खुशी नर्सिंग कॉलेज विवाद को लेकर घेराव की चेतावनी
Latest News Haryana : Khushi Nursing College विवाद गहराता जा रहा है, छात्राओं की पीड़ा भले ही सरकार और प्रशासन नहीं समझ रहा परंतु किसान संगठन और खाप पंचायत ने अब इन छात्रों का बीड़ा उठाने का संकल्प किया है। इस मामले में सरकार को घरने के लिए राजनीतिक दलों के नेता भी कूद पड़े हैं।
Khushi Nursing College Vivad latest News

खुशी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन और छात्राओं के बीच की दरार लगातार बढ़ती जा रही है। कॉलेज प्रबंधन अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है और छात्राएं पीछे हटने को राजी नहीं है। स्थानीय प्रशासन की कमेटी ने कॉलेज पर लगाए आरोपों को अपनी रिपोर्ट में सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
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छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज के बाहर धरना स्थल से पुलिस ने उन्हें के दिया तो वह 5 किलोमीटर दूर पैदल चलकर गांव राजथल पहुंची और ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। सोशल मीडिया पर दिन भर छात्राओं और प्रशासन के बीच ग्रामीणों की मौजूदगी में बातचीत का सिलसिला जारी रहा लेकिन कोई परिणाम निकलकर सामने नहीं आया। छात्राओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए खुद एसडीएम विकास यादव पहुंचे और छात्राओं को न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया लेकिन छात्राएं अपनी बात पर अड़ी रही।
छात्राएं प्रशासन पर आरोप लगा रही थी कि उनके परिजनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन पर भी धरना उठाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन गांव राजथल में ग्रामीणों के बीच प्रशासन से हुई बातचीत में ऐसा कोई भी तथ्य उभर कर सामने नहीं आया जिसमें यह साबित हो की पुलिस ने छात्राओं के परिजनों को हिरासत में लिया है।

छात्राओं की बात सुनने पर लगा कि किसी ने छात्राओं को भड़काने के लिए यह अफवाह फैला दी कि उनके परिजनों को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में ले लिया है जिससे छात्राओं और प्रशासन के बीच की दूरी बढ़ गई। लेकिन इस बात में यह जरूर सामने आया कि महिला आयोग ने कालेज प्रबंधन पर छात्राओं के साथ गलत व्यवहार सहित अनेक गंभीर आप अपनी रिपोर्ट में लगाए हैं लेकिन प्रशासन ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन की यह रिपोर्ट गलत है यह सही है इसका तो हम फैसला नहीं करते लेकिन इसके बाद बवाल बढ़ गया है।

गांव राजथल में छात्राओं के समर्थन में सतरोल खाप, बारह खाप सहित किसान संगठनों के लोग पहुंचे और छात्राओं को दोबारा खुशी नर्सिंग कॉलेज के बाहर धरना स्थल पर लेकर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर टेंट लगवा कर धरना शुरू कर दिया और प्रशासन को चेतावनी दी कि खाप पंचायत में चेतावनी दी है कि अगर छात्राओं की समस्या का समाधान और उन्हें 2 जनवरी की सुबह तक नहीं मिला तो 2 जनवरी को एसडीएम और डीएसपी कार्यालय का घेराव कर देंगे।
शिक्षण संस्थानों में बैठे राक्षस तो कैसे बेटी बच पाएंगी और पढ़ पाएंगी – अभिमन्यु कोहाड़
Khushi Nursing College के बाहर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि छात्राओं की लड़ाई कॉलेज परिसर के अंदर की थी। लेकिन जब से छात्राओं को कॉलेज में हरासमेंट किया गया है और उन्हें अपनी आवाज उठाने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो यह लड़ाई अब उन छात्राओं और उनके परिजनों की नहीं बल्कि यहां के मौजूद लोगों की है। क्योंकि बहन बेटियां सबकी एक होती हैं। अब उनकी लड़ाई किसान का खाप पंचायत के साथ मिलकर लड़ेंगे और बेटियों को न्याय दिलाने का काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे ऐसे राक्षस शिक्षण संस्थान खोले बैठे हैं जिनकी जगह इन शिक्षण संस्थानों में नहीं बल्कि जेल के अंदर होनी चाहिए। लेकिन आज ऐसा समय आ गया है कि महिलाओं और बेटियों पर अत्याचार करने वाले खुले आम ऐसो आराम की जिंदगी जी रहे हैं और पीड़ित महिलाओं व बेटियों को न्याय पाने के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर किया जाता है। जब तक ऐसे रक्षा खुलेआम घूमते रहेंगे तब तक सरकार के बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ नारे का कोई औचित्य नहीं है। क्योंकि ऐसे राक्षसों का शिकार होकर ना ही तो बेटी बच पाएंगी और ना ही पढ़ पाएंगी।
महिला आयोग की रिपोर्ट को झूठ साबित कर रहा प्रशासन – उमेद लोहान
Khushi Nursing College छात्राओं के धरने पर पहुंचे इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद सिंह लोहान ने कहा कि राज्य की महिला आयोग का पद एक संवैधानिक पद होता है और प्रदेश के बड़े-बड़े अधिकारी उसके नीचे काम करते हैं। उसे महिला आयोग की चेयरपर्सन ने खुशी नर्सिंग कॉलेज की कर्मियों को उजागर किया था और छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपी को सही पाया गया। लेकिन स्थानीय प्रशासन कॉलेज की कमियों को छुपाने के लिए अपनी रिपोर्ट में इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उमेद लोहान ने कहा कि खुद महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कालेज परिसर का निरीक्षण कर छात्राओं के यौन शोषण के आरोपों की पुष्टि अपनी रिपोर्ट में भी की है और मीडिया में भी इसको लेकर बयान दिया है। जब किसी स्थानीय प्रशासन की कमेटी ऐसे किसी भी आप को सिरे से खारिज कर चुकी है। प्रशासन की दोहरी-दोहरी रिपोर्ट यह साबित कर रहे हैं की दाल में कुछ काला है।
उन्होंने कहा कि Khushi Nursing College में छात्राओं के साथ क्या ज्यादती हुई है इसका तो उन्हें नहीं पता लेकिन धरना स्थल से छात्राओं को भागने के लिए मजबूर किया गया और उनके पीछे पुलिस ने गाड़ी लगाई इसमें कोई दो राय बात नहीं है।
पैसे की ताकत की धमकी पहले ही दे चुका है कॉलेज अध्यक्ष – छात्राएं
Khushi Nursing College की छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब उन्होंने कालेज प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने शुरू की थी तभी कॉलेज के अध्यक्ष ने धमकी दी थी कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता उनके पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है और वह रुपए के दम पर सब कुछ खरीद सकता है। उसे समय तो उन्हें एहसास नहीं हुआ था कि रुपए में इतनी ताकत होती है कि कानून भी उसके आगे सिर झुका लेगा। लेकिन अब प्रशासन की रिपोर्ट और उसके रवैया से यह लग रहा है कि कॉलेज अध्यक्ष जगदीश गोस्वामी की बहुत-बहुत ऊपर तक है और वह पैसे के दम पर उनकी आवाज को दबा सकता है।
दो जनवरी को एसडीएम कार्यालय का घेराव – सुरेश कोथ
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने छात्राओं को जबरदस्ती धरने से उठाकर खेतों की तरफ भागने को मजबूर कर दिया और छात्राओं को मजबूरन पास के गांव में जाकर शरण लेनी पड़ी। लेकिन अभी है मामला इन छात्राओं का नहीं और ना ही कागसर गांव का है। अब छात्राओं की लड़ाई किसान संगठन और खाप पंचायत लड़ेंगी। अगर 1 जनवरी की शाम तक छात्राओं की सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो 2 जनवरी को नारनौंद के एसडीएम और डीएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
फजिहत झेलने के बाद धरने पर पहुंचे विधायक
सोशल मीडिया पर छात्राओं के धरने पर न पहुंचने को लेकर फजियत झेल रहे कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ भी सोमवार को छात्राओं के बीच धरने पर पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनी। सोशल मीडिया पर पोस्टों पर कमेंट किया जा रहे हैं कि कॉलेज प्रशासन से चुनाव में जरूर मोटा चंदा लिया है इसलिए विधायक कुछ बोल नहीं पा रहे। खुशी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखने को लेकर उनके मुंह पर लगी पट्टी की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
इस बारे में जब खुशी नर्सिंग कॉलेज के अध्यक्ष जगदीश गोस्वामी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है जिसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कानून पर विश्वास जताया है। इस बारे में आगे कुछ भी बोलने से उन्होंने मना कर दिया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
नारनौंद के एसडीएम विकास यादव ने बताया कि कॉलेज की धरनारत छात्राओं के बीच जाकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनी है और उनके समाधान की हर संभव कोशिश की जा रही है। रविवार को छात्राओं ने तीन मांगे रखी थी और शाम तक उनकी सभी तीनों मांगों को पूरा कर दिया गया था। स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर रहा है।
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