DAP fertilizer bag: different weight, same rate, what kind of joke is this with farmers
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Haryana News Today : डीएपी खाद के कट्टे एक और वजन अलग-अलग हों तो क्या कहियेगा। इफको का कट्टा 50 किलो और यही बैग प्राइवेट दुकानों पर 48 किलो का दिया जा रहा है। कट्टे से खाद निकाली जा रही है या कोई और कारण है यह तो जांच का विषय है पर किसान यह आरोप लगा रहे हैं। किसान यह भी कह रहे हैं कि खाद के बैग के साथ जिंक, बीज और दवा आदि जबरन थोपे जा रहे हैं और किसानों की जेब काटी जा रही है।
इससे किसानों में रोष बना हुआ है। किसानों ने इस मामले की शिकायत भी अधिकारियों को भेजी है। यह आरोप लगाया है कि जब खाद का वजन बराबर निर्धारित किया गया है तो कम ज्यादा कैसे आ रहा है। किसानों में इस गड़बड़ी को लेकर गुस्सा है।
इफको केंद्र और प्राइवेट दुकानों से डीएपी खरीदने वालों की माने तो बैग एक जैसे और वजन-वजन अलग होने से यह असमंजस बन रहा है कि कहीं नकली खाद तो नहीं दी जा रही है। एक तो वजन कम और दूसरे जिंक, बीज और दूसरी दवाइयां किसानों को जबरन दी जा रही हैं।
किसानों को अलग-अलग वजन के बैग दिए जा रहे हैं। मैंने इफको केंद्र से डीएपी बैग खरीदा तो वह 50 किलो का था। दुकानदार से खरीदा तो 48 किलो का दिया गया। दोनों का रेट बराबर है। दुकानदार बैग के साथ जिंक, बीज दवा आदि साथ दे रहे हैं।
महेंद्र सिंह, ढिगावा, किसान
खाद के बैग में वजन अलग-अलग नहीं हो सकता। यह रूमर भी हो सकता है। किसी ने बैग से खाद निकालने की गड़बड़ी की है या कोई और कारण है तो यह जांच का विषय है। हां डीएपी खाद की एक सप्ताह से किल्लत बनी है।
कामरेड ओमप्रकाश, किसान नेता भिवानी।
डीएपी के वैग में खाद कम होने की कोई शिकायत नहीं है। प्राइवेट में किसी की कुंडी आदि लगने या किसी दूसरे कारण से हो गई हो तो कहा नहीं जा सकता। ऐसा कोई मामला है तो किसान संबंधित अधिकारियों को शिकायत कर सकते हैं।
रामअवतार कौशिक, मैनेजर हैफेड
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