Haryana News/ Sunil Kohar :
हरियाणा के सोनीपत जिले के हरशाणा कलां गाँव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे प्रोफेसर रमेश चंदर कुहाड़ (आर.सी. कुहाड़) ने विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाया है। ScholarGPS द्वारा वर्ष 2024 की जारी वैश्विक रैंकिंग में माइक्रोबायोलॉजी विषय में उन्हें भारत में चौथा और विश्व स्तर पर 715वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए मिला है, जिससे वह दुनिया के शीर्ष 0.1% वैज्ञानिकों में ( global scientist ranking Haryana ) शामिल हो गए हैं।
Professor RC Kuhar reached top position in global scientific rankings Haryana
प्रो. कुहाड़ वर्तमान में शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में डिस्टिंग्विश्ड विज़िटिंग प्रोफेसर और डीपीजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गुरुग्राम के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, यूजीसी के सदस्य और एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
हरियाणा के किसान परिवार से निकलकर माइक्रोबायोलॉजी के वैश्विक मंच पर रचा इतिहास

उनकी शिक्षा की शुरुआत गाँव हरशाना कलां के स्कूल से हुई। मैट्रिकुलेशन एस.एम. हिंदू हाई स्कूल, सोनीपत से, स्नातक जाट कॉलेज, सोनीपत से और माइक्रोबायोलॉजी में स्नातकोत्तर एवं डॉक्टरेट भोपाल विश्वविद्यालय से प्राप्त की। 1985 में माइक्रोबायोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में उन्होंने अपना शैक्षणिक सफर शुरू किया। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय, यू.के. से पोस्ट डॉक्टोरल शोध कर भारत लौटे और दिल्ली विश्वविद्यालय में 2020 तक अध्यापन और शोध कार्य किया।
उनकी विशेषज्ञता सॉलिड स्टेट फर्मेंटेशन, बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग, शुगर मेटाबोलिज्म और पशु चारे के पोषण संवर्धन जैसे क्षेत्रों में है। उन्होंने फर्मेंटेशन दक्षता बढ़ाने, सूक्ष्मजीवों द्वारा विभिन्न प्रकार की शर्कराओं के उपयोग को बेहतर बनाने और रूमिनेंट पशुओं के पोषण स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ScholarGPS की रैंकिंग के अनुसार बायोटेक्नोलॉजी में उन्हें वैश्विक स्तर पर 427वां, सॉलिड स्टेट फर्मेंटेशन बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग में 18वां और बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग में 105वां स्थान प्राप्त है।
उनकी शोध उपलब्धियों को मान्यता देते हुए उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में स्थान दिया है। उनके पास h-index 75 जैसे प्रभावशाली वैज्ञानिक आँकड़े हैं, जो उनके शोध कार्य की गहराई और प्रभाव को दर्शाते हैं। उनके वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक प्रबंधन उत्कृष्टता को देखते हुए उन्हें एम.डी. विश्वविद्यालय रोहतक के 50वें वार्षिक समारोह के अवसर पर माननीय राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री, हरियाणा सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।
प्रो. कुहाड़ को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
प्रो. जी. एस. रंगास्वामी मेमोरियल अवॉर्ड (AMI)
डॉ. जी. बी. मंझरेकर अवॉर्ड (AMI)
प्लैटिनम जुबली लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (AMI)
टाइटन बायोटेक अवॉर्ड
बायोटेक्नोलॉजी ओवरसीज रिसर्च एसोसिएटशिप अवॉर्ड
UNIDO/ICGEB फेलोशिप
कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप
अब तक वे 250 से अधिक वैज्ञानिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं और 10 से अधिक पुस्तकों का संपादन भी कर चुके हैं।
प्रोफेसर आर.सी. कुहाड़ की यह यात्रा युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाती है कि प्रतिबद्धता, परिश्रम और समर्पण से कोई भी शिखर हासिल किया जा सकता है।