Weather Update: हरियाणा के इन जिलों से मानसून रूठा, मौसम विभाग का नया अपडेट

0

 Weather Update in Haryana News 

Weather Update in Haryana News




Weather Update in Haryana News: मानसून अबकी बार इतना कमजोर है कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी पूरे हरियाणा को कवर नहीं कर पाया। हरियाणा के आधा दर्जन के करीब जिले ऐसे हैं जहां पर मानसून की बारिश शुरू ही नहीं हुई। गर्मी और उमश के कारण लोगों के कंठ प्यास सुख रहे हैं। वहीं धान कपास और बाजरे की फैसले बारिश का इंतजार में सूखने के कगार पर पहुंच गई है। अब तक मौसम विभाग द्वारा मानसून को लेकर किए गए तमाम दावे खोखले साबित हुए हैं। 


बारिश से फसलों को जीवन दान, मानसून की धीमी रफ्तार से किसान परेशान

हरियाणा मौसम पूर्वानुमान


2026 में मानसून की रफ्तार इतनी धीमी है कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी यह पूरे हरियाणा को कवर नहीं कर पाया। गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, जींद रोहतक में बुधवार को रुक-रुक कर बारिश हो रही है जबकि हरियाणा के हांसी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और चरखी दादरी में किसान आसमान की तरफ बादलों को देखने को मजबूर हैं कि कब यह बादल उनके यहां बारिश से फसलों को जीवन दान मिले। गर्मी और उमस की वजह से लोगों का बुरा हाल है साथ ही गर्मी में लोगों के कंठ प्यास से सुख रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा अब तक किए गए तमाम दाव नाकाम साबित हुए हैं और लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की पोस्ट कर रहे हैं। 



हरियाणा में बारिश से जलभराव

मानसून की सक्रियता को लेकर अपडेट जारी 

भारतीय मौसम विभाग 5 जुलाई से दोबारा से मानसून की सक्रियता को लेकर अपडेट जारी कर चुका है कि अब मानसून सक्रिय हो गया है और दक्षिणी हरियाणा में भी अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। लेकिन चार दिन भी जाने के बाद यहां पर बारिश नहीं हुई और आसमान में कभी सूरज की तपिश तो कभी बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। कभी तेज हवाएं चलती हैं तो कभी इतनी गर्मी बढ़ जाती है कि लोग सुबह के समय भी पसीना पसीना हो जाते हैं। 



नरमा और बाजरे की फसल भी सूखने के कगार

किसानों की धान की फसल के साथ-साथ नरमा और बाजरे की फसल भी सूखने के कगार पर पहुंच गई है। पशुओं के लिए हरा चारा के रूप में बिजाई की गई ज्वार की फसल भी बारिश की बाक जोह रही है। हांसी जिले के किसानों ने बताया कि जुलाई के शुरू में ही मानसून की बारिश शुरू हो जाती थी और वह अपने खेतों में धान की रोपाई कर देते थे। इसी को लेकर इस बार भी उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई शुरू कर दी लेकिन बारिश नहीं होने के कारण उनके खेतों में धान की रोपाई का कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा और जिन खेतों में धान की रोपाई की गई है उसमें पानी नहीं डट रहा। वह फसल भी सूखने के कगार पर पहुंच गई है। 


मानसून के रूठेपन की वजह से उनके खेतों में खड़ी नरमा, बाजार और ज्वार की फैसलें सूखने के कगार

वहीं भिवानी, चरखी दादरी, आदमपुर, बालसमंद, सिवानी मंडी, तोशाम इत्यादि क्षेत्रों के किसानों ने बताया कि उनके यहां पानी की काफी कमी है और ड्रिप विधि से वह अपने खेतों में सिंचाई करते हैं। ‌ लेकिन इस बार मानसून के रूठेपन की वजह से उनके खेतों में खड़ी नरमा, बाजार और ज्वार की फैसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई है। फसलों को मुरझाए देख किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही है। किसानों ने कहा कि अगर आने वाले दो-चार दिनों के अंदर बारिश नहीं हुई तो उनके द्वारा तैयार की गई नरम और बाजरे की फसल के साथ-साथ अन्य हरि फैसले पूरी तरह से चौट हो जाएंगी। 



इस संबंध में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विशेषज्ञ डॉ मदन खीचड़ ने बताया कि 8 जुलाई को मौसम मानसून को लेकर अनुकूल परिस्थितियां बनती हुई दिखाई दे रही हैं जिससे मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और दक्षिण हरियाणा में भी बारिश की गतिविधियों होने की संभावना बन रही है। गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, पानीपत, करनाल, जींद में बारिश की गतिविधियां बुधवार को दर्ज की गई है। 11 जुलाई तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने और कहीं-कहीं हल्की व मध्य में बारिश होने की संभावना देखी जा रही है साथ ही कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। 


*📢कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा  कृषि विश्वविद्यालय हिसार*

हकृवि  -भारत मौसम विज्ञान विभाग : अल्पअवधि मौसम पूर्वानुमान : 08.07.2026 @ दोपहर 1.15 बजे जारी मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक नूह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल में हवाओं के साथ मध्यम बारिश तथा चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, हांसी, जींद, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर जिलों में कहीं कहीं तेज हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top