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किसान नेता रवि आजाद पंचायत में फुट-फुट कर रोए: किसने दिया 15 लाख, नौकरी का लालच, Gokulpura Panchayat में हंगामा क्यों ?

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Kisan neta Ravi Azad Gokulpura Panchayat Bhiwani

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किसान नेता रवि आजाद पर लड़की का अपहरण करने और छेड़छाड़ करने के मामले को लेकर गोकुलपुरा गांव ( Gokulpura Panchayat ) में पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में किसान नेता रवि आजाद फूट-फूट कर रोने लगे और कहा कि अगर उनका जन्म पंचायत में साबित हो जाता है तो उन्हें इसी चबूतरे पर स्थित पेड़ पर फांसी पर लटकाया जाए। क्योंकि कानूनी प्रक्रिया लंबी चलती है और न्याय के लिए काफी सालों तक इंतजार करना पड़ता है। ( Latest News Bhiwani Panchayat )

किसान नेता ने Gokulpura Panchayat में कहा कि उन पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह आप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वह आज तक ना ही तो उसे लड़की से मिला है और ना ही उसके परिवार को कभी देखा है। यह उन्हें फसाने की झूठी और नाकाम कोशिश की जा रही है और पूर्व के मंत्री उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए इस तरह के हाथ कंडे अपना रहा है।

रवि आजाद ने कहा कि उसकी सोच हमेशा गरीब आदमी की आवाज बनाकर उसको न्याय दिलाने के लिए उठी है। उसके मन में कभी भी आज तक किसी लड़की और महिला के बारे में गलत सोच उठी ही नहीं और वह ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता। उसके अंदर ऐसे संस्कार नहीं है। वो भरी जवानी से गरीब-किसान, मजदूर और मजबूर को न्याय की न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ता आ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मंत्री जेपी दलाल जब से चुनाव हार है तब से उसे झूठे केस लगाकर फंसाना चाहता है। पंचायत में आए एक व्यक्ति ने बताया कि उसके पास एक व्यक्ति आया था और कहा था कि तुझे 10 लाख और तेरे बेटे को सरकारी नौकरी लगवा देंगे तेरे बेटे को पुलिस के सामने कहना होगा कि उसे दिन गाड़ी में रवि आजाद भी मौजूद था और लड़की भी थी साथ में शराब भी गाड़ी में रखी हुई थी। लेकिन उसने मना कर दिया। ‌

वहीं पिकअप गाड़ी के साथ रवि गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया था और पिकअप गाड़ी के चालक अनिल हरियावास ने Gokulpura Panchayat में कहा कि उसकी गाड़ी के साथ ही रवि की गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ था। गांव के पूर्व सरपंच का उसके पास फोन आया और कहां की रवि ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है। यह बात कह कर पूर्व सरपंच ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसे एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए और उस पर मनघड़ंत कहानी लिखकर रवि के खिलाफ ही मामला दर्ज करवा दिया। लेकिन जब इस बात का पता चला तो वह पुलिस थाने गया और इसका विरोध किया।

Gokulpura Panchayat में बैठ लोग जब हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे तो एक व्यक्ति ने जब हुक्का पीने की कोशिश की तो वहां पर बैठी पुष्पा जुई नामक एक महिला ने किसी बात को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। पंचायत में आए लोगों व किसान नेत्री सुमन हुड्डा ने बताया कि महिला का व्यवहार पंचायत के लेवल का नहीं था। अगर उसके साथ कुछ ग़लत हुआ है तो वह खड़ी होकर बता सकती थी। हंगामा नहीं करना चाहिए था‌। 

वहीं महिला पुष्पा जुई का आरोप है कि हुक्का पीने के बहाने उस व्यक्ति ने उसे छेड़ने की कोशिश की है। जबकि वहां से लाइव प्रसारित वीडियो में व्यक्ति की कोई भी ऐसी हरकत दिखाई नहीं दी। पंचायत में आए लोगों का कहना है कि यह महिला Gokulpura Panchayat को फेल करने की कोशिश कर रही थी जो किस समय रहते पकड़ी गई। पंचायत में मौजूद लोगों का कहना है कि महिला ने खुद ही अपने हाथ पर चोट मार ली ताकि पंचायत बिना किसी नतीजे पर पहुंचे ही यहां से चली जाए।

इस हंगामे से पहले पंचायत में महिला ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा था कि लेडी टीचर मनीष हत्याकांड में चल रहे प्रदर्शन के दौरान वह रवि की कमेटी में शामिल होना चाहती थी लेकिन रवि ने मना कर दिया। अगर रवि उसे कमेटी में शामिल कर लेता तो वह मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं मिलने तक नहीं होने देती है। रवि के मना करने के बाद वह गुड़गांव चली गई और पीछे से मनीषा का अंतिम संस्कार कर दिया।

पंचायत में किसान नेता गुरुनाम सिंह चढुनी ने कहा कि पंचायत भगवान का रूप होती है और भगवान के घर में झूठ नहीं चलती। इस पंचायत में है तो साबित हो गया कि गाड़ी में रवि नहीं था और उसे झूठे केस में फंसने की कोशिश की जा रही है। हम सब रवि आजाद के साथ हैं और पीड़ित परिवार के साथ भी हैं जिसकी लड़की नहीं यह आरोप लगाए हैं। कमेटी को उसे पीड़ित परिवार से भी मिलकर उनकी बात सुनाई चाहिए और दोषी को सजा दिलवाने में उनकी मदद करनी चाहिए।

अगर लड़की के परिवार ने किसी दबाव या पैसे के लालच में ऐसा कदम उठाया है तो उन पर दबाव देने वाले और पैसे का लालच देने वाले के खिलाफ पंचायत को और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग समाज को अपने निजी फायदे के लिए खोखला कर रहे हैं।

इस गोकुलपुरा पंचायत में एक कमेटी का भी गठन किया गया। जो सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद नाबालिग लड़की और उसके परिजनों से भी बातचीत करेगी। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि अगर रवि दोषी है तो वह उसे पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर रवि को सजा दिलाने में मदद करेंगे जो अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहा है। अगर अगर रवि को किसी साजिश के तहत झूठा फसाने की कोशिश की है तो वह रवि के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और उसे झूठे आरोप में अंदर नहीं जाने देंगे।

पंचायत में आरोपित रवि आजाद ने कहा कि भिवानी पुलिस पूर्व मंत्री के दबाव में काम करते हुए उसे फंसा रही है। इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और उसका, पीड़ित परिवार और पूर्व मंत्री का नार्को टेस्ट करवाया जाए ताकि मामले की सच्चाई सबके सामने आ सके। गांव गोकुलपुरा में आयोजित इस पंचायत में रवि ने न्याय देने की मांग की और भावुक होकर रोने लगे।

इस पंचायत में रवि ने कहा कि पिछले काफी समय से उसे फसाने की कोशिश की जा रही है और अब नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के मामले में फसाया गया है। उस पर आरोप लगाया गया है कि बड़े किसान नेता रवि आजाद ने उसके नाबालिक बेटी से कई बार गलत हरकतें की है। लेकिन 8 दिसंबर को रवि आजाद अपने अन्य साथियों के साथ उसके घर पर आया और उसकी नाबालिक बेटी का अपहरण कर लिया। जबकि उसे रात वह गाड़ी में मौजूद ही नहीं था।

इस पूरी पंचायत में कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल, एक गांव के पूर्व सरपंच सहित पूर्व मंत्री के समर्थकों पर रवि आजाद को झूठ फसाने का आरोप लगाया गया है। इन बातों में कितने सच्चाई है और कितनी झूठ है इस बात का पता तो पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करने के बाद ही तस्वीर सबके सामने साफ हो पाएगी। लेकिन पंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढुनी ने कहा कि पंचायत में सच बोलने पर न्याय मिलता है और कोर्ट में ज्यादा झूठ का बोलबाला होता है।

उन्होंने कहा कि पंचायत किसी को कानूनी सजा तो नहीं देती लेकिन सदियों से देखते आ रहे हैं कि पंचायत ने वह फैसले किए हैं जो अदालत में दशकों से चलते आ रहे थे। पंचायत किसी भी बात का फैसला दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद और उनकी पीड़ा समझते हुए करती है। पंचायत किसी एक जाट एक धर्म और एक मजहब का नहीं होती। पंचायत चाहे किसी ने बुलाई हो लेकिन पंचायत निष्पक्ष तरीके से अपना फैसला करती है।

गुरनाम सिंह चढुनी ने कहा कि हम उस पीड़ित परिवार की लड़ाई भी लड़ने के लिए तैयार है अगर वह यह साबित कर देता है कि उस दिन रवि गाड़ी में मौजूद था और उसने उनकी नाबालिक लड़की के साथ कोई छेड़खानी की है। अगर यह सच साबित हो जाती है तो हम रवि आजाद को कठोर से कठोर सजा दिलाने में मदद करेंगे। अगर यह बात झूठ है तो वह रवि आजाद को आंच नहीं आने देंगे।

किसान नेता रवि आजाद के खिलाफ 12 दिसंबर को नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, अपहरण, जान से मारने की धमकी देने, एससी एसटी एक्ट के तहत बहल पुलिस थाने में लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने नाबालिग लड़की और उसके पिता के मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दर्ज करवाएं थे।

हरियाणा अब तक न्यूज़ द्वारा  यह खबर केवल भक्तों की सोच और विचारों के आधार पर लिखी गई है। इस खबर में ना ही तो रवि आजाद को छेड़खानी के आरोप व सहित अन्य आरोपी से क्लीन चिट दी गई है और ना ही पीड़ित परिवार के विरोध में कोई टिप्पणी की गई है। इस मामले में अभी निष्पक्ष तरीके से जांच करने की जरूरत है। ताकि दोषी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके।

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