राखीगढ़ी महोत्सव में पर्यटकों को मिलेगी हड़प्पा संस्कृति की झलक, फाइन आर्ट के स्कॉलर अमन श्योरान तैयार कर रहे आकर्षक सेल्फी प्वाइंट
हरियाणा न्यूज (सुनील कोहाड़)। हरियाणा के हांसी जिले में स्थित ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी की पहचान अब आधुनिक अंदाज में देशभर तक पहुंचाने की तैयारी है। राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान यहां हड़प्पा सभ्यता की थीम पर दो विशेष सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। इनका उद्देश्य पर्यटकों को हजारों साल पुरानी सभ्यता से रूबरू कराने के साथ-साथ राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत को सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में पहचान दिलाना है।
महोत्सव में आने वाले पर्यटक हड़प्पा सभ्यता सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें खिंचवाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर सकेंगे। इससे राखीगढ़ी की प्राचीन संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। संबंधित पहल के माध्यम से इतिहास को आम लोगों, विशेषकर युवाओं और बच्चों के लिए रोचक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हड़प्पा सभ्यता की झलक पेश करेंगे सेल्फी प्वाइंट
सेल्फी प्वाइंट को हड़प्पा सभ्यता की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इनमें सभ्यता से जुड़े प्रतीकों, प्राचीन मुहरों, मिट्टी के बर्तनों, पुरानी ईंटों और आभूषणों को दर्शाने की योजना है। इन कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यटकों को उस दौर की जीवनशैली, शिल्पकला और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में राखीगढ़ी में तैयार होने वाले ये सेल्फी प्वाइंट केवल तस्वीरें खिंचवाने की जगह नहीं होंगे, बल्कि प्राचीन सभ्यता को लोगों के अनुभव से जोड़ने का माध्यम भी बनेंगे। यहां आने वाले पर्यटक तस्वीरें साझा करेंगे तो राखीगढ़ी और उसकी ऐतिहासिक विरासत के बारे में अधिक लोगों को जानकारी मिल सकेगी।
हजारों साल पुराने इतिहास को आधुनिक अंदाज में दिखाने की पहल

राखीगढ़ी भारतीय पुरातत्व और प्राचीन इतिहास के क्षेत्र में विशेष महत्व रखता है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन, सामाजिक जीवन, शिल्पकला और आर्थिक गतिविधियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह स्थल प्राचीन भारत की विकसित नगरीय परंपराओं को जानने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सेल्फी प्वाइंट के जरिए इसी विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के साथ लोगों के सामने लाने की कोशिश की जा रही है। इससे महोत्सव में पहुंचने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ ऐतिहासिक जानकारी भी मिलेगी। खासकर नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक करने में यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
हड़प्पा सभ्यता के प्रतीकों को मिलेगा स्थान
फाइन आर्ट के स्कॉलर अमन श्योरान ने बताया कि राखीगढ़ी महोत्सव के लिए तैयार किए जाने वाले दोनों सेल्फी प्वाइंट में हड़प्पा सभ्यता से जुड़े प्रतीकों को शामिल किया जाएगा। इनमें पशुपति से संबंधित प्रतीक, मुहरें, मिट्टी के बर्तन, प्राचीन ईंटें और आभूषण प्रमुख रूप से दर्शाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यहां आने वाले लोगों को इतिहास के बारे में सहज और रोचक तरीके से जानकारी मिल सकेगी। इस पहल की खासियत यह होगी कि प्राचीन इतिहास को केवल किताबों और संग्रहालयों तक सीमित रखने के बजाय उसे लोगों के अनुभव का हिस्सा बनाया जाएगा। सेल्फी प्वाइंट के जरिए पर्यटक हड़प्पा सभ्यता की झलक को करीब से महसूस कर सकेंगे।
राखीगढ़ी महोत्सव में तैयार होने वाले ये सेल्फी प्वाइंट ऐतिहासिक विरासत, कला और आधुनिक डिजिटल माध्यमों के बीच एक कड़ी का काम करेंगे। इनसे राखीगढ़ी की प्राचीन पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और पर्यटन के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने का अवसर मिलेगा।













