21 गंभीर बीमारियों से पीड़ित को दिया जा रहा है पेंशन का लाभ : उपायुक्त महेंद्र पाल
Hisar News Today : हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में 21 गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिकों व दिव्यांगजनों को पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
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यह जानकारी देते हुए उपायुक्त महेंद्र पाल ने बताया कि योजना के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही वह हरियाणा का स्थायी निवासी हो और आवेदन की तिथि से पूर्व कम से कम तीन वर्षों से राज्य में रह रहा हो। उन्होंने बताया कि आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 3 मार्च 2025 को दिव्यांग पेंशन के दायरे में 21 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। इसमें चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग, कुष्ठ रोग, मस्तिष्क पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, अंधापन, कम दृष्टि, श्रवण दोष, वाणी और भाषा दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता, आटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक बीमारी, दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी बीमारी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस रोग, सिकल सेल रोग, बहु दिव्यांगता, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, एसिड अटैक पीड़ित एवं बौना आदि विकार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से संबंधित पात्र व्यक्तियों को दिव्यांग पेंशन का लाभ प्रदान किया जाता है।
निराश्रित बच्चों को हरियाणा सरकार दे रही है प्रति माह 2100 रुपये मासिक सहायता

Latest News Hisar : हरियाणा सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग के माध्यम से निराश्रित बच्चों के लिए आर्थिक सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को प्रति माह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो 21 वर्ष की आयु तक पात्र होते हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि योजना के अनुसार वे बच्चे लाभ के पात्र होते हैं, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जो पिछले 2 वर्षों से पिता के घर से अनुपस्थित हों अथवा जिनके माता-पिता एक वर्ष या उससे अधिक अवधि की सजा भुगत रहे हों। इसके अतिरिक्त मानसिक या शारीरिक अक्षमता के कारण माता-पिता की देखरेख से वंचित बच्चे भी इस योजना में शामिल किए गए हैं। पात्रता के लिए माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को 2100 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा पेंशन के रूप में दी जा रही है। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास बेसहारा होने का प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र तथा हरियाणा राज्य में कम से कम 5 वर्ष के निवास से संबंधित दस्तावेज होने आवश्यक है। इसके लिए फोटोयुक्त वोटर कार्ड, राशन कार्ड एवं परिवार पहचान पत्र की स्वयं सत्यापित प्रति भी अनिवार्य है।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने जिलेवासियों को नववर्ष 2026 की दी शुभकामनाएं

Hisar Hindi News Today :
उपायुक्त उपायुक्त महेंद्र पाल ने नववर्ष के अवसर पर समस्त जिला वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों और आम नागरिकों को नए साल की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए जिले के सर्वांगीण विकास में सक्रिय योगदान दें।
उन्होंने कहा कि नववर्ष 2026 सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और खुशहाली लेकर आए। उपायुक्त ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाला वर्ष जिले की प्रगति और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उन्हें आमजन तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त महेंद्र पाल ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ नववर्ष का स्वागत करें तथा जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में खुशियाँ लाने का प्रयास करें।
हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में अभिलेखागार विभाग की महत्वपूर्ण पहल
धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम और अभिलेख दान अभियान से सहेजी जाएगी हरियाणा की विरासत

Hisar Breaking News Today : अभिलेखागार विभाग हरियाणा द्वारा राज्य की प्रशासनिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण पहल धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम तथा अभिलेख दान अभियान प्रारंभ की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य अभिलेखीय धरोहर को सुरक्षित रखते हुए समाज में ऐतिहासिक चेतना को सुदृढ़ करना है।
यह जानकारी देते हुए क्षेत्रीय अभिलेखागार हिसार मंडल के सहायक निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं अभिलेखों में रुचि रखने वाले युवाओं को हरियाणा की दस्तावेजी विरासत से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह एक माह की अवधि का कार्यक्रम है, जिसमें इतिहास विषय के लिए पात्रता मानदंड में डिप्लोमा धारक, स्नातक (द्वितीय वर्ष से), स्नातकोत्तर, शोधार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसी प्रकार अभिलेख विज्ञान विषय के लिए हेरिटेज उत्साही (न्यूनतम स्नातक), जिनकी रुचि इतिहास/धरोहर में सिद्ध हो, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विषय के लिए विदेशी नागरिक (उपयुक्त शैक्षणिक दस्तावेज सहित) तथा अन्य सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विषय के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान या प्रासंगिक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा, कौशल विकास एवं धरोहर जागरूकता को बढ़ावा देता है। इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को अभिलेख संरक्षण, वर्गीकरण, डिजिटलीकरण एवं अभिलेखीय शोध की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल का विकास होगा।
वहीं दूसरी ओर अभिलेखागार विभाग द्वारा अभिलेख दान अभियान के माध्यम से आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास प्रशासनिक, राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के सरकारी एवं निजी अभिलेख सुरक्षित हैं, तो वे उन्हें हरियाणा राज्य अभिलेखागार को दान करें या कम से कम विभाग को सूचित करें। इससे इन अभिलेखों का वैज्ञानिक संरक्षण कर भावी पीढिय़ों के लिए सुरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सम्मान स्वरूप, अभिलेखागार को अभिलेख दान करने वाले व्यक्तियों के नाम, दान की गई सामग्री के साथ विविध रूप से स्वीकार किए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति https://haryanaarchives.gov.in/, ई-मेल Archives@hry.nic.in
अथवा दूरभाष नंबर 0172-2992112 पर या सेक्टर 5, चौथी मंजिल, बी ब्लॉक, सिंचाई भवन स्थित उपनिदेशक अभिलेखागार विभाग पंचकूला हरियाणा अथवा हिसार लघु सचिवालय परिसर की द्वितीय मंजिल के कमरा नंबर 245-46 पर स्थित सहायक निदेशक अभिलेखागार विभाग हिसार मंडल से या उनके दूरभाष नंबर 01662-283190 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
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