Khap Panchayats and farmers organizations came in support of Rajthal village
Narnau;nd News : हांसी जिले के गांव राजथल का नाम नशे की दुनिया में उड़ते पंजाब के नाम से महसूर हो चुका है। लेकिन प्रशासन गांव में चल रहे नशे के कारोबार को बंद करवाने में नाकाम रहा, परंतु गांव के छतीस बिरादरी के भाईचारे ने एक जुट होकर गांव से नशे के कारोबार को बंद करवाने का जैसे ही आहवान किया तो इसके समर्थन में खाप पंचायतें व किसान यूनियन भी उतर आई है। इसी मुद्दे को लेकर गांव के शिव मंदिर में एक खाप पंचायत का आयोजन सतरोल खाप के प्रधान संदीप खर्ब की अध्यक्षता में किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गांव राजथल में आयोजित खाप पंचायत में नौगामा खाप, भारतीय किसान यूनियन सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शिरकत की और अपने अपने विचार रखे। इस पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि जैसे राजथल गांव के लोगों ने गांव में नशा बेचने और करने पर प्रतिबंध लगाया है उसके बाद नशा तस्कर आसपास के गांव में भी पांव पसारने लगे हैं। इसको भी समय रहते कंट्रोल करना होगा। क्योंकि नशा एक घर व परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे समाज व गांव को बर्बादी के कागार पर पहुंचा देता है।
नशे को जड़ें हांसी, हिसार और जींद जिले में अपने पांव पसार चुकी हैं। अगर नशे के कारोबारियों की कमर को तोडऩा है तो राजथल गांव के साथ साथ आसपास के गांव सहित सुलचानी, लोहचब, पीरावांली सहित इत्यादि गांव के लोगों को भी आगे आना होगा। वहीं नशे के कारोबार को पूर्ण रूप से बंद करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कारवाई करने और ग्रामीणों का पूर्ण सहयोग देने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम नारनौंद को ज्ञापन सौंपा।

किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते सरकार और प्रशासन युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नशे के कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए। अन्यथा इसकी बागडोर किसान अपने हाथों में ले लेगें और वो अपने लेवल पर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। ठसके लिए चाहे कोई भी परिणाम उन्हें भुगतने पड़ें।
किसान नेता रणधीर मिलकपुर, अनिल बेंदा ने कहा कि आज युवा नशे की दलदल में फंसता जा रहा है और नशा कारोबारी नशे का कारोबार चमकाने के लिए युवाओं को इस दलदल में फंसाने में लगे हुए हैं। हमें आपसी भेदभाव व जात पात को भूलकर युवाओं व अपने बच्चों के भविष्य के लिए नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम में अपनी आहूति डालनी होगी। जब हम सब मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे तब जाकर हमारा गांव, हमारा समाज व भाईचारा बच पाएगा।
किसान नेताओं ने कहा कि नशे की वजहह से ही आए दिन लूटपाट, हत्या, डकैती, चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। लेकिन कुछ अधिकारी मिलीभगत व उच्च अधिकारियों के दबाव के कारण नशा कारोबारियों पर नकेल नहीं कस रहे। लेकिन भविष्य में जब उनके बच्चे नशे की दल दल में फंसेगे तब उन्हें अहसास होगा कि वो इसको रोकने के लिए एक जिम्मेवार पद पर बैठे हुए थे लेकिन उस समय उन्होंने अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती की है। इसलिए समय रहते जागो और नशे को हाय तोबा करवाने के यज्ञ में आहूति डालो।












