नारनौंद उपमंडल के गांव में तंग गलियों पर कब्जों से बढ़ी परेशानी, ग्रामीण बोले- अब प्रशासन करे कार्रवाई

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राजपुरा गांव की तंग गलियों पर अवैध कब्जों का साया, ग्रामीण बोले– रास्ता बन गया मुसीबत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

हांसी समाचार :  नारनौंद उपमंडल के राजपुरा गांव में ग्रामीण इन दिनों तंग गलियों और बढ़ते अवैध कब्जों की समस्या से परेशान हैं। गांव की कई गलियां पहले से ही संकरी हैं, लेकिन हालात तब और गंभीर हो जाते हैं जब कुछ लोगों द्वारा इन्हीं गलियों में भैंसों और अन्य पशुओं को बांध दिया जाता है। इसके अलावा कई स्थानों पर मकानों के आगे चबूतरे और रैंप बनाकर सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजपुरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गलियों में पशु बांधने और अवैध निर्माण के कारण रास्ता इतना संकरा हो गया है कि दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार पैदल चलने वालों को भी रास्ता बदलकर जाना पड़ता है। ( Narnaund News Today )

विद्यार्थियों को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी

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ग्रामीणों के अनुसार गांव राजपुरा के स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ रही है। गलियों में बंधे पशु कई बार छात्रों को पूंछ मार देते हैं, जिससे उनकी स्कूल ड्रेस गंदी हो जाती है। इतना ही नहीं, पशुओं के अचानक हिलने-डुलने से हादसे का खतरा भी बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।

 

अवैध चबूतरे और रैंप भी बने परेशानी की वजह

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने अपने मकानों के सामने सार्वजनिक गलियों में चबूतरे और ऊंचे रैंप बना लिए हैं। इससे गलियों की चौड़ाई और कम हो गई है। बारिश के दिनों में पानी की निकासी भी प्रभावित होती है, जिससे जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण नियमों के विरुद्ध है और इस पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

गांव राजपुरा के लोगों ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि पूरे गांव का सर्वे कराकर सार्वजनिक गलियों से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही गलियों में पशु बांधने पर भी रोक लगाई जाए ताकि आम लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • सार्वजनिक गलियों से अवैध कब्जे हटाए जाएं।
  • गलियों में पशु बांधने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  • अवैध चबूतरे और रैंप हटाकर रास्ते चौड़े किए जाएं।
  • विद्यार्थियों और बुजुर्गों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
  • जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए।
  • बिजली के पोल मकानों से दूर किए जाएं ताकि बिजली चोरी रोकी जा सके।

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