हरियाणा सड़क परियोजना, 9700 करोड़ के बाईपास प्रोजेक्ट
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 11 सितंबर को हुई बैठक में हिसार बाईपास, कुरुक्षेत्र बाईपास, नारनौल सिटी बाईपास, जींद बाईपास और सोहना-पलवल बाईपास के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शहरों के बाहर विकसित होगा सड़क नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने फाइनेंशियल मॉडल फॉर स्टेट कंट्रीब्यूशन को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता की। सरकार का उद्देश्य एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों एवं कस्बों में राष्ट्रीय राजमार्गों से आने वाले यातायात का दबाव कम करना है।
इसके लिए मास्टर प्लान के तहत शहरों के बाहर बाह्य रिंग रोड और नेशनल हाईवे विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि इन सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के अनुरूप नीति तैयार की जाएगी।
हिसार बाईपास किन सड़कों को जोड़ेगा?
हिसार बाईपास को हिसार-राजगढ़ रोड स्थित एनएच-52 से हिसार-दिल्ली रोड तथा हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है। इससे हिसार शहर से गुजरने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
यानी हिसार बाईपास परियोजना का प्रमुख उद्देश्य शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करने के साथ विभिन्न प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
कुरुक्षेत्र बाईपास की डीपीआर तैयार
सरकार के अनुसार कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
इससे कुरुक्षेत्र क्षेत्र में बाहरी यातायात को शहर के मुख्य हिस्सों से अलग मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
नारनौल में करीब 11 किलोमीटर का सिटी बाईपास
नारनौल सिटी बाईपास की लंबाई लगभग 11 किलोमीटर होगी। सरकारी योजना के अनुसार इसे स्टेट हाईवे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा।
यह परियोजना नारनौल शहर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बाईपास बनने से शहर में आने-जाने वाले बाहरी यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
जींद में बाहरी रिंग रोड और चार मार्गीय सड़क
जींद बाईपास के तहत शहर के दूसरी तरफ बाह्य रिंग रोड तथा एनएच-352 पर चार मार्गीय सड़क के निर्माण की योजना है।
सरकार की ओर से इसे भी स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य जींद शहर के आसपास सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करना है।
सोहना-पलवल बाईपास को किया जाएगा री-डिजाइन
एनएच-919 से पलवल-सोहना बाईपास को भी परियोजना में शामिल किया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार इस मार्ग का जीर्णोद्धार और रिडिजाइन किया जाएगा।
इसकी प्रस्तावित चार मार्गीय सड़क की लंबाई लगभग 24 किलोमीटर होगी।
9700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
सरकार के मुताबिक हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल से जुड़ी इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 9,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की लागत हिस्सेदारी को अंतिम रूप देने के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
करनाल और अंबाला की परियोजनाओं पर भी अपडेट
बैठक में अन्य सड़क परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सरकार के अनुसार करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा कराया जा चुका है। वहीं अंबाला शहर को अंबाला कैंट से जोड़ने वाले रिंग रोड का निर्माण कार्य जारी है और इसे जल्द पूरा करने की बात कही गई है।
इसके अलावा डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक से होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी के जरिए जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
क्या होगा फायदा?
सरकार की योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम करना, बाहरी यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना और शहरों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। खास तौर पर हिसार रिंग रोड/बाईपास, जींद बाईपास, नारनौल सिटी बाईपास, कुरुक्षेत्र बाईपास और सोहना-पलवल बाईपास परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है।













