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Bulldozer Action : नारनौंद उपमंडल कार्यालय में अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

By हरियाणा न्यूज टूडे

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Bulldozer action in upmandal office Narnaund

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Narnaund News : हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल कार्यालय परिसर में रविवार को अवैध कब्जे करके बनाए गए मकान पर प्रशासन का बुलडोजर ( Bulldozer action ) चलाया गया। प्रशासन ने अवैध कब्जे करके बनाए गए दर्जनों मकान पर कार्रवाई की जिसके बाद अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासन की यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया गया। लेकिन कॉलेज परिसर में किए गए अवैध कब्जों को भी हटाए जाने की मांग उठने लगी है। रविवार शाम तक अवैध रूप से कब्जा करके बनाए गए करीब एक दर्जन मकान को गिराया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक करीब 40-50 सालों से लोग हांसी चंडीगढ़ मार्ग पर स्थित नारनौंद के खंड मोड पर मकान और दुकान बनकर रह रहे थे। मकान में लोगों के परिवार रहते थे और दुकानों में व्यापार करके वह अपना और अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे थे।


नारनौंद उपमंडल बनने के बाद यह जमीन उप मंडल परिसर के अधीन आ गई और लोगों को कई बार इस जमीन से अवैध कब्जा छोड़ने के लिए कोर्ट द्वारा नोटिस भी दिए गए। लेकिन लोग अपना कब्जा छोड़ने के लिए आराधी नहीं हुए और सालों से यह कब्जा पीढ़ी दर पीढ़ी चला रहा।

बार-बार कोर्ट के नोटिस आने के बाद नारनौंद एसडीएम विकास यादव, नगरपालिका सचिव सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने कब्जा धारी लोगों से बातचीत की और उन्हें इस जमीन से कब्जा छोड़ने के फायदे बताएं। प्रशासन ने उन्हें मकान खाली करने के लिए सुबह चार बजे तक का समय दिया, लेकिन कब्जाधारियों ने प्रशासन से 10 बजे तक का समय मांगा। जिसके बाद प्रशासन ने उनकी इस दलील को मान लिया।


जिसके बाद कब्जाधारी लोग यहां से अवैध कब्जे छोड़ने पर राजी हुए। उन्होंने रात को ही अपने घरों को खाली करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने उनके सामान को यहां से उठने के लिए उन्हें ट्रैक्टर ट्राली भी उपलब्ध करवा दी।

रविवार की सुबह करीब 10:00 बजे प्रशासनिक हमला पोपलीन मशीन सहित तीन जेसीबी मशीन लेकर उपमंडल कार्यालय परिसर पहुंचा और अवैध कब्जा को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस कब्जा करो भाई को पूरी करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर बास के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को नियुक्त किया गया था। लेकिन लोगों के सहयोग से यह कब्जा करवाई पूरे देश में सुर्खियों में बन गई।  लोगों ने अपनी इच्छा शक्ति से यहां से अपने अवैध कब्जों को हटाने में प्रशासन का पूरा सहयोग किया और अन्य लोगों को भी संदेश दिया कि जो भी लोग सरकारी या पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं उन्हें भी अपनी इच्छा से उन्हें कब्जा मुक्त कर देना चाहिए।

जिन लोगों के घरों पर रविवार को बुलडोजर चला उन लोगों ने कहा कि उन्हें बड़ा दुख हो रहा है कि उनकी खून पसीने की मेहनत से बना आशियाना आज गिर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके रहने के लिए और कोई दूसरा ठिकाना नहीं है और वह यहां पर छोटी-छोटी दुकान निकाल के अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे अब उनका रोजगार ही‌ नहीं सिर से छत भी छिन गई है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई ऊंची पहुंच नहीं है जिसकी वजह से आज उनका आशियाना गिराया जा रहा है लेकिन इसमें प्रशासन का कोई दोष नहीं है।

अगर राजनेता और प्रशासन सच में पूरे शहर को कब्जा मुक्त करना चाहते हैं तो नारनौंद के सरकारी कॉलेज की अधिकतर जमीन पर एक विशेष समुदाय के लोगों ने कब्जा किया हुआ है उसे भी कब्जा मुक्त करवाया जाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने कॉलेज की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है उन्होंने अपने कब्जों को बचाने के लिए यहां पर एक छोटा सा भगवान परशुराम का मंदिर भी बना दिया है ताकि मंदिर की आड़ में उनका कब्जा जमा रहे। इसके अलावा उन लोगों की राजनीतिक ऊपर तक है जिसकी बदौलत उन पर कोई कार्रवाई होती हुई दिखाई नहीं दे रही।

स्थानीय कब्जाधारी लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने इच्छा से कब्जे छोड़ दिए हैं लेकिन उनकी तीन पीढ़ियां यहां पर रहती हुई आई है और अब उनके पास रहने या कारोबार करने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है इसलिए वह प्रशासन से मांग करते हैं कि उन्हें रहने के लिए घर की जमीन और रोजगार चलाने के लिए दुकान की या मुआवजे की व्यवस्था करें। इस जमीन पर कुछ लोग आटा चक्की लगाकर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे थे तो कोई फल सब्जी बेचकर अपने बाल बच्चों को पल रहा था। अब देखने वाली यह बात होगी कि खंड मोड पर स्थित साध्वी दर्शन देवी का मंदिर बच पाता है या प्रशासनिक कार्रवाई इस पर भी चलती है। समाचार लिखे जाने तक अवैध कब्जा को हटाने की कार्रवाई मंदिर तक नहीं पहुंच पाई थी।

इस संबंध में नारनौंद के एसडीएम विकास यादव ने बताया कि उपमंडल परिसर को पूर्ण रूप से कब्जा मुक्त कर दिया गया है। कोर्ट द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कब्जाधारी लोगों को समझाया तो वह कब्जा छोड़ने के लिए राजी हो गए। उन्होंने अपने आप अपने घरों को खाली कर जमीन को खाली कर दिया है। अवैध मकान को गिराने के लिए प्रशासन की तरफ से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राली उपलब्ध कराई गई थी।

कॉलेज परिसर में जिन लोगों ने भी अवैध कब्जा किए हुए हैं उन्हें भी कोर्ट की तरफ से आदेश आते ही हटाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। जिस जगह पर लोगों ने उपमंडल परिसर में कब्जा किए हुए थे वहां पर अब चार दिवारी निकाल कर उपमंडल परिसर को और भी आकर्षक बनाया जाएगा। उपमंडल परिसर के पीछे कोर्ट परिसर बनाया जाना है जिससे लोगों को और भी सुविधा यहां पर मिलने लगेंगी।

नारनौंद उपमंडल कार्यालय में अवैध कब्जा कार्रवाई के फोटो और वीडियो

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