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Karnal News Today: बुजुर्ग दंपति हत्याकांड में खुलासा; पुलिस ने मृतक के पोते सहित तीन को दबोचा

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Karnal News Today: assandh Old couple murder case update

 

Karnal News Today: प्रॉपर्टी के लालच में एक युवक इस कदर गिर गया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने ही दादा-दादी की गला दबाकर हत्या कर दी। जब आरोपित अपने दादा दादी के हाथ पांव बांध कर घसीट रहा था तो उसकी दादी चिल्ला रही थी कि रविंद्र हमें बचा ले, लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि रविंद्र ही उनका कॉल बनाकर उनके घर में अपने साथियों के साथ घुस आया है।

 

करनाल जिले के असंध में बीडीपीओ ऑफिस वाली गली में बुजुर्ग दंपति की हत्या का पुलिस ने मात्र 24 घंटे में ही पूरा पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने बुजुर्ग हरि सिंह और उसकी पत्नी लीला की हत्या करने के मामले में उसके पोते सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग दंपति के पोते नहीं अपने साथियों के साथ मिलकर अपने दादा-दादी की गला दबाकर हत्या की है। पुलिस को इस वारदात को सुलझाने में इतना समय भी इस वजह से लग गया क्योंकि आरोपित पोता नशे में था और उसका नशा उतारने में अधिक समय लग गया।

 

 

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पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान असत निवासी रविंद्र के रूप में हुई जो मृतक दंपति के छोटे बेटे बंसी का बेटा है और बाबा बना हुआ है। वह नशे का भी आती है और दादा-दादी की जमीन पर कब्जा करके मंदिर बनना चाहता था। साथी जो 15 लख रुपए डेढ़ साल पहले दादा दादी ने उसके परिवार का लोन चुकाने के लिए दिए थे उससे भी छुटकारा पाना चाहता था। इस वजह से उसने जयसिंहपुरा निवासी अपनी पहचान के गुलशन और गुलशन के चाचा प्रदीप मिलकर साजिश रची।

 

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डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि रविंद्र ने पुलिस पूछताछ में बताया कि प्रदीप भी कबाड़ का काम करता है और वह अक्सर अपना कबाड़ बेचने के लिए उसके दादा की दुकान पर आता था। उसने दोनों को लालच दिया कि दादा-दादी की हत्या करने के बाद वह उन्हें तांबा दे देगा जिससे वह मालामाल हो जाएंगे। रविंद्र ने प्रदीप और गुलशन को लालच दिया कि उसके दादा के गोदाम से भारी मात्रा में तांबा चोरी कर लेना और इस पूरी वारदात को चोरी की वारदात में बदल देंगे। रविंद्र द्वारा दिए गए लालच में चाचा भतीजा प्रदीप और गुलशन भी आ गए और उन्होंने पूरी साजिश रच डाली।

 

योजना के मुताबिक दोनों पहले रविंद्र के घर पर पहुंच गए थे। रात को करीब 11:30 बजे दीवार बांधकर अपने दादा के घर में पहले रविंद्र घुस गया और उसने चुपके से दरवाजा खोल दिया जिससे प्रदीप और गुलशन उसके अंदर आ गए। उन्होंने बरामदे में सो रहे अपने दादा-दादी के हाथ पांव बांध दिए और जब दादा दादी बचाने के लिए चलने लगे तो उनके मुंह पर टेप लगा दी। इसी दौरान लीलावती अपने पड़ोस में रहने वाले अपने छोटे बेटे के बेटे रविंद्र को पुकार रही थी कि रविंद्र हमें बचा लो कोई हमें मार देगा। लेकिन लीलावती को यह मालूम नहीं था कि मंकी कैप पहने हुए जो उसका गला दबा रहा है वह उसका वही पोता रविन्द्र है।

 

अब तक हरियाणा न्यूज़ ने जब इस मर्डर की खबर को प्रकाशित किया तब ही अपने आर्टिकल में लिख दिया था कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सबूत लगा है और पुलिस हत्यारे के बहुत करीब है। इस मामले की जांच कर रही सीआईए और सीआईए 2 पुलिस टीमों ने मृतक के परिजनों के एक-एक कर बयान दर्ज किया और पूछताछ की। जब रविन्द्र की बारी आई तो वह नशे में था। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि रविंद्र बाबा बना हुआ है और लोगों को दवाइयां भी देता है तथा नशे का आदी है।

 

पुलिस ने जब रविंद्र के हालात देखे तो उसके हाथ की एक उंगली पर चोट लगी हुई थी। जब उसके होंश में आने पर पूछताछ की तो उसने बताया कि लकड़ी काटते समय उसे चोट लग गई है। जब पुलिस उसके द्वारा बताए गए ठिकाने पर लेकर गई तो वहां पर लकड़ी का कोई भी टुकड़ा या काटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। जब पुलिस ने उस सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया।

 

पुलिस पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि उसके परिवार पर 15 लाख रुपए का लोन था और वह काफी कोशिश करने के बावजूद भी लोन भर नहीं पाए थे क्योंकि उनकी आर्थिक हालात काफी कमजोर है। उस समय लोन के पैसे नहीं चुकाने पर उनके मकान की नीलामी होने वाली थी लेकिन उसके दादा ने डेढ़ साल पहले 15 लाख रुपए देकर उनका कर्ज चुकता कर दिया था। लेकिन अब उसका दादा टाइम पूरा होने पर पैसों के लिए दबाव दे रहा था। साथ ही उसे अपने लिए मंदिर भी बनाना था इसलिए उसने प्रदीप और गुलशन के साथ मिलकर अपने दादा दादी की हत्या कर दी ।

 

डीएसपी गोरखपाल सिंह राणा ने बताया कि रविवार की देर रात करीब 11: 47 पर यह तीनों हरि सिंह के घर में दाखिल हुए और करीब सवा 1 बजे के बीच में इन्होंने पूरी वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपियों ने घर में लूटपाट की वारदात दिखाने के लिए पूरे सामान को दिखेर दिया ताकि समझे कि यहां पर सॉरी या लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया गया है।

 

 

मृतक हरि सिंह के साथ कबाड़ का काम उसका दूसरा पोता रोहित करता है और वह रविवार की शाम को किसी काम से बाहर चला गया था कि पीछे से दूसरे पोते रविंद्र ने दादा-दादी को मौत के घाट उतार दिया। रविंद्र की शादी से लग रहा है कि अगर उसे समय रोहित दादा दादी के पास होता तो वह तीनों उसे भी मार सकते थे।

 

गौरतलब है कि सोमवार की सुबह जब रोहित बाहर से अपने दादा दादी के पास पहुंचा तो घर का कुंडा हल्का हादसा लगा हुआ था और उसने जब दरवाजे को धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। जब उसने अंदर जाकर देखा तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था वह तुरंत ही बाहर निकाल और पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा को बुलाकर लाया तो देखा कि दादा-दादी के सब जमीन पर पड़े हुए हैं और उनके हाथ-पैर बंधे हुए हैं। उनके मुंह पर भी टेप लगी हुई थी साथ ही उनका पूरा शरीर आंकड़ा पड़ा था। इस मामले से जुड़ी दूसरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

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