education department rishwat kand Sonipat news
Sonipat News: सोनीपत में एसीबी की टीम ने जेई और एसडीओ को दो लाख 93 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इन अधिकारियों की एक ऑडियो क्लिप एसीबी के हाथ लगी और उसके बाद एसीबी की टीम ने दोनों को ठेकेदार से रिश्वत की राशि लेते हुए नेशनल हाईवे से दबोच लिया। इस मामले में एक बड़े अधिकारी के शामिल होने की भी खबरें आ रही है लेकिन एसीपी की टीम इस मामले की गहनता से जांच करने में लगी हुई है कि स्कूल रिश्वत कांड में कौन-कौन शामिल हैं।
शिक्षा विभाग का जेई और एसडीओ रिश्वत लेते पकड़े
सोनीपत शिक्षा विभाग में कार्य करने वाले ठेकेदार से बिल पास करने की एवज में शिक्षा विभाग में कार्यरत जेई आशीष और एसडीओ विष्णु ने ठेकेदार से चार लाख रुपए की डिमांड की थी। ठेकेदार ने कुछ रुपए कम करने की बात करी तो दोनों ने मना कर दिया और कहा कि ₹1 भी काम मंजूर नहीं। ठेकेदार ने दोनों अधिकारियों से बातचीत की रिकॉर्डिंग अपने फोन में सेव कर ली और रिकॉर्डिंग लेकर इस एसीबी से संपर्क किया।

विजिलेंस की टीम ने ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना जाल बिछाया और दोनों को नेशनल हाईवे ( एनएच 334बी ) पर फतेहपुर से दबोच लिया। बताया जा रहा है कि पहले एसीपी की टीम ने जेई आशीष और एसडीओ विष्णु को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया। काबू करने के बाद विजिलेंस की टीम दोनों को अपने साथ ले गई और दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विजिलेंस टीम के मुताबिक सोनीपत शिक्षा विभाग के अधीन काम करने वाले ठेकेदार ने भैयापुर और बड़ौली में स्कूल बिल्डिंग निर्माण कार्य किया था। पिछले काफी लंबे समय से ठेकेदार के बिल पास नहीं हो रहे थे और शिक्षा विभाग में कार्यरत जेई आशीष व एसडीओ विष्णु ठेकेदार से बिल पास करवाने की एवज में रिश्वत देने की मांग कर रहे थे। ठेकेदार दोनों अधिकारियों को पहले ही 1 लाख 40 हजार रुपए दे चुका है लेकिन उसके बावजूद भी अधिकारियों ने उसके बिलों को लटकाए रखा।
ठेकेदार ने एसीबी को बताया कि काफी मानते करने के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों ने उसके बिल पास नहीं किया और उसे लगातार परेशान किया जाने लगा था कि वह चुपचाप दोनों को लाखों रुपए रिश्वत के रूप में दे दे। जब दोनों अधिकारी नहीं माने तो ठेकेदार ने दोनों की फोन पर हुई बातचीत अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली और एसीपी से संपर्क किया। बाकी बचे दो लाख 93 हजार रुपए देकर एसीबी की टीम ने ठेकेदार को दोनों अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा तो उन्होंने उसे नेशनल हाईवे 334 भी पर फतेहपुर के पास बुला लिया और एसीबी की टीम ने दोनों को वहां से दबोच लिया।
दोनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए एसीबी की टीम ने मामला दर्ज कर लिया है और इस मामले से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। विजिलेंस की टीम स्कूलों के कार्य के पेंटिंग बिल व पूर्व में दोनों अधिकारियों के तरफ से पास किए गए बिलों को भी जांच में शामिल कर सकती है। वही इस मामले में किसी बड़े अधिकारी का भी नाम सामने आ रहा है लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
सोनीपत में बिजली निगम कर्मचारी दो लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू,











