Hansi News Today : Sindhu ghati Saraswati sabhyata history
Hansi News Today : राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही पेंटिंग प्रतियोगिता सिंधु घाटी सभ्यता एवं संस्कृति को बच्चों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। Rakhigadhi Mahotsav स्थल पर आयोजित इन रचनात्मक प्रतियोगिताओं में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है।

Rakhigadhi Mahotsav प्रतियोगिता के अंतर्गत पेंटिंग, पॉट पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग तथा रंगोली जैसे विषयों पर बच्चों की अलग-अलग प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। इन चारों प्रतियोगिताओं का मुख्य विषय सिंधु-सरस्वती घाटी सभ्यता से जुड़े पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त प्राचीन वस्तुएं रखी गई हैं, ताकि बच्चे अपनी कला के माध्यम से अपने समृद्ध इतिहासऔर संस्कृति को समझ सकें।
प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चे बुल सील, मानव कंकाल, प्राचीन चूड़ियां, खिलौने इत्यादि अन्य ऐतिहासिक अवशेषों पर आधारित आकर्षक पेंटिंग व मॉडल तैयार कर रहे हैं। बच्चों की कलाकृतियों में हड़प्पा कालीन जीवन शैली, आभूषण, धार्मिक आस्थाएं और कला कौशल स्पष्ट रूप से झलक रहा है।

आयोजकों के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में प्रतिदिन लगभग 100 बच्चे भाग ले रहे हैं। Rakhigadhi Festival में अब तक 300 से अधिक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
शिक्षाविदों और अभिभावकों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि बढ़ती है और वे पुस्तकों के साथ-साथ व्यवहारिक व रचनात्मक माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ पाते हैं। राखीगढ़ी महोत्सव में आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान कर रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सिंधु सरस्वती घाटी सभ्यता से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बन रही है।