हिसार में स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष कार्यक्रम, PNB Hisar बैंकिंग और स्वरोजगार के अवसरों की दी जानकारी
Hisar News Today: पंजाब नैशनल बैंक ( PNB Hisar) के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, गंगवा हिसार में स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने और स्वरोजगार के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 15 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन, बचत, ऋण सुविधा और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाना रहा। साथ ही प्रतिभागियों को अपने कौशल के आधार पर रोजगार एवं आय के नए साधन विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में पंजाब नैशनल बैंक के उच्च अंचल कार्यालय से अंचल प्रबंधक आशीष चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने समूहों की महिलाओं से अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देने और बैंक की उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
जिला प्रोजेक्ट मैनेजर-एनआरएलएम, हिसार वीरेंद्र श्योराण ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने नियमित बचत, आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयासों को स्वयं सहायता समूहों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से महिलाओं को अपनी आजीविका मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी सदस्यों को प्रोत्साहित किया।
इस दौरान मंडल प्रमुख ने वित्तीय अनुशासन और समय पर ऋण की अदायगी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने के साथ-साथ आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग पर ध्यान देने की सलाह दी। डिजिटल माध्यमों के जरिए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए भी सदस्यों को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में एलडीएम हिसार कमल गोयल की भी विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने समूहों से बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
वहीं, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक प्रदीप कुमार ने संस्थान की ओर से संचालित विभिन्न कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के माध्यम से अपने हुनर को निखारने और उसे स्थायी आय के साधन में बदलने के लिए प्रेरित किया।
स्वयं सहायता समूहों को सौंपे ऋण स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम के दौरान पात्र स्वयं सहायता समूहों को उनके व्यवसाय और आजीविका संबंधी कार्यों के लिए स्वीकृत ऋण के ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। ऋण स्वीकृति पत्र मिलने पर समूहों के सदस्यों ने बैंक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बैंक से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें अपने मौजूदा कार्यों का विस्तार करने तथा आय के नए स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और बैंकिंग, स्वरोजगार तथा व्यवसाय विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल की। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और समूह आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े सुझाव रखे।
कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यों को बचत, ऋण प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर बैंक अधिकारियों ने सभी अतिथियों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। बैंक की ओर से कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को आगे भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया जाता रहेगा।











