पीएनडीटी व एनकोर्ड के तहत अवैध गतिविधियों पर रखें नजर, चिन्हित अपराधों की पैरवी में न बरतें ढिलाई : उपायुक्त महेंद्र पाल
हिसार उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि जिले में भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उपायुक्त वीरवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार में जिला स्तरीय मासिक पीएनडीटी, एनकोर्ड एवं चिन्हित अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और समय-समय पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करें।
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उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच की जाए। केंद्रों में पीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित होनी चाहिए। अवैध लिंग जांच की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार छापेमारी की जाए। उपायुक्त ने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उन्हें अवगत करवाया गया कि वर्ष 2026 में अभी तक जिले का लिंगानुपात 914 बना हुआ है और हिसार जिला लिंगानुपात के मामले में प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई छापेमारी का असर भी देखने को मिला है। आजाद नगर, आर्य नगर सहित मंगाली क्षेत्र में इसके चलते लिंगानुपात में सुधार हुआ है और इन क्षेत्रों में लिंगानुपात 999 बना हुआ है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण, रिकॉर्ड रजिस्टर, मशीनों के उपयोग तथा निर्धारित दस्तावेजों की नियमित जांच की जाए। किसी भी केंद्र पर नियमों के उल्लंघन की आशंका होने पर तुरंत जांच करवाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बिना पंजीकरण संचालित केंद्रों और अवैध रूप से लिंग जांच करने वालों पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित निगरानी एवं निरीक्षण टीमों को सक्रिय रखा जाए। विभागीय अधिकारी आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संयुक्त कार्रवाई अमल में लाना सुनिश्चित करें।
नशा मुक्त अभियान की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूर्ण गंभीरता से कार्य करते रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों, विभागों की खाली पड़ी जगहों व नहरों के आसपास निगरानी की जाए और जहां भी भांग के पौधे हों उन्हें नष्ट करवाया जाए। चिन्हित अपराधों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। पुलिस एवं अभियोजन विभाग आपसी समन्वय से ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मामलों की जांच, चालान, गवाहों की उपस्थिति और न्यायालय में चल रही सुनवाई से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। जिन मामलों में गवाहों की गवाही या अन्य कानूनी प्रक्रिया लंबित है, उनमें संबंधित अधिकारी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चिन्हित अपराधों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता से कार्य करें।
इस अवसर पर हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ सपना गहलावत, जिला शिक्षा अधिकारी राम रत्तन, डॉ अनामिका बिश्नोई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।














