Janak Khap sammelan Hisar News
हरियाणा न्यूज / सुनील कोहाड़।
Hisar News : हिसार की जाट धर्मशाला में कोहाड़ नागल जाटान गौत्र का दो दिवसीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। तीनों गौत्र के मौजिज लोगों ने प्रस्ताव पास किया कि हमारी खाप का नाम जनक खाप होगा। इस सम्मेलन में ख्वाब की आगमीरान नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और कई बड़े फैशनों पर मोहर लगी।
हिसार खाप सम्मेलन में फैसला
हिसार में कोहाड़ नागल जाटान गौत्र के बुद्धिजीवी लोगों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। ग्रामीण स्तर से लेकर नेशनल स्तर तक भाईचारे को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। 2 दिनों तक सम्मेलन में आए सभी लोगों के विचार सुनने और सुझाव लेने के बाद अंतिम निर्णय पर मोहर लगाई गई। सबसे पहले कोहाड़ नागल जाटान गौत्र का शार्ट नाम जनक खाप रखा गया। इस शब्द में तीनों गोत्रों के शुरुआती अक्षरों को शामिल किया गया है वहीं बुद्धिजीवी लोगों ने जनक शब्द का अर्थ भी समझाया। जो हमारे गोत्रों से मेल खाता है।
खाप के बुद्धिजीवी और एक्सपर्ट करेंगे युवाओं का मार्गदर्शन

जनक खाप के प्रथम प्रधान उम्मेद सिंह कोहाड़ ने बताया कि हमारे ख्वाब बच्चों को पढ़ाने लिखाने पर जोर देगी। हमारे तीनों गोत्रों में से जो भी शिक्षित और बड़े पदों पर आसीन व्यक्ति हैं उनके मार्गदर्शन में हमारे युवा आगे बढ़ सकेंगे। इसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है। हमारे जो युवा जिस फील्ड में जाना चाहते हैं इस फील्ड के अनुरूप उन्हें हमारे बुद्धिजीवी लोगों के द्वारा प्रेरित करने के साथ-साथ उनका मार्गदर्शन किया जाएगा। ताकि उन्हें अपने फील्ड में कामयाबी हासिल करने में कोई परेशानी ना हो।
नशे और समाज में फैल रही बुराइयों से बच्चों को रखें दूर
उन्होंने अपने गौत्र के उन लोगों से भी अपील की है जो किसी भी फील्ड के एक्सपर्ट हैं। वह अपनी कीमती समय में से समय निकालकर अपने गौत्र के युवाओं का निस्वार्थ भाव से मार्गदर्शन करेंगे। ताकि हमारे युवा समाज में फैल रही गंदगी, नशे सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहें। तभी हमारी संस्कृति और सभ्यता जीवित रह सकेगी।
प्रधान कोहाड़ ने बताया कि कोहाड़ नागल जाटान गौत्र एक ही हैं। हमें उनकी एकजुटता के लिए ग्राम स्तर से लेकर नेशनल स्तर तक मेहनत करने की जरूरत है। क्योंकि हम अभी तक बिखरे हुए थे और संस्कृति और सभ्यता के अभाव में हमें यह मालूम नहीं था कि हम एक ही बाप की औलाद हैं। इसलिए हमें अपने भाईचारे को मजबूत करने के लिए अपने आपसी मनमुटाव व लालच को त्याग कर इस यज्ञ में अपनी आहुति डालनी होगी।
अनपढ़ लोगों का टोल नहीं है खाप पंचायत
जनक खाप के प्रधान उम्मेद सिंह कोहाड़ ने कहा कि कुछ लोग खाप चौधरियों को अनपढ़ लोगों का टोल कहते हैं लेकिन इन चौधरी में बड़े-बड़े जज से लेकर बड़े अधिकारी भी शामिल होते हैं। लेकिन धोती खंडवा बांधने वाला अनपढ़ नहीं बल्कि यह मान सम्मान की पगड़ी होती है। आज हमारे बीच में काफी पढ़े-लिखे और काबिल इंसान भी हैं जो खापों की शोभा बढ़ा रहे हैं। वो समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करते रहते हैं।
जनक खाप पंचायत में प्रधान उम्मेद सिंह कोहाड़ ने कहा कि हमें बोलने से अधिक काम करके दिखाने की जरूरत है। जो हमारा भाई अपने गांव ब्लॉक ब्लॉक व जिला लेवल पर अपना कीमती समय निकालकर भाईचारे को मजबूत करने में योगदान दे सकता है वह अपना योगदान दे। क्योंकि खाप की कमेटी में शामिल होना ही उनका मकसद नहीं होना चाहिए बल्कि हमारे भाईचारे को संगठित करना हमारा मकसद है।
संत रामपाल महाराज का बड़ा ऐलान
संत रामपाल महाराज के भतीजे एवं जाटान गौत्र के बुद्धिजीवी युद्धवीर सिंह ने कहा कि उनकी अपने चाचा एवं महाराज संत रामपाल से बातचीत हुई है और उन्होंने भरोसा दिया है कि हमारे भाईचारे को मजबूत करने में जहां भी उनके योगदान की जरूरत होगी। वो वहां पर बिना किसी लालच व स्वार्थ के अग्रिम पंक्ति में खड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमारे समाज में कोई भाई गरीब है और उसके बेटी शादी के लायक हो गए हैं तो उनकी भी आर्थिक मदद की जाएगी।
कोहाड़ नागल जाटान गौत्र के युवाओं को एसआर एकेडमी जींद में मिलेगी बैडमिंटन की फ्री में ट्रेनिंग
एसआर एकेडमी जींद के संचालक लक्ष्य जाटान की तरफ से युद्धवीर सिंह जाटान ने कहा कि एसआर एकेडमी में खिलाड़ियों को बैडमिंटन की प्रैक्टिस करवाई जाती है ताकि वह कड़ी मेहनत करके इस खेल में अपने भविष्य को संवार सके। आज इस एकेडमी के खिलाड़ी जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलों में देश के लिए मेडल जीतने का काम कर रहे हैं। हमारे तीनों गोत्रों से कोई भी युवा बैडमिंटन में जिज्ञासा रखता है तो वह निशुल्क इसकी ट्रेनिंग ले सकता है।
इस अवसर पर प्रधान उम्मेद सिंह कोहाड़, प्रदीप कोहाड़ राजली, मास्टर सरजीत मायड़, जाट धर्मशाला प्रधान संजीव नंबरदार, जोगेंद्र मय्यड़, विजय कोहाड़ सिसाय, सरदार बलबीर कोहाड़ गुरथली, बलजीत सिंह दिल्ली, अशोक थिलोड, कुलबीर वकील, सूबेदार शमशेर सिंह, मास्टर सतीश, सुभाष मय्यड़, रमेश हरसाना, कृष्ण बड़वाशनी, सतीश जाटान सरपंच खेरड़ी, प्रो बलजीत चाँदी, युद्धवीर धनाना, बलवंत जाटान कमालपुर, संदीप, बलकार कमालपुर, वकील, रामफल जाटान कमालपुर, कुलदीप धीरनवास, दरोगा बीर सिंह दिल्ली, रणबीर सिंह बिजला बालासमंद, जयभगवान नागल जैतपुर, नवीन, बलराम नागल हरिता, नरेश हरिता, सुभास हरिता, कर्मपाल शास्त्री, रणबीर नागल झूली, विजेंद्र देवराला, शमशेर कोहाड़ राजली, कर्नल हवा सिंह जाटान, कुलदीप हसनघड, विजय सरपंच छिनौली, प्रधान सत्यवान बड़वासनी, जज रामधारी धनाना, वजीर धनाना, नरेश सुरबुरा, योगेश कुहाड़वास, प्रदीप कुहाड़वास, मेवा ईश्रवाल, जयसिंह थिलोड, पवन थिलोड, मीर सिंह कोहाड़वास, सोमबीर सरपंच धनाना, प्रदीप दिनोद इत्यादि मौजूद थे।