Hansi News Today : पिछले 5 दिनों से खुशी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं और कॉलेज प्रबंधकों के बीच का विवाद गर्माया हुआ है। छात्राएं अपने ही कॉलेज के चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। बुधवार को छात्राओं के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष को एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार कर लिया। जबकि पिछले कई दिनों से छात्राओं के साथ यौन उत्पीडन का मुद्दा उठाया जा रहा था।
Khushi Nursing College chairman Jagdish Goswami arrest : Hansi News Today

खुशी नर्सिंग कॉलेज कागसर विवाद पिछले कई दिनों से newspapers की सुर्खियां बना हुआ है। आखिरकार बुधवार को पुलिस ने धरना दे रही आठ छात्राओं के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए गए। जिनमें से एक छात्रा ने जाति सूचक गालियां देने सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए गए। कुछ छात्राओं ने उनके गुप्तांग से छेड़छाड़ के भी आरोप लगाए गए हैं। लेकिन छात्राओं के बयान और उनकी भाषा की गोपनीयता का ख्याल रखते हुए हम अपने न्यूज़ में प्रकाशित नहीं कर सकते।

पुलिस ने Khushi Nursing College kagsar के चेयरमैन जगदीश गोस्वामी को छात्राओं से यौन उत्पीड़न मामले में नहीं बल्कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज किए गए मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया है।
हांसी जिले के गांव कागसर स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज विवाद गहराया हुआ है। कॉलेज में नर्सिंग की छात्राओं ने अपने ही कॉलेज के चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर यौन उत्पीड़न सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला पिछले करीब 1 महीने से तुल पड़े हुए था। लेकिन महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद मामला कुछ ठंडा पड़ गया था। परंतु छात्राओं ने महिला आयोग और स्थानीय प्रशासन की अलग-अलग रिपोर्ट होने पर आपत्ति जताते हुए कॉलेज परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

कॉलेज की छात्राओं का आरोप था कि प्रशासन कॉलेज के अध्यक्ष और प्रबंधन कमेटी को बचाने का प्रयास कर रहा है। इसको लेकर कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली दर्जनों छात्राओं ने कॉलेज के गेट पर धरना शुरू कर दिया था। पिछले तीन दिनों से छात्राओं का धरना राजनीतिक मंच भी बन गया और इनेलो पार्टी सहित खाप पंचायतें और किसान संगठन छात्राओं के धरने कूद गए।

वहीं छात्राओं के धरने प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर स्थानीय कांग्रेस विधायक सहित अनेक नेताओं के मुंह पर लगी पट्टी का फोटो खूब वायरल होने लगा। फोटो वायरल होने के बाद विधायक धरना स्थल पर पहुंचे। उसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की वीडियो वायरल होने लगी कि कांग्रेस विधायक को विधायकी का खुमार चढ़ गया है। अब उन्हें छात्राओं की कोई पीड़ा नजर नहीं आ रही बल्कि समझौता करवाने के लिए दबाव बनाते नजर आए।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्टों के मुताबिक कांग्रेस विधायक बार-बार समझौता करने के लिए छात्राओं पर दबाव बना रहे थे और जब बीच में इनेलो नेता उमेद लोहान ने बोलने का प्रयास किया तो वह बार-बार उन्हें ठोकते रहे जिस पर उम्मीद को हमने उन्हें आखिरकार हड़काना पड़ा। एक वीडियो में तो विधायक यह कहते हुए सब सुनाई दे रहे हैं कि यह धारणा पिछले तीन दिनों से चल रहा है और अब 15 मिनट पहले आकर वह यहां पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास ना करें।
जबकि इन वायरल वीडियो के बाद हल्के के लोगों सहित सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि चुनावक समय और अब की भाषाम में जमीन आसमान का अंतर आ गया है। पहले लोगों से हाथ जोड़कर और बुजुर्गो के पांव पकड़ कर वोट मांगने वाला आज दीपक का विधायक होने के बाद भी धमकाने लग गया है कोई उनसे पूछने वाला हो कि पिछले 25 दिनों से चल रहे छात्राओं के आंदोलन में वह कब पहुंचे।

वीडियो में नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि पुलिस ने लाठी चार्ज इसलिए किया कि कुछ शराब पिए हुए थे। लेकिन यह साफ नहीं सुनाई दे रहा कि धरना प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने शराब के नशे हंगामा किया या कोई ओर शराब बवंडर कर गया। हरियाणा न्यूज़ अब तक इन किसी भी आरोपी की पुष्टि नहीं करता और ना ही इनकी तकदीश करता है बल्कि यह सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट के मुताबिक है।

इतना जरूर है कि छात्राओं का धरना प्रदर्शन पिछले कई दिनों से चल रहा है लेकिन कांग्रेस विधायक इस धरने पर दर्शन पर 29 दिसंबर सोमवार को ही पहुंचे हैं। इससे पहले छात्राओं ने उन्हें जबरदस्ती धरना स्थल से उठाने का प्रयास करने और भगा भगा कर पीटने का आरोप प्रशासन पर लगाया जा चुका है।


