Haryana roadways employee protest in hisar news
Haryana News, Hisar: हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो में कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर चल रहा आंदोलन अब और व्यापक होता जा रहा है। आंदोलन के 55वें दिन बुधवार को हरियाणा रोडवेज रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ ने भी आंदोलनरत सांझा संघर्ष समिति के समर्थन में खुलकर मैदान में उतरते हुए महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 9 जुलाई को महाप्रबंधक कार्यालय के घेराव और 10–11 जुलाई की प्रस्तावित हड़ताल में सेवानिवृत्त कर्मचारी भी पूरी ताकत के साथ भाग लेंगे।
-9 जुलाई को जीएम घेराव और 10–11 जुलाई की हड़ताल का फैसला अटल, तैयारियां जोरों पर-
महासंघ की ओर से बलबीर देशवाल की अध्यक्षता में आयोजित घेराव के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ, मेडिकल भत्ता, महंगाई भत्ता (डीए), रात्रि ठहराव भत्ता सहित अन्य देयकों का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान राजपाल नैन, एमएल सहगल, नरेश गोयल, राजबीर सिंधू, महेंद्र स्याहड़वा, विजय सिवाच, रूप सिंह बोस व रघबीर बड़सी ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर
वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने वैध अधिकारों के लिए बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जो प्रशासन की उदासीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक विभाग की सेवा करने वाले कर्मचारियों को उनके वैध वित्तीय लाभों के लिए भटकना पड़ रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हरियाणा रोडवेज हिसार महाप्रबंधक के खिलाफ धरना
उन्होंने प्रशासन से सभी लंबित भुगतान बिना किसी और देरी के जारी करने की मांग की। घेराव के बाद रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी हरियाणा रोडवेज हिसार में महाप्रबंधक के खिलाफ पिछले कई दिनों से चल रहे सांझा संघर्ष समिति के धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। महासंघ के नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल वर्तमान कर्मचारियों की नहीं, बल्कि पूरे कर्मचारी वर्ग के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं किया तो रिटायर्ड कर्मचारी भी आंदोलन की हर रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उधर, आंदोलन को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि हांसी डिपो में आयोजित विशाल गेट मीटिंग में भी पहुंचे। बैठक की अध्यक्षता सोनू मोर ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों को लेकर बार-बार किए गए आग्रह के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे चुका है और निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर संगठन के बैनर तले एकजुट होने तथा 9 जुलाई के महाप्रबंधक कार्यालय घेराव और 10–11 जुलाई की हड़ताल को ऐतिहासिक सफलता दिलाने का आह्वान किया।
सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का साथ आंदोलन को नई ऊर्जा, नैतिक बल और व्यापक जनसमर्थन प्रदान करेगा। समिति ने विश्वास जताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की यह अभूतपूर्व एकजुटता प्रशासन को लंबित मांगों के समाधान के लिए मजबूर करेगी।
उधर, आंदोलन को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि हांसी डिपो में आयोजित विशाल गेट मीटिंग में भी पहुंचे। बैठक की अध्यक्षता सोनू मोर ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों को लेकर बार-बार किए गए आग्रह के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे चुका है और निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर संगठन के बैनर तले एकजुट होने तथा 9 जुलाई के महाप्रबंधक कार्यालय घेराव और 10–11 जुलाई की हड़ताल को ऐतिहासिक सफलता दिलाने का आह्वान किया।
सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने रिटायर्ड कर्मचारी महासंघ द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का साथ आंदोलन को नई ऊर्जा, नैतिक बल और व्यापक जनसमर्थन प्रदान करेगा। समिति ने विश्वास जताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की यह अभूतपूर्व एकजुटता प्रशासन को लंबित मांगों के समाधान के लिए मजबूर करेगी।


