NEET UG Re-exam: Female student commits suicide in Hisar
NEET UG Re-exam को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए हरियाणा के 19 जिलों में 175 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केदो पर करीब 65 000 परीक्षार्थियों ने नीट की परीक्षा दी लेकिन नीट यूजी री एग्जाम से पहले हिसार में छात्र ने खुदकुशी कर ली। जिसका छपरा के मातम पसरा हुआ है।
NEET UG Re-exam : नीट यूजी री एग्जाम के दौरान पेपर लीक के मामले में काफी छात्र अपनी जान गवा चुके हैं। पेपर लीक होने से रोकने के लिए सरकार टेलीग्राम तक पर बैन लग चुकी है और दोबारा से नीत यूजी प्री एग्जाम 21 जून को करवाया गया। इसको लेकर सरकार ने पेपर लीक रोकने के तमाम पुख्ता प्रबंध किए हुए थे और देर शाम तक भी कहीं से पेपर लेकर कोई घटना सामने नहीं आई है।
नीट यूजी परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रा ने किया सुसाइड

हरियाणा के 19 जिलों की विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 175 परीक्षा केंद्र बनाए हुए थे। जिनमें से हिसार में 15 परीक्षा के अंदर बनाए गए। इन 175 परीक्षा केंद्रों पर हरियाणा के करीब 65000 से अधिक परीक्षार्थियों ने NEET UG Re-exam दिया। लेकिन हिसार में NEET UG Re-exam शुरू होने से पहले सिमरन नाम की छात्रा ने कीटनाशक पीकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड करने वाली छात्रा बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी खान बहादुर के रहने वाली बताई जा रही है। ( Haryana NEET Exam update )
मृतक छात्रा के पिता रोहतास से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी नीट की तैयारी करने के लिए राजस्थान के सीकर से कोचिंग ले रही थी। वह पहले भी दो बार एग्जाम दे चुकी है लेकिन एग्जाम क्लियर ना होने की वजह से वह दोबारा से परीक्षा देना चाह रही थी परंतु पहले परीक्षा में पेपर लीक होने की वजह से वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रही थी। इसी परेशानी की वजह से सिमरन ने रविवार की सुबह घर पर ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
सर्वेश हॉस्पिटल हिसार में तोड़ा दम
मृतक छात्रा सिमरन के पिता ने बताया कि रविवार की सुबह उसकी बेटी घर पर आई थी कि सुबह 10:00 बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां लगने लगी। वह उसे लेकर गांव के ही डॉक्टर के पास पहुंचे और डॉक्टर ने इलाज किया लेकिन उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। जब उन्होंने उससे पूछा तो उसे सिमरन ने बताया कि उसने घर पर रखा कीटनाशक पी लिया है। इसके बाद वह हिसार के सर्वेश हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
नीट यूजी परीक्षा को लेकर 21 जून रविवार को सुबह 11:00 एंट्री शुरू हो गई थी और 1:30 तक छात्र अपने परीक्षा के अंदर में एंट्री कर सकते थे। दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 तक परीक्षा का समय निर्धारित किया गया था। छात्रों को परीक्षा के अंदर तक लाने और ले जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की तरफ से पुख्ता प्रबंध किए गए थे। वहीं शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने भी कही इंतजाम किए हुए थे।
नीट परीक्षा में छात्रा को नहीं मिला परीक्षा केंद्र
काफी छात्रों को अपना परीक्षा केंद्र तलाश में काफी दिखतों का सामना करना पड़ा। नारनौल की कोमल ने बताया कि उसका परीक्षा केंद्र एडमिट कार्ड में मारोली गांव के स्कूल में दर्शाया हुआ था। जब वह परीक्षा देने पहुंची तो वहां पर परीक्षा केंद्र ही नहीं बनाया गया था। उसके बाद कोमल ने पुलिसकर्मियों की मदद से अपना परीक्षा केंद्र तलाशने का काफी प्रयास किया परंतु परीक्षा शुरू होने तक पुलिसकर्मी मिलकर भी उसका परीक्षा केंद्र नहीं तलाश पाए। कोमल जहां परीक्षा देने से वंचित रह गई वहीं पुलिसकर्मियों की मदद की वह काफी सराहना करती नजर आई।
सोनीपत में उतरवाए हेयर बैंड

परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। सोनीपत में एक महिला परीक्षार्थी के बालों में लगा हेयर बैंड उतरवा दिया जिसकी वजह से महिला परीक्षार्थियों को खुले बाल ही परीक्षा देनी पड़ी। वहीं हरियाणा के सिरसा में ही छात्रों के जूते चप्पल तक उतरवाए गए। वहीं कुछ परीक्षा केंद्रों पर हाथों पर बंधक कलवा भी उतरवाया गया।
नीट यूजी परीक्षा को नकल रहित संपन्न करवाने के लिए शहरों में परीक्षा के अंदर के आसपास बने कोचिंग सेंटर और फोटो स्टेट की दुकानों को बंद करवा दिया गया। इसके अलावा परीक्षा सामग्री लाने ले जाने के लिए जीपीएस लगे वाहनों का प्रयोग किया गया और सीआरपीएफ की निगरानी में प्रश्न पत्रों को रखा गया। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की तरफ से धारा 163 लगाई गई थी और शहर में परीक्षा केंद्रों के नजदीक ड्रोन इत्यादि उड़ानें पर भी पाबंदी लगाई गई थी। इसके अलावा हर परीक्षा के अंदर पर सीसीटीवी कैमरा की मदद से कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही थी।
फिजिक्स केमिस्ट्री के पेपर को बताया हार्ड
नीट यूजी री एग्जाम देने वाले कुछ छात्रों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि फिजिक्स का एग्जाम काफी हार्ड था तो किसी ने बायो के पेपर को आसान बताया। वहीं रश्मि ने कहा कि पेपर काफी लंबा था। किसी ने फिजिक्स और केमिस्ट्री के पेपर को कठिन ने बताया। लेकिन अधिकांश छात्रों का कहना था कि किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं होना चाहिए और सरकार को इसको लेकर पहले ही पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। पेपर लीक होने की वजह से छात्रों का मनोबल टूट जाता है और वह मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं।