Fake Government Office in Sirsa News
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Sirsa News : सिरसा के नए बस स्टैंड के पास पुलिस ने छापेमारी करते हुए एक फर्जी सरकारी कार्यालय ( Fake Government Office ) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्यालय के बाहर खड़ी बोलोरो गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है जिस पर भारत सरकार लिखा हुआ था और नीली बत्ती लगी हुई है। इस कार्यालय का प्रमुख हिसार जिले के गांव राजपुरा निवासी राममेहर बताया जा रहा है। राम मेरे पर पहले भी धोखाधड़ी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन आज तक वह ऊंची पहुंच होने के कारण इन मामलों से बचता आ रहा है।
सिरसा पुलिस को सूचना मिली थी कि नए बस स्टैंड के पास पेट्रोल पंप वाली बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर एक Fake Government Office खोला गया है। इस कार्यालय का प्रमुख भारत सरकार लिखी बोलोरो गाड़ी में घूम-घूम कर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की तो वहां पर चार महिला कर्मी पाई गई। पुलिस ने महिलाओं से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि हिसार जिले के गांव राजपुरा निवासी राममेहर अपने आप को सरकारी अधिकारी बताकर उन्हें नौकरी पर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह बिल्डिंग भी राममेहर ने ही किराए पर ली हुई है। वो सब राममेहर के कहे मुताबिक ही काम कर रही हैं।

पुलिस ने वहां पर मौजूद महिलाओं से सरकारी कार्यालय से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाई। जब पुलिस ने इसका रिकॉर्ड खान वाला तो यह समाज कल्याण विभाग से सत्यापन करवाया हुआ पाया गया लेकिन इसका वहां पर कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस के प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हिसार जिले के गांव राजपुरा निवासी राममेहर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, लाडो लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना इत्यादि के नाम पर भोले भाले लोगों से 1100-1100 की फीस वसूल रहा था।
गौरतलब है कि राममेहर एक विधायक का काफी नजदीकी बताया जाता है और उसका परिवार काफी सालों से उसे विधायक का समर्थक रहा है। राममेहर ने शुरुआत में हिसार जिले के हांसी में ही एक फर्जी कार्यालय खोलकर लोगों को नौकरी पर रखकर कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। लेकिन ऊंची पहुंच होने के कारण वह इस मामले को रफा दफा करवाने में कामयाब हो गया था। उसके बाद लगातार कई सालों से वह हिसार, जींद, फतेहाबाद, सिरसा सहित हरियाणा के अन्य जिलों में भी लोगों को सरकारी अधिकारी बता कर उनके साथ धोखाधड़ी करता आ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि राममेहर पंडित के जिस विधायक के साथ संबंध है वह अब भी भाजपा सरकार में ही विधायक हैं। राममेहर सिरसा में समाधान ग्रामीण वेलफेयर एंड इम्पलायमेंट सर्विसेस लिमिटेड भारत सरकार के नाम से कार्यालय चल रहा था। राममेहर के इस कार्यालय के बाहर भारत सरकार लिखी बोलोरो गाड़ी जिस पर नीली बत्ती लगी हुई थी उसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जान शुरू कर दी है। राममेहर अब अपने बचाव में क्या सबूत पेश कर पता है और पुलिस जांच में क्या सब सामने उभर कर आता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। क्या राममेहर पंडित इस बार अभी अपनी ऊंची पहुंच की वजह से बच पाएगा या इस बार वह किसी बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है।
इस ( Fake Government Office ) पर सिविल लाइन थाना सिरसा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार की टीम द्वारा छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस को 27 अक्टूबर को शिकायत मिली थी कि पेट्रोल पंप वाली बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर फर्जी कार्यालय चलाया जा रहा है। जांच अधिकारी संदीप से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में लगी हुई है और मौके से बरामद गाड़ी को जब्त कर लिया गया है।









