Dr Sandeep Chahar hand microvascular surgery fellowship china
Hisar News Today : बनभौरी गाँव के डॉ. संदीप चाहर हाल ही में चीन से हैंड एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी में फेलोशिप ( hand microvascular surgery fellowship ) पूरी करके भारत लौटे हैं। डॉ. चाहर मूल रूप से बनभौरी गाँव के रहने वाले हैं और पेशे से प्लास्टिक, कॉस्मेटिक, हैंड एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जन हैं। वर्तमान में वे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
अग्रोहा मेडिकल में सेवाएं देंगे डॉ संदीप चाहर

यह भारत के लिए गर्व की बात है कि डॉ. संदीप चाहर देश के पहले ऐसे डॉक्टर बने हैं जिन्हें चीन से इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए आमंत्रित किया गया। इस अवसर के माध्यम से उन्हें चीन में हैंड सर्जरी की आधुनिकतम तकनीकों को नज़दीक से सीखने और समझने का मौका मिला। उन्होंने वहाँ न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी अनेक जटिल ऑपरेशन और सर्जिकल प्रक्रियाओं को अंजाम दिया।
डॉ. चाहर ने बताया कि चीन में उनके अनुभव ने उन्हें hand microvascular surgery के क्षेत्र में नई दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान किया है। अब वे भारत में भी इन अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके मरीजों का उपचार कर सकेंगे। इनमें विशेष रूप से कटी हुई उंगली या हाथ को फिर से जोड़ना (Replantation Surgery), क्षतिग्रस्त अंगों का पुनर्निर्माण करना ( Reconstruction ) तथा नई उंगली का निर्माण करना जैसी अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से न केवल उनका व्यक्तिगत विकास हुआ है बल्कि hand microvascular surgery से भारतीय चिकित्सा व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। इस प्रकार के आधुनिक उपचार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को अत्यधिक लाभ होगा। डॉ. संदीप चाहर का मानना है कि भारत में हैंड एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी का क्षेत्र लगातार उन्नति करेगा और वे अपने अनुभवों से आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित करेंगे।
डॉ. चाहर की hand microvascular surgery में यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और गाँव के लिए गर्व का विषय है बल्कि हरियाणा राज्य और पूरे देश के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।