छात्रों पर लाठीचार्च के विरोध में नारनौंद में प्रदर्शन, युवा कांग्रेस नेता के नेतृत्व में SDM को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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नारनौंद में कांग्रेस का प्रदर्शन: युवा शहरी प्रधान विकास ढांडा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

 नारनौंद में कांग्रेस का प्रदर्शन: युवा शहरी प्रधान विकास ढांडा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


Latest News : देश के युवा नीट परीक्षा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे देश के भविष्य पर लाठीचार्च कर उन्हें जो यातनाएं दी हैं उससे मुगलों व अंग्रेजों के शासनकाल में देशवासियों के घाव पर नमक छिडक़ने का काम किया है। उक्त शब्द कांग्रेस के हिसार युवा शहरी अध्यक्ष विकास ढांडा ने नारनौंद में युवाओं के समर्थन में नारनौंद में निकाले गए विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए कहे। 


विकास ढ़ांडा ने कहा कि भाजपा सरकार की नितियां मुगलों व अंग्रेजों के शासनकाल की नितियों से भी बढक़र जनता के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं। दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक व शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित अनेक मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्च करने के विरोध में नारनौंद में प्रदर्शन किया युवा कांग्रेस नेता विकास ढांडा के नेतृत्व में एसडीएम नारनौंद को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ( Narnaund News Today




छात्रों पर लाठीचार्च के विरोध में नारनौंद में प्रदर्शन, युवा कांग्रेस नेता के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन



उन्होंने कहा कि कांग्रेस पाटी ने हमेशा देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों का भला चाहा है। लेकिन भाजपा ना तो किसानों की सुन रही है और ना ही मजदूरों की। बल्कि देश के युवाओं की उठ रही आवाज को दबाने के लिए भी अनेक हथकंडे अपना रही है। युवाओं की आवाज को उठा रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को युवाओं की आवाज उठाने पर घसिटा गया। अगर उसका एक प्रतिशत भी इस तरह का बर्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होता तो वो इसको ही चुनावी मुद्दा बनाकर देश की जनता को गुमराह कर देते कि ये विपक्ष की चाल है। 





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नारनौंद हल्के से युवा हल्का प्रधान प्रमोद कोहाड़ ने कहा कि भाजपा के पाप का घड़ा भर चुका है। जब देश का युवा अपने भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है तो उसकी आवाज को कुचलने का काम भाजपा की तानाशाही सरकार कर रही है। जिसको कांग्रेस पाटी किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी और युवाओं की आवाज बनकर संसद से लेकर सडक़ तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ये लड़ाई जब तक जारी रहेगी जब तक केन्द्रीय मंत्री धमेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते और प्रधानमंत्री को भी पेपर लीक जैसे मुद्दे को लेकर नैतिक आधार पर अपना त्यागपत्र दे देना चाहिए। इस अवसर पर युवा ग्रामीण प्रधान सोविन भाटला, तमन्नू पेटवाड़, प्रदीप ढांडा, नरेन्द्र, नरेश, रमेश, मनीष, प्रवीन, साहिल इत्यादि मौजूद थे। 


हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, देशभर के उन छात्र-छात्राओं एक युवाओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं, जो अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।


यह अत्यंत दुःख एवं चिंता का विषय है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्वक रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग एवं लाठीचार्ज किया गया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की भावना के प्रतिकूल है। 


देशभर में बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब, प्रशासनिक विफलताओं तथा सरकार के असंवेदनशील रवैये ने लाखों छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का विश्वास गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आज देश का युवा अपने भविष्य, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और न्यायपूर्ण अवसरों की मांग कर रहा है। ऐसे में उनकी आवाज़ को सुनना सरकार का दायित्व है, न कि उसे दमन का सामना करना पड़े।


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माननीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी निरंतर इस बात पर बल देते रहे हैं कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। इसलिए युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज़ का सम्मान करना लोकतंत्र की मूल भावना तथा संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप है। दिनांक 21 जुलाई 2026 को, जब मल्लिकार्जुन खड़गे एवंराहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ छात्रों पर भाजपा सरकार द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दिया, तब दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के इशारे पर उन्हें भी अलोकतांत्रिक ढंग से हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। यह घटना लोकतांत्रिक अधिकारों, विशेषकर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार, पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।


अतः महामहिम से विनम्र प्रार्थना है कि आप अपने संवैधानिक संरक्षण एवं हस्तक्षेप के माध्यम से केंद्र सरकार को निम्नलिखित मांगों पर उचित एवं शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित करने का कष्ट करें:


देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, निष्पक्षता एवं गरिमा बनाए रखने में विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान अपना पद तत्काल त्यागें।


देशभर में बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा कराई जाए।


नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज की गई सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएँ तथा उनके विरुद्ध की गई दमनात्मक कार्रवाई समाप्त की जाए।


महामहिम, हमें पूर्ण विश्वास है कि आप देश के युवाओं की लोकतांत्रिक भावनाओं एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु इस विषय में आवश्यक हस्तक्षेप करेंगी।


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