Police shaheed diwas hansi SP amit yashvardhan
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पुलिस शहीद स्मृति दिवस पर शहीदो को किया नमन
हरियाणा पुलिस बल देश में अग्रणी इस पर हमें गर्व है
शहीद जवानों की शहादत एवं वीरगति को कभी भुलाया नहीं जा सकता- पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन
Hansi News : एक वर्ष की अवधि में देश भर के 191 जवानों ने देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दी शहादत दी है। वो अपने कर्तव्य/ड्यूटी के दौरान अपनी शाहदत देने वाले पुलिस के शहीद जवानों को Police shaheed diwas के उपलक्ष में याद किया गया व शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र व पुष्प माला अर्पित कर उन्हें दी गई श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों को किया गया सम्मानित किया गया। उक्त शब्द हांसी पुलिस लाइन मे आयोजित मुख्य कार्यक्रम मे देशभर के पुलिस संगठन से शहीद हुए नायको के नाम पढे गये उन्हे श्रद्धा से याद किया व सलामी देने के उपरांत हांसी पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने कहे। इससे पहले शहीदो के सम्मान मे दो मिनट का मौन रखा गया।

पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन आईपीएस ने केन्द्रीय पुलिस संगठनों और पुलिस बलों के शहीद जवानो को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन मे कहा कि देश के लिये अपना फर्ज अदा करते हुये अपने प्राणो की आहुति देने वाले वीर जवानो को काल की परिधि मे नही बाँधा जा सकता, वे अमरत्व को प्राप्त हो जाते है। ऐसे कर्तव्यपरायण वीर जवान हमारे प्रेरणास्त्रोत है।

उन्होंने हरियाणा पुलिस के शहीद जवानो को याद किया व उनके परिवार से आये सदस्यो को सम्मानित करते हुए उपहार भेंट किए। इस अवसर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस के शहीद हुए परिवार से आए सदस्यो को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि आपसे सम्बन्धित कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा, इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र सांगवान, विनोद शंकर, देवेंद्र नैन सहित सैंकडो पुलिस अधिकारियो, कर्मचारियो ने सलामी परेड मे भाग लिया व शहीदो को पुष्प अर्पित किए।

- पुलिस जिला हांसी में जन्में वीर सिपाही जस्सा राम जिनका जन्म दिनांक 05.01.1995 को भाटोल गांव की पावन भूमि पर हुआ था। जो 10वी कक्षा पास करके दिनांक 13.09.1976 को पुलिस विभाग में सिपाही भर्ती हुए थे। जिन्होने अपने जीवन के 11 वर्ष अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पुरी ईमानदारी और निष्ठा से हरियाणा पुलिस में रहते हुए समाज कि सेवा मे लगाये। दिनांक 07.07.1987 को सांय करीब 07.10 PM पर हरियाणा राज्य परिवहन की दो बसे जिनमे से एक बस सिरसा से हिसार व एक बस दिल्ली से सिरसा की ओर जा रही थी तब जी.टी. रोड दरियापुर के पास दोनो बसो को 4 उग्रवादियो ने रुकवाकर उसमे लूटपाट की व अंधाधूंध गोलियां चलाकर 36 निर्दोष लोगो की हत्या कर दी। इन बसो मे से एक बस मे सिपाही जस्सा राम भी सवार था जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक उग्रवादी को दबोच लिया लेकिन दूसरे उग्रवादी ने सिपाही जस्सा राम पर अंधाधुंध गोलिया चलाकर उनको मौत के घाट उतार दिया। सिपाही जस्सा राम ड्युटी के दौरान लोगो की सुरक्षा मे अपनी जान की परवाह न करते हुए बहादुरी का परिचय देते हुए शहीद हुए है।
- पुलिस जिला हाँसी में जन्में सिपाही टेकराम जिनका जन्म दिनांक 03.04.1962 को चानौत गांव की पावन भूमि पर हुआ था। इनके अन्दर शुरु से ही देशभक्ति का जज्बा था। अपनी खुद की लगन व मेहनत से सिपाही टेकराम भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। इसके बाद भारतीय सेना से सेवानिवृत होने पर दिनांक 30.01.1999 को हरियाणा पुलिस विभाग मे सिपाही भर्ती हुए। दिनांक 04.02.2002 को गांव बागनवाला थाना तोशाम मे कानून एवं व्यवस्था ड्युटी हेतु सिपाही टेकराम को टीम के साथ तैनात किया गया था वहां भीड द्वारा पुलिस के जवानो पर पथराव किया गया था जिसमे सिपाही टेकराम को पत्थरो से काफी चौटे लगी जिस कारण से सिपाही टेकराम शहादत को प्राप्त हो गये थे।
- हमारे पुलिस जिला के गांव खांडा खेडी में जन्मे उप निरीक्षक दीन दयाल नं. 819/जींद जो जिला जींद में ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यो का निर्वहन करते हुए दिनांक 05.05.2021 को कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
- हमारे पुलिस जिला के गांव लोहारी राघो मे जन्मे सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र कुमार 67/नूंह पुलिस लाईन रोहतक में ड्युटी पर तैनात थे जो अपने कर्तव्य को निर्वहन करते हुए दिनांक 12.06.2021 को कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण बीमार पड गये और जिनका दिनांक 03.07.2021 को ईलाज के दौरान ओ.पी. जिंदल हिसार में कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
- हमारे पुलिस जिला के गांव ढांणा कलां मे जन्मे सिपाही प्रदीप कुमार नं. 4/05 जो चतुर्थ वाहिनी मधुबन मे ड्युटी के दौरान अपने कर्तव्यो का निर्वहन करते हुए दिनांक 01.05.2021 को कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
पुलिस अधीक्षक ने शहीद हुए 5 शहीदों के परिजनो को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। हर वर्ष 21 अक्टूबर पुलिस के शहीदो की स्मृति दिवस के रुप मे मनाया जाता है। इस दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 से शुरु हुआ, जब भारतीय पुलिस बल का एक दल लद्दाख क्षेत्र में राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात किया गया था। अपनी मात्रभूमि की रक्षा मे तैनात व किसी भी हमले की आशंका से बेखबर इन जवानो पर पहाड़ियों में घात लगाए बैठे चीनी सैनिकों ने एकाएक हमला कर दिया था। अचानक हुए हमले व चीनी सैनिको के दुस्साहस का मुहतोड़ जवाब देते हुए 10 सीआरपीएफ जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया व दुश्मन सेना को भारी क्षती पहुंचाई। दुश्मन सेना की संख्या कई गुणा अधिक होने पर भी वीरता से लडते हुये अपने प्राणो की आहूति दी थी। तभी से यह दिन पुलिस जवानो के सौर्य व बलिदान की याद में केन्द्रीय पुलिस संगठनों और पुलिस बलों द्वारा शहीद स्मृति दिवस के रुप मे मनाया जाता है।
