Farmers reached the court of Hisar MP Jayaprakash aka JP, farmers placed these demands before the MP congress .
किसान पहुंचे हिसार से सांसद जयप्रकाश उर्फ जेपी के दरबार, किसानों ने ये रखी मांगें
![]() |
| हिसार से सांसद जयप्रकाश उर्फ जैकी को अपना मांग पत्र सकते हुए किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व अन्य किसान। |
हरियाणा न्यूज हिसार: देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर गैर-भाजपा सांसदों को सैकड़ों जगहों पर मांगपत्र दिया गया और संसद के आगामी सत्र में किसानों-मजदूरों की मांगों पर प्राइवेट बिल लाने की मांग करी गयी। सभी सांसदों ने किसानों से वायदा किया कि वे संसद के आगामी सत्र में किसानों-मजदूरों की मांगों को जोर-शोर से उठाएंगे। हिसार में सांसद जयप्रकाश जेपी जी ने किसानों से मांगपत्र लिया और संसद में किसानों-मजदूरों की मांग उठाने का वायदा किया। आज मुख्य तौर पर अभिमन्यु कोहाड़, हर्षदीप गिल, दशरथ मलिक, गुरदास सिंह, राजू सहरावत, बलवान लोहान, बिंदर खोखा, सोनू सांगवान, राजेश किरमारा, जयपाल सिंधु, जंगी लोहान, शीलू लोहान, गुड्डी नियांणा, सरोज नियांणा, जगबीर ढंढेरी, रेशम सिंह, मंजीत थुराना, देवेंद्र लौरा आदि मौजूद रहे।
गैर भाजपा सांसद को किसानों द्वारा की गई मांग
कृषि कानूनों के खिलाफ एवम एमएसपी गारंटी कानून बनवाने के लिए 2020-21 में किसानों ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 378 दिनों तक ऐतिहासिक आंदोलन लड़ा था। उस समय केंद्र सरकार ने 3 कृषि कानून वापस लिए थे एवम एमएसपी गारंटी कानून बनाने के लिए एक कमेटी के गठन का ऐलान किया था। अगले 2 वर्षों तक 1-1 दिन के कई सांकेतिक कार्यक्रमों के माध्यम से हम ने सरकार का ध्यान एमएसपी गारंटी कानून बनाने की तरफ आकर्षित करना चाहा लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। धैर्य की सभी सीमाएं पार होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवम किसान मजदूर मोर्चा ने निम्नलिखित मांगों पर 13 फरवरी को “दिल्ली कूच” का ऐलान किया –
1). पूरे देश के किसानों के लिए सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए और डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव तय किये जाये।
2). किसानों और मजदूरों की पूर्ण कर्ज़मुक्ति करी जाये।
3). भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में पुनः लागू किया जाए एवम भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की लिखित सहमति एवम मार्किट रेट से 4 गुणा मुआवज़ा देने के प्रावधान लागू किये जायें।
4). लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सज़ा एवम पीड़ित किसानों को न्याय दिया जाए एवम 2020-21 के किसान आंदोलन के सभी मुकदमे रदद् किये जायें।
5). भारत विश्व व्यापार संगठन से बाहर आये एवम सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए।
6). किसानों और खेत मजदूरों को 10000 रुपये/महीना की पेंशन दी जाए।
7). पीएम फसल बीमा योजना में सुधार किए जाएं, फसल में नुक्सान होने पर एक एकड़ को यूनिट मानकर मुआवजा दिया जाए एवम प्रीमियम सरकार द्वारा भरा जाए।
8) विद्युत संशोधन विधेयक 2023 को रद्द किया जाए एवम खेती को प्रदूषण कानून से बाहर निकाला जाए।
9). मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार, 700 रुपये का मजदूरी भत्ता दिया जाए एवम मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जाए।
10). नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां एवम खाद बनाने वाली कंपनियों पर सख्त दंड और जुर्माना लगाने के प्रावधान तय किये जायें एवम बीजों की गुणवत्ता में सुधार किये जायें।
11). मिर्च, हल्दी एवम अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए।
12). संविधान की 5 सूची को लागू किया जाए एवम जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित कर के कम्पनियों द्वारा आदिवासियों की ज़मीन की लूट बन्द करी जाए।
13). किसान आंदोलन – 2 के दौरान किसानों पर गोलियां चलाने एवम अत्याचार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कारवाई करी जाए।
13 फरवरी से शुरू हुए किसान आंदोलन – 2 के शुरुआती दिनों में केंद्र सरकार के मंत्रियों से 4 दौर की वार्ता किसान नेताओं की हुई लेकिन वे सभी वार्ताएं बेनतीजा रही। अपनी मांगों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए अपने ही देश की राजधानी दिल्ली में जा रहे किसानों के ऊपर हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा फायरिंग करी गयी, पैलेट गनों का इस्तेमाल किया गया एवम जहरीली गैसों का इस्तेमाल किया गया। हरियाणा पुलिस की तरफ से की गयी इस हिंसा में 1 किसान शुभकरण सिंह सिर में गोली लगने से शहीद हो गए, 5 किसानों की आंखों की रोशनी चली गयी, कई साथियों की जहरीली गैस के चपेट में आने से मौत हो गयी एवम 433 किसान घायल हो गए।
आप की पार्टी ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों एवम मजदूरों के ये मुद्दे अपने मैनिफेस्टो में शामिल किए थे। आप को जनता ने चुन कर अपने प्रतिनिधि के तौर पर संसद में भेजा है इसलिए आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आप MSP गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट एवम किसान-मजदूरों की कर्जमाफी समेत तमाम मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में प्राइवेट बिल पेश करें ताकि किसानों एवम मजदूरों की मांगें पूरी हो सकें। यदि आप संसद में गंभीरतापूर्वक किसानों-मजदूरों के मुद्दों पर प्राइवेट बिल नहीं लाते हैं तो फिर हमें ये मानने पर मजबूर होना पड़ेगा कि किसानों-मजदूरों के मुद्दों पर आप गम्भीर नहीं हैं।
खास खबर पढ़ें :-
Hansi News: पीएनबी बैंक के एटीएम को तोड़ा,
Hansi News: सोरखी के सरकारी स्कूल की हालत खस्ता, कभी भी हो सकता हादसा,
सिरसा में आफत बनी बरसात, राजपुरा माइनर टूटी, खरीफ चैनल के तटों में कटाव,
Discover more from Abtak Haryana News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


