मामले में मेयर प्रवीण पोपली ने भी अवगत करवाया कि बड़ी संख्या में आरटीआई व सीएम विंडो लगाई जा रही है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने तो एक ही समय में लगभग 600 तथा दूसरे ने विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से 2000 के लगभग शिकायतें कर रखी हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री ने उपायुक्त को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सीएम विंडो की टीम को डीईओ पत्र लिखकर ऐसे व्यक्तियों की जानकारी देने की हिदायत दी। साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 

इस अवसर पर नलवा विधायक रणधीर पनिहार, आदमपुर विधायक चंद्र प्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, उपायुक्त अनीश यादव, हांसी पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, नगर निगम आयुक्त नीरज सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सी जयाश्रद्घा, महापौर प्रवीण पोपली, जिला परिषद चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, हिसार जिलाध्यक्ष आशा खेदड़, हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, बरवाला एसडीएम डॉ वेदप्रकाश बेनीवाल, हांसी एसडीएम राजेश खोथ, नारनौंद के एसडीएम मोहित महराणा, जिला परिषद सीईओ हरबीर सिंह, जीएम रोडवेज डॉ मंगल सेन, जिला राजस्व अधिकारी विजय कुमार यादव, रणधीर सिंह धीरू, कृष्ण बिश्नोई, रामफल बूरा, प्रवीण जैन, धर्मबीर रतेरिया, नरेश नैन, अजय खन्ना, मुनीष ऐलवादी, सुनिता रेड्डू, अरुण दत्त शर्मा, पवन खारिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Online allotment process started under mukhymantri gramin Aawas Yojana 2.0

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0


-हरियाणा सरकार का है सपना, सबका घर हो अपना-डीसी


-डीसी अभिषेक मीणा ने कहा-ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉटों की बुकिंग के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू



जरूरतमंद पात्र नागरिकों को आवास दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के तहत ऑनलाइन आवंटन प्रक्रिया शुरू की गई है जिसका शुभारंभ सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया। रेवाड़ी जिला मुख्यालय पर डीसी अभिषेक मीणा ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री का संदेश सुना और योजना के मद्देनजर प्रभावी ढंग से कदम उठाने का आश्वासन दिया।

डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के तहत ग्राम पंचायत के आवेदनों के लिए 100 वर्ग गज के आवासीय प्लाट व महा ग्राम पंचायत के आवेदकों के लिए 50 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट आवंटन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत रेवाड़ी जिले के 38 गांवों का सर्वे किया गया है।

डीसी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर लोगों को पक्का घर देना है ताकि वह बेघर न रहे। सभी लोगों को अपना घर बनाने का सपना हरियाणा सरकार साकार कर रही है। इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब कोई भी परिवार प्रदेश में आवासहीन नहीं होगा, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं।

 

डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करते हुए पहले चरण में 61 ग्राम पंचायत और एक महा ग्राम पंचायत में 4532 प्लाटों का आवंटन किया गया था अब दूसरे चरण में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेश के 537 ग्राम पंचायत एवं 24 महा ग्राम पंचायत में 1.58 लाख आवेदकों के लिए आवंटन प्रक्रिया का शुभारंभ किया है।

Haryana Sarkar Ne lagu ki Haryana home stay Yojana

Haryana homestay Yojana highlight :-  योजना के तहत गृह स्वामी अतिरिक्त जगह पूर्ण बोर्डिंग के साथ पर्यटकों को दे सकते हैं निश्चित दरों पर

हरियाणा सरकार की योजना गृहस्वामी के लिए भी होगी लाभकारी

हरियाणा होम स्टे योजना के तहत एडीसी होंगे जिला स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष

डीसी ने आमजन से किया योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान

 

घर के बाहर घर जैसा सुख। इसी धारणा के साथ हरियाणा की पर्यटन नीति आगे बढ़ रही है। हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में Haryana home stay Yojana लागू की गई है, जिसके तहत आमजन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस योजना के तहत हरियाणा के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोग पर्यटकों को अपने यहां ठहरा सकते हैं।

 

डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि होम स्टे का अर्थ है कि पर्यटकों को अपने घर में रहने के लिए Haryana home stay Yojana उचित मूल्य पर व्यावसायिक आधार पर कमरे उपलब्ध कराना। जिन घर के मालिकों व परिवारों के घर में अतिरिक्त जगह है और अतिरिक्त जगह मेहमानों को किराए पर Rooms देने के लिए भी उपलब्ध है, वे इन कमरों को पूर्ण बोर्डिंग के साथ पर्यटकों को निश्चित दरों पर दे सकते हैं। इस प्रकार, पर्यटकों को रहने और खाने के लिए स्वच्छ और किफायती स्थान मिलता है, साथ ही स्थानीय रीति-रिवाजों, व्यंजनों आदि का अतिरिक्त अनुभव मिलता है। घरेलू भोजन और घरेलू माहौल की पेशकश उन लोगों के लिए भी एक आकर्षण है जो लंबे समय तक रहना चाहते हैं और जो होटलों के वाणिज्यिक वातावरण की तुलना में ऐसे घरेलू वातावरण में अधिक सहज हैं।

हरियाणा होम स्टे योजना से घर के मालिक-परिवार को अपनी आय बढ़ाने और अपने अप्रयुक्त संसाधनों को आर्थिक रूप से लाभकारी उपयोग में लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे रजिस्ट्रेशन करवाकर सरकार की इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

हरियाणा होम स्टे योजना का लक्ष्य और उद्देश्य

डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि यह Haryana Home Stay Yojana पर्यटन अर्थव्यवस्था को कई लाभ प्रदान करती है। जैसे रोजगार, बहुमूल्य विदेशी मुद्रा, पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल का प्रदर्शन आदि। होम स्टे योजना का उद्देश्य अधिक आवास/कमरे उपलब्ध कराकर बाजार का विस्तार करना है और साथ ही पर्यटकों को ऐसे आवास की पेशकश की कीमत को कम करना है। यह योजना बड़ी संख्या में ऐसे लोगों तक पर्यटन के लाभों के विकेंद्रीकरण को भी बढ़ावा देगी जिनके पास उपयोग के लिए संपत्ति उपलब्ध है और ऐसी संपत्ति को पर्यटक आवास के रूप में पेश करने के लिए बहुत कम निवेश की आवश्यकता होती है।

 

इस योजना का उद्देश्य सामान्य विज्ञापन या विपणन मंच के साथ-साथ आतिथ्य में बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करना भी है। पर्यटकों के दृष्टिकोण से, यह योजना प्रतिस्पर्धी मूल्य-बिंदुओं पर विभिन्न स्थानों पर आवास के बहुत सारे विकल्प प्रदान करेगी। जो ग्राहक लंबे समय तक रुकना चाहते हैं, उन्हें भी ऐसी योजना से लाभ होगा। गृहस्वामी/परिवार स्वामी को घर का बना खाना, रहने की सुविधाएं प्रदान करनी होती हैं तथा आगंतुक को कृषि पद्धतियां जैसे फूलों की खेती, कटाई, मधुमक्खी पालन, डेयरी आदि दिखाना होता है तथा विभिन्न सहभागी गतिविधियों के माध्यम से उस गांव की जीवन शैली से परिचित कराना होता है।

 

आगंतुक को स्थानीय सामुदायिक जीवन का अनुभव प्राप्त होता है। इस योजना के तहत, जिले के प्रत्येक खंड में एक होम स्टे इकाई खोलने/पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है तथा अनुमान है कि इससे प्रत्येक होम स्टे इकाई में कम से कम पांच व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा तथा यह हरियाणा राज्य के 75 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करेगी। हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार करके एक वर्ष के भीतर हरियाणा में कम से कम 200 होम स्टे इकाइयों को पंजीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Home stay Yojana की पात्रता की शर्तें :

1. कोई भी गृहस्वामी/परिवार स्वामी योजना के अंतर्गत एक ही स्थान पर अधिकतम पांच पूर्ण स्वामित्व वाले आवास/कमरे पंजीकृत करा सकता है। सभी कमरे एक ही घर में होने चाहिए। सभी पंजीकृत कमरे किराए पर देने के लिए उपलब्ध होने चाहिए।

2. परिवार के कम से कम एक सदस्य को उसी घर में शारीरिक रूप से रहना चाहिए।

3. केवल वे होम स्टे इकाइयां पात्र होंगी जहां इकाई का गृहस्वामी या परिवार स्वामी शारीरिक रूप से उसी इकाई में रह रहा हो। अतिथि/पर्यटक के ठहरने के समय परिवार के कम से कम एक सदस्य को उसी घर में शारीरिक रूप से रहना चाहिए।

4. योजना के अंतर्गत सभी लाभ पात्र आवेदकों पर लागू होते हैं। किसी भी उल्लंघन के परिणामस्वरूप स्वत: ही पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा, लाभ से इनकार कर दिया जाएगा और सब्सिडी की वसूली की जाएगी।

5. घर तक उचित पहुंच होनी चाहिए।

6. इस योजना के प्रावधान के अंतर्गत सभी विधिवत पंजीकृत होम स्टे इकाइयां नीचे परिकल्पित छूट का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। 

7. केवल वे होम स्टे इकाइयां ही इन छूटों का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगी जो इस योजना के तहत पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों/दिशानिर्देशों का पालन करेंगी। 

8. होम स्टे इकाई के पास प्राथमिक चिकित्सा किट होनी चाहिए। 

9. होम स्टे इकाई के पास अग्निशामक यंत्र होना चाहिए।

प्रोत्साहन और छूट :-

एडीसी एवं जिला स्तरीय कमेटी अध्यक्ष अनुपमा अंजली ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि होम स्टे योजना के तहत चयनित घर होम स्टे के लिए प्रस्तावित कमरों के नवीनीकरण या जीर्णोद्धार के लिए किसी भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से ऋण प्राप्त कर सकता है। ब्याज सब्सिडी अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रतिपूर्ति की जाएगी, बशर्ते कि घर का मालिक बैंक की किसी भी किस्त का भुगतान न करे। इस प्रकार, पर्यटन विभाग आवेदक द्वारा बैंक को भुगतान की गई ब्याज राशि का 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति करेगा, जो कि ऋण अवधि के अधिकतम 3 वर्ष तक होगी। अधिकतम ऋण राशि प्रति कमरा 3.00 लाख रुपये होगी, जो कि अधिकतम 15.00 लाख रुपये प्रति इकाई होगी। विभाग मालिक को मुद्रा योजना के तहत बैंकों से ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगा। कोई भी घर का मालिक इस योजना के तहत केवल एक घर (अधिकतम 5 कमरे) पंजीकृत कर सकता है। योजना के तहत पंजीकरण से पहले लिया गया कोई भी ऋण किसी भी सब्सिडी के लिए पात्र नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत होम स्टे इकाइयों को स्थानीय करों से छूट दी जाएगी। बिजली और पानी के लिए घरेलू दरें ली जाएंगी।

*योजना के तहत निरीक्षण :*

जिला में इस योजना के अंतर्गत आने वाले आवेदनों का एडीसी की अध्यक्षता में गठित अधिकारियों की समिति द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। कमेटी में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अध्यक्ष, उप मंडल अधिकारी (एसडीएम), खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) व जिले के निकटवर्ती आईएचएम प्राचार्य सदस्य हैं। एडीसी जिला स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष के रूप में ऐसे मामलों को मंजूरी देने के लिए पूरी तरह सक्षम होंगे और ऐसी मंजूरी के बाद सूची को पर्यटन निदेशक कार्यालय को ईमेल के माध्यम से tourism@hry.nic.in पर भेजेंगे। 

 

What is the government scheme for cancer patients? Cancer Victims Pension Scheme

हरियाणा कैंसर पीड़ित पेंशन योजना, सभी आयु वर्ग के स्टेज 3 और 4 के कैंसर पीड़ितों को दिया जा रहा है योजना का लाभ

हरियाणा सरकार (Government Scheme ) की ओर से स्टेज 3 व 4 के सभी आयु वर्ग के कैंसर पीड़ितों को मासिक पेंशन ( Haryana Cancer Victims Pension Scheme) उपलब्ध करवाई जा रही है। यह सहायता उन कैंसर मरीजों को दी जा रही है जिनके परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपए तक है। इससे प्रदेश के कैंसर पीड़ितों को मदद मिलेगी। सरकार के निर्णय के अनुसार यदि कैंसर पीड़ित मरीज किसी अन्य प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन या वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना का लाभ ले रहा है तो उसे भी अतिरिक्त रूप से मासिक पेंशन मिलेगी।
डीसी अभिषेक मीणा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पेंशन सीधे बैंक खातों में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन व्यवस्था (पीएफएमएस) के जरिये स्थानांतरित की जाएगी। इस योजना के लाभ के लिए परिवार पहचान पत्र में दर्शाई गई वार्षिक आय के तथ्यों से मिलान किया जाएगा। सिविल सर्जन कार्यालय की कमेटी द्वारा सत्यापित दस्तावेजों को सरल केंद्र के माध्यम से अपलोड करना होगा। आवेदक को राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, टेलीफोन, पानी, बिजली या अन्य उपयोगिता वाले बिल, जिसमें घर का पता अंकित हो या भू-रिकॉर्ड के दस्तावेज, परिवार पहचान पत्र को सरल केंद्र में साथ लाना होगा। आशा वर्कर, एएनएम मरीज के जीवित होने के प्रमाण पत्र को सत्यापित करेगी जिसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रति हस्ताक्षर किया जाएगा। इसके बाद कैंसर पीडि़त मरीज की पेंशन शुरू हो जाएगी। उन्होंने जिला के कैंसर की स्टेज तीन व चार से पीडि़त मरीजों से सरकार की इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता
डीसी ने बताया कि योजना के तहत भारत का नागरिक और समय-समय पर जारी सरकारी निर्देशों के अनुसार हरियाणा का वास्तविक निवासी, आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी)- पारिवारिक आईडी होनी चाहिए, स्टेज तीन व चार के सभी कैंसर पीडि़त इस योजना के तहत पात्र होंगे, ऐसे रोगी जिनके परिवार की आय अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि को छोडकऱ प्रति वर्ष 3 लाख रुपये से कम है, योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे।
आवेदन करने की प्रक्रिया

डीसी ने बताया कि आवेदक को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ सरल पोर्टल यानी https://saralharyana.gov.in/ र ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन जिला सिविल सर्जन को भेजा जाएगा। सिविल सर्जन आवेदक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच और सत्यापन करेगा यानी आवेदक कैंसर के तीसरे और चौथे चरण का रोगी है या नहीं? यदि आवेदक कैंसर के तीसरे और चौथे चरण का रोगी नहीं पाया जाता है तो सिविल सर्जन अपने निष्कर्ष देकर आवेदन को खारिज कर देगा। यदि आवेदक तीसरे और चौथे चरण का कैंसर का रोगी है तो सिविल सर्जन आवेदन प्राप्त होने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित डीएसडब्ल्यूओ को आवेदन अग्रेषित करेगा। सिविल सर्जन द्वारा सत्यापन के बाद संबंधित डीएसडब्ल्यूओ अपने स्तर पर पीपीपी के माध्यम से डेटा की जांच करेगा। संबंधित डीएसडब्ल्यूओ सरल हरियाणा विभाग के पोर्टल पर लाभार्थी के पक्ष में स्टेज तीन और चार कैंसर रोगियों के लिए वित्तीय सहायता ऑनलाइन स्वीकृत करेगा और विशिष्ट पेंशन पहचान संख्या तैयार करके लाभार्थी को प्रदान की जाएगी।

योजना से संबंधित अन्य नियम एवं शर्तें
डीसी ने बताया कि कैंसर पीड़ितों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के समतुल्य होगी तथा पात्र चरण तीन व चार कैंसर रोगियों के बैंक खाते में मासिक आधार पर पीएफएमएस के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाएगी। लाभार्थी (चरण तीन व चार कैंसर रोगी) को तब तक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी जब तक रोगी जीवित है तथा कैंसर के चरण तीन व चार से पीड़ित है।

इन स्थितियों में तुरंत रोक दी जाएगी मासिक वित्तीय सहायता
क) यदि कोई लाभार्थी योजना की पात्रता मानदंडों के किसी भी नियम व शर्त का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है।
ख) यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि पेंशन लाभार्थी द्वारा दी गई किसी गलती या गलत या अपूर्ण जानकारी के कारण स्वीकृत की गई थी या जिस स्थिति/परिस्थिति के लिए सहायता दी गई थी, वह अब मौजूद नहीं है।
ग) लाभार्थी की मृत्यु होने पर।
घ) यदि रोगी कैंसर से ठीक हो जाता है। संबंधित सिविल सर्जन रोगी के ठीक होने या न होने की पुष्टि करने के बाद हर साल कैंसर प्रमाण पत्र की पुष्टि करेगा।

योजना का गलत तरीके से लाभ लेने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ की जाएगी रिकवरी
डीसी ने बताया कि यदि आवेदक द्वारा अपने आवेदन पत्र में दी गई गलत जानकारी के आधार पर वित्तीय सहायता स्वीकृत करवाई गई है या मासिक वित्तीय सहायता रोकने के पैरा में उल्लिखित किसी अन्य कारण से सहायता रोक दी गई है, तो जिला समाज कल्याण अधिकारी को ऐसे व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से निकाली गई राशि को 12 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज सहित वसूलने का अधिकार होगा। ऐसे व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य (जैसे पति/पुत्र आदि) से या हरियाणा भूमि राजस्व अधिनियम के तहत भूमि राजस्व के बकाया के रूप में वसूली की जा सकती है।

Nirjan village in Jind district was shaken by double murder

HBN News: हरियाणा के जींद के नजदीकी गांव निर्जन में पुराने जमीनी विवाद को लेकर दो सगे भाइयों की बीती रात गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की देर रात दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था और उसके बाद दोनों भाइयों ने मेडिकल करवा कर इसकी शिकायत पुलिस में कर दी थी लेकिन रात को 2 बजे गाड़ी में सवार होकर आए हमलावरों ने उन पर फायरिंग करके उनकी हत्या कर दी।

मोहित की स्कॉर्पियो गाड़ी में लगी गोलियों के निशान।

मिली जानकारी के मुताबिक जींद जिले के गांव निर्जन में दो पक्षों में पुराना जमीनी विवाद चला आ रहा है इसी विवाद में उनके बीच काफी बार झगड़ा हो चुका है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी विवाद ने मंगलवार की रात को हुए मामले झगड़ा ने खूनी खेल का रूप उसे समय ले लिया जब रात को 2:00 बजे एक गाड़ी में सवार होकर आए लोगों ने दिलबाग और सतीश पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनकर उनके परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि दिलबाग और सतीश खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े हुए हैं।

पत्रकारों को घटना की जानकारी देते हुए निर्जन गांव का मोहित

सतीश का बेटा मोहित अपने परिजनों को साथ लेकर घायल अपने पिता और ताऊ को लेकर जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उनकी जांच करने के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मोहित के मुताबिक हमलावर अभी उन्हें धमकी दे रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं रही। इससे पहले भी हमलावर कई बार उसके परिवार के ऊपर हमला कर चुके हैं और अब उन्होंने उसके पिता व ताऊ की हत्या कर दी। मोहित ने बताया कि जब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह अपने पिता व ताऊ का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मर्डर की सूचना मिलते ही जींद सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत ही नागरिक अस्पताल पहुंची और दोनों मृतक भाइयों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवग्रह में रखवा दिया। पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में लगी हुई है लेकिन हत्यारे अब तक भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

डबल मर्डर से थर्राया जींद जिले का निर्जन गांव, गोली मारकर दो सगे भाइयों की हत्या

मोहित ने बताया कि मंगलवार की रात को दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार से झगड़ा किया था, जिसमें उसका ताऊ 50 वर्षीय दिलबाग व पिता 44 वर्षीय सतीश घायल हो गए। झगड़े के बाद दोनों भाई मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे और मेडिकल करवा कर इसकी लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाई। मोहित ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद भी पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया और कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद उसके घर में आरोपितों ने डबल मर्डर कर दिया।

मोहित ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले उसके ऊपर भी हमलावर सुरेश और उसके बेटे हमला कर चुके हैं और उसकी शिकायत वह प्रशासन से कर चुके हैं। प्रशासन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए बीच में दीवार निकलवा दी थी लेकिन हमलावरों ने हथियारों के बल पर तीन बार दीवार को गिरा भी दिया। सुरेश और उसका बेटा मोहित बार-बार हथियार दिखाकर उन्हें डराने व जान से मारने की धमकी देते आ रहे हैं। मोहित के मुताबिक रात को करीब 2 बजे सुरेश और उसका बेटा मोहित 5-6 अन्य लोगों के साथ गाड़ी में सवार होकर आए उसके घर पर आए और उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह तो बाल बाल बच गया लेकिन उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी भी गोली लगने से छलनी हो गई।

उसके बाद आरोपित गाड़ी में सवार होकर सत्यम गैस गोदाम पहुंचे जहां पर उसके पिता सतीश व दिलबाग सो रहे थे। वहां पर उन्होंने उसके पिता व ताऊ व चचेरे भाई पर गाड़ी चलाने का प्रयास किया तो उसका चचेरा भाई तो छुप गया लेकिन उसके पिता व ताऊ को गोलियों से भून दिया जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस वारदात को अंजाम देखकर आरोपित हमलावर सुरेश और उसका बेटा मोहित अपने साथियों सहित मौके से फरार हो गए।

प्रेमी के साथ पकड़ी गई पत्नी, पत्नी के आशिक ने पति पर तानी पिस्टल, मामला दर्ज,

गेहूं कटाई में खेड़ा करेगी बारिश, लूं के थपेड़ों के बाद बारिश के आसार, किसान परेशान

Weather Update: People are troubled by the hot winds, chances of rain are increasing, farmers are worried

HBN News, Weather Update: अप्रैल महीने के पहले ही सप्ताह में मई जून जैसे गर्म लू के थपेड़ों से आमजन ही नहीं बल्कि पशु पक्षी भी परेशान हो चुके हैं। सुबह 10 से लेकर शाम 4 तक लोग अपने घरों में डूबते रहने को मजबूर हैं। घर से बाहर निकलते ही दोपहर के समय आंखों के सामने तारे टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं। अधिकतम तापमान भी अब 41 डिग्री तक पहुंच रहा है। बढ़ते तापमान के साथ ही लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। मौसम विभाग अनुसार शुक्रवार को जिले में मौसम में बदलाव होगा और बारिश होने के आसार बने रहेंगे। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इससे किसानों की परेशानी पहले से बढ़ेगी ।

मंगलवार को सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे। जिसके बाद मौसम साफ हो गया और तेज धूप व गर्म हवा चलना शुरू हो गई। दोपहर को गर्म हवा लू का अहसास कराती रही। इसके कारण आमजन की परेशानी बढ़ गई। लोग कपड़े का सहारा लेकर धूप व गर्मी से खुद का बचाव करते हुए नजर आए। हालांकि दोपहर तीन बजे के बाद आसमान में हल्की बादल छाने से कभी धूप तो कभी छांव की स्थिति बनना शुरू हो गई। लेकिन फिर भी लोगों को इससे राहत मिलते हुए नजर नहीं आई।

मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि शुक्रवार से मौसम में फिर से बदलाव होने के आसार है। विभाग की तरफ से जारी किया गए अलर्ट के कारण किसानों की चिंता बढ़ना शुरू हो गई है। बता दें कि अब मंडियों में गेहूं और सरसों की तेजी से आवक हो रही है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो किसानों को इस नुकसान भी उठाना पड़ेगा।

गेहूं की कटाई शुरू, बारिश हुई तो प्रभावित होगा काम

मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के कारण किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। हरियाणा में गेहूं की कटाई का काम भी शुरू हो गया है। अभी कुछ किसान ही मंडी में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसे में अगर बारिश होती है तो किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं मंडियों में अब सरसों की आवक तेज हो गई है। जिले की मंडियों में अब करीब एक लाख क्विंटल सरसों का उठान होना शेष पड़ा है।