Weather Alert in Haryana
Weather Alert in Haryana : हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम बदल रहा है और उमश भरी गर्मी ने लोगों को पसीना पसीना कर दिया है। ( IMD ) मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक हरियाणा में 6 जुलाई से 11 जुलाई तक माध्यम से भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कई इलाकों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा के तीन जिलों में मानसून ने नहीं ली एंट्री ( Weather Update Haryana )
मौसम विभाग ने जारी अपने बुलेटिन में बताया कि 6 जुलाई के बाद हरियाणा में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। अब तक हरियाणा के तीन जिलों में मानसून ने एंट्री नहीं ली है। जिनमें हिसार फतेहाबाद और सिरसा जिला में मानसून एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी नहीं पहुंच पाया है। लेकिन मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब मानसून 6 जुलाई से पूरी तरह से हरियाणा को कवर कर लेगा। दोबारा से मानसून सक्रिय होने की वजह से हरियाणा के ज्यादातर की इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। नहीं पंचकूला और यमुनानगर में इस दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में गरज चमक के साथ बिजली गिर सकती है।
भारी बारिश का अलर्ट ( Haryana Rain Alert )
मौसम विभाग ने 6 जुलाई को हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, रोहतक, झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, हांसी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और जींद जिले में हल्की से मध्य में बारिश होने संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक 6 जुलाई को मौसम बदलने के साथ ही 11 जुलाई तक रुक रुक कर बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक 7, 9 और 11 जुलाई को बारिश का दायरा बढ़ जाएगा और हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग में 8 जुलाई को बारिश होने की भी संभावना जताई है। लगातार बारिश होने की वजह से शहरी क्षेत्र और निचले इलाकों में जल भराव की उत्पन्न हो सकती है ऐसे में मौसम विभाग ने बारिश के मौसम में यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वह मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और बिना किसी ठोस कारण के घरों से बाहर निकलने से परहेज करें।
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 4 दिनों में तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है लेकिन यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। बारिश की गतिविधियां शुरू होते ही तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है।
फसलों के लिए फायदेमंद
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की गतिविधियां शुरू होने से किसानों को काफी फायदा होगा। नरमा, बाजरा, जवार की फासले जो गर्मी से सूखने के कगार पर पहुंच गई थी प्राप्त मात्रा होगी। वहीं जो किसान धान की खेती करते हैं उनके लिए यह बारिश वरदान बनकर बरसेगी। नरमा, बाजरा की खेती करने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों में नमी होने पर वह अपनी फसलों की निराई गुड़ाई समय पर करें।


