Railway police SHO Vinod Sharma : विवादों में फंसे मिस्त्री, गैराज खाली करवाने की गुहार लेकर एसपी दरबार पहुंची बुजुर्ग महिला
Hisar News Today : बरवाला चुंगी बाइपास के पास स्थित शिव कार गैराज को जबरन खाली करवाने की कोशिश में खुद को Railway police SHO बताने वाले विनोद शर्मा विवादों में घिर गए हैं। उधर दूसरी तरफ बुजुर्ग महिला ने मिस्त्री पर उसके प्लांट पर नाजायज कब्जा करने और किराया नामा पूरा होने के बावजूद खाली ना करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर बुजुर्ग महिला पुलिस अधिकारी से गुहार लगाने पहुंची।
इस पूरे प्रकरण को लेकर शिव कार गैराज में कार्यरत तलवंडी राणा निवासी सारदूल वर्मा और नारनौंद निवासी राजेश सैनी ने एसपी हिसार, एसपी रेलवे और हरियाणा पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि Railway police SHO विनोद शर्मा ने सरकारी पद और गाड़ी का दुरुपयोग करते हुए उन्हें धमकाया और गैराज खाली करने का दबाव बनाया।
हिसार पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन को दी शिकायत में सेक्टर 14 निवासी लखपति देवी ने कहा कि मैं एक 80 वर्षीय विधवा महिला हूँ। मेरे दोनों पुत्रों का असमय निधन हो चुका है और घर में कोई बड़ा पुरुष सदस्य नहीं है। मेरा एक प्लॉट नं. 480, सुंदर नगर बायपास, हिसार स्थित है, जिसे मैंने सारदूल मिस्त्री निवासी, तलवंडी राणा, जिला हिसार को किराये पर दिया था। जनवरी 2025 में जब मैंने उक्त प्लॉट खाली करने के लिए कहा, तो उसने पंचायत में 2 माह का समय माँगा 2 महीने का समय पूरा होने के बाद बहुत बार आग्रह करने पर भी उसने प्लॉट खाली नहीं किया। उसका किरायानामा जून 2025 में समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद पिछले तीन माह का उसने न तो किराया दिया है और न ही प्लॉट खाली किया है। दिनांक 08/08/2025 को जब मैं और मेरी पुत्रवधू ने प्लॉट खाली करने का आग्रह किया तो उसने अभद्र व्यवहार करते हुए साफ कह दिया- “नहीं करता खाली, जो करना है कर लो।” इसके अलावा वह यह भी धमकी दे रहा है कि यदि हम उसे प्लॉट खाली करवाने का प्रयास करेंगे तो वह आत्महत्या कर लेगा और इसके लिए हमें फॅसा देगा। वह अपने साथ एक सल्फास की बोतल लेकर चल रहा है।
23/09/2025 उसने व उसके भतीजे ने मुझे भद्दी-भद्दी गालियों दी और अभद्र व्यवहार किया जिसकी शिकायत मैंने पी.पी.पी. पड़ाव चौकी में भी दर्ज कराई है।
क्या होना चाहिए?
- तुरंत कार्रवाई* – प्रारंभिक स्तर पर संबंधित अधिकारी और मिस्त्री सारदूल पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
- जांच समिति गठित हो* – स्थानीय पुलिस, रेलवे पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर संयुक्त जांच करें।
- संपत्ति विवाद का हल* – यदि वास्तव में जमीन पर कोई विवाद है तो मिस्त्री से इस प्लांट को तुरंत खाली करवा कर असल मलिक बुजुर्ग महिला को सौंप देना चाहिए।
4. वीडियो की फोरेंसिक जांच – वीडियो असली है या एडिटेड, यह जांच आवश्यक है।
जब इस बारे में तथाकथित रेलवे पुलिस एस एच ओ विनोद शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वीडियो एडिटिंग करके वायरल की गई है। वीडियो के छोटे-छोटे पार्ट कट कर डाली गई। बदमाशों से संबंध होने की बात उन्होंने नहीं बल्कि मिस्त्री ने कही थी। उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वो पूरी तरह से निराधार हैं।
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