हरियाणा

हरियाणा की ताजा खबरें और विश्वसनीय खबरों के लिए पढ़ें Latest Haryana News Today in Hindi, ABTak Haryana में स्थानीय राजनीति, अपराध, विकास कार्य, शिक्षा से जुड़ी हर अपडेट सबसे पहले

Latest News Rewari encounter: Haryana breaking News

 

Latest News Rewari: हरियाणा के रेवाड़ी में बीती रात पुलिस को बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। रेवाड़ी एनकाउंटर में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए और पुलिस ने चार बदमाशों को दबोच लिया। जिनमें से एक-एक बदमाश रोहतक और जींद जिले का रहने वाला है जबकि दो बदमाश रखते हैं। गोली लगने से घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

Latest News Rewari : मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास पुलिस एनकाउंटर

रेवाड़ी पुलिस को देर रात सूचना मिली कि मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास एक कार में दो चार बदमाश सवार पहुंचे हैं। बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलती पुलिस की टीम हरकत में आई और तुरंत ही मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास बदमाशों को घेर लिया। पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के चेतावनी के बावजूद भी बदमाश फायरिंग करते रहे।

 

Rewari Encounter News Today

पुलिस ने अपने बचाव में बदमाशों पर गोली चलाई और पुलिस की गोली दो बदमाशों के पांव में लगी। गोली लगने से दोनों बदमाश जमीन पर गिर पड़े और उनके दो साथियों का भी हौसला जवाब दे गया। पुलिस ने चारों बदमाशों को तुरंत ही काबू कर लिया और घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। जबकि दो अन्य बदमाशों से पूछताछ शुरू कर दी।

Rewari Aaj ki Taaja News 

रेवाड़ी एनकाउंटर में गोली लगने से घायल हुए बदमाशों की पहचान रोहतक जिले के गांव आनंदपुर निवासी विकास उर्फ मोटू और रेवाड़ी जिले के गांव गोकलगढ़ निवासी हर्ष उर्फ पोपला के रूप में हुई है इन पर पुलिस ने ₹5000 का इनाम रखा हुआ था। जबकि पुलिस द्वारा इस एनकाउंटर में दो अन्य बदमाशों की पहचान जींद जिले के गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी रितिक और रेवाड़ी जिले के गांव गोकलगढ़ निवासी नीरज उर्फ अज्जू के रूप में हुई है।

 

पुलिस सूत्रों से पता चला है कि गोली लगने से घायल बदमाशों पर हत्या, आर्म्स एक्ट और गिरोह बनाकर अपराध करने का मामला रेवाड़ी सिटी थाना पुलिस ने अक्टूबर 2025 में दर्ज किया गया था। लेकिन तब से ही ये बदमाश पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहे थे। इनको पकड़वाने पर पांच हजार रुपए का इनाम रखा गया था।

Swami vivekanand yuva chetna Rashtriya Yuva Diwas     

Professor RC Kuhar की कलम से स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष लेख: आज का यह पावन दिवस केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि भारत की युवा चेतना (Rashtriya Yuva Diwas ) का उत्सव है। 12 जनवरी वह दिन है जब भारत ने स्वामी विवेकानन्द के रूप में एक ऐसी चेतना को जन्म दिया जिसने न केवल एक युग को दिशा दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आत्मविश्वास, साहस और सेवा का मार्ग दिखाया। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि हम स्मरण कर सकें कि भारत की आत्मा आज भी युवा है, उसकी शक्ति आज भी अक्षुण्ण है और उसका भविष्य आज भी उज्ज्वल है। “यह लेख केवल विवेकानन्द पर नहीं, बल्कि आज के युवा के भीतर छिपी शक्ति पर है।”

 

स्वामी विवेकानन्द: आत्मविश्वास, सेवा और युवा शक्ति का दर्शन

स्वामी विवेकानन्द कोई साधारण संन्यासी नहीं थे; वे एक चलती हुई प्रेरणा, एक जाग्रत आत्मा और युवा शक्ति के साक्षात प्रतीक थे। उनका जीवन स्वयं एक संदेश था, उनका चिंतन स्वयं एक क्रांति था और उनका व्यक्तित्व स्वयं एक जागरण था। उनका उद्घोष “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” केवल एक श्लोक नहीं था, वह उनके जीवन का सार था, जो हमें यह सिखाता है कि मनुष्य तब तक मनुष्य नहीं बनता जब तक वह अपने भीतर की शक्ति को पहचान नहीं लेता।

 

स्वामी विवेकानन्द का युवाओं के लिए संदेश


स्वामी विवेकानन्द का सम्पूर्ण दर्शन इस विश्वास पर आधारित था कि प्रत्येक आत्मा मूलतः दिव्य है और उसमें अनन्त सामर्थ्य निहित है। वे युवाओं को निर्बल, असहाय और भाग्य के भरोसे जीने वाला नहीं देखना चाहते थे। वे ऐसे युवा चाहते थे जिनकी छाती सिंह के समान हो, जिनकी बुद्धि वज्र के समान दृढ़ हो और जिनका हृदय करुणा से परिपूर्ण हो। उनके लिए आदर्श युवा वह था जो विज्ञान से सम्पन्न हो पर आध्यात्म से शून्य न हो, जो आधुनिक हो पर अपनी जड़ों से कटा हुआ न हो, जो आत्मविश्वासी हो पर अहंकारी न हो।

 

राष्ट्रीय युवा दिवस 2026: स्वामी विवेकानन्द का युवाओं को अमर संदेश

स्वामी विवेकानन्द बार-बार कहते थे कि पहले अपने भीतर के देवत्व को पहचानो, क्योंकि जब तक मनुष्य स्वयं को तुच्छ समझता रहेगा, तब तक वह संसार को महान कैसे बना सकेगा। उनके जीवन के अनेक ऐसे पक्ष हैं जो बहुत कम चर्चित हैं पर अत्यंत प्रेरणादायक हैं। बाल्यकाल से ही उनके भीतर सत्य को जानने की तीव्र जिज्ञासा थी। वे अंधविश्वास को स्वीकार नहीं करते थे और ईश्वर को केवल सुनी हुई बातों के आधार पर मानने को तैयार नहीं थे। उनका प्रश्न “क्या आपने ईश्वर को देखा है?” किसी प्रकार का अहंकार नहीं था, बल्कि सत्य के प्रति उनकी प्रामाणिक प्यास का प्रतीक था।

 

विवेकानन्द के विचार आज भी प्रासंगिक क्यों?

यही प्यास उन्हें रामकृष्ण परमहंस तक ले गई और वहीं उन्हें वह अनुभव प्राप्त हुआ जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। बाह्य रूप से कठोर दिखने वाले विवेकानन्द भीतर से अत्यंत कोमल और संवेदनशील थे। वे दूसरों के दुःख को अपने हृदय में अनुभव करते थे। एक बार अमेरिका में उन्होंने अपना भोजन किसी भूखे बालक को दे दिया और स्वयं भूखे रहे, क्योंकि उनके लिए किसी भूखे को खाना खिलाना किसी भी पूजा से अधिक पवित्र था।

 

वास्तविक देवता मंदिरों में नहीं, बल्कि खेतों में काम करता किसान


रामकृष्ण परमहंस के देहांत के बाद उन्होंने वर्षों तक भारत की यात्रा की, वह भी बिना किसी पहचान के, बिना किसी साधन के, केवल पैदल चलते हुए। उन्होंने भारत को ग्रंथों से नहीं जाना, उन्होंने भारत को उसकी गलियों, उसकी झोपड़ियों, उसके खेतों और उसके आंसुओं के बीच जाकर जाना। उन्होंने देखा कि भारत का वास्तविक देवता मंदिरों में नहीं, बल्कि खेतों में काम करता किसान है, सड़कों पर परिश्रम करता मजदूर है और भूख से जूझता बालक है। इसी अनुभव से उनके भीतर यह भाव जाग्रत हुआ कि सेवा ही सच्ची साधना है और दरिद्र नारायण की सेवा ही ईश्वर की वास्तविक पूजा है।

 

भारतीय युवाओं के लिए संदेश


स्वामी विवेकानन्द का युवाओं के लिए सबसे बड़ा संदेश आत्मविश्वास था। वे कहते थे कि तुम स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो और तुम्हारे भीतर वह सारी शक्ति है जो किसी भी परिस्थिति को बदल सकती है। वे भाग्यवाद के कट्टर विरोधी थे और मानते थे कि जो व्यक्ति अपने दुर्बल विचारों को त्याग देता है, वही वास्तव में स्वतंत्र हो जाता है। उनके लिए चरित्र निर्माण सबसे बड़ा राष्ट्रकार्य था। वे कहते थे कि मुझे बड़े-बड़े सिद्धांत नहीं चाहिए, मुझे ऐसे मनुष्य चाहिए जिनका चरित्र उज्ज्वल हो, जिनका जीवन सत्य, संयम और सेवा से प्रकाशित हो।

 

सत्य की खोज


आज का युवा तकनीकी रूप से अत्यंत सक्षम है, वैश्विक दृष्टि रखता है और तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, पर साथ ही कहीं-न-कहीं वह भीतर से असंतुलित और दिशाहीन भी हो रहा है। उपभोग की संस्कृति, त्वरित सफलता की लालसा और निरंतर प्रतिस्पर्धा ने उसके मन को अशांत बना दिया है। ऐसे समय में स्वामी विवेकानन्द का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। वे आज के युवाओं से पूछते कि क्या तुम केवल सुविधाओं के पीछे भागोगे या सत्य की खोज करोगे, क्या तुम केवल जीविका कमाओगे या जीवन का निर्माण करोगे। वे चाहते थे कि युवा भोग नहीं योग को चुने, अहंकार नहीं आत्मबोध को चुने और बाह्य सफलता से पहले आंतरिक उत्कृष्टता को महत्व दे।

 

Swami Vivekananda thoughts in Hindi


स्वामी विवेकानन्द का भारत-स्वप्न केवल आर्थिक समृद्धि का स्वप्न नहीं था, वह एक चेतन, नैतिक और करुणामय राष्ट्र का स्वप्न था। वे ऐसा भारत देखना चाहते थे जहाँ विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय हो, जहाँ शक्ति के साथ करुणा हो, जहाँ आधुनिकता के साथ संस्कृति हो और जहाँ सफलता के साथ संयम हो। उनका भारत केवल भौतिक रूप से समृद्ध नहीं, बल्कि आत्मिक रूप से भी उज्ज्वल होना चाहिए था।

 

आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण : Youth Day 12 January


अतः प्रिय युवा साथियो, इस राष्ट्रीय युवा दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने भीतर के विवेकानन्द को जगाएँगे। हम अपने भय को जीतेंगे, अपने आलस्य को हराएँगे और अपने स्वार्थ को तिरोहित करेंगे। हम केवल जीवित नहीं रहेंगे, हम जाग्रत रहेंगे। हम केवल अपने लिए नहीं जिएँगे, हम समाज और राष्ट्र के लिए भी जिएँगे। यही स्वामी विवेकानन्द को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही इस युवा दिवस का वास्तविक अर्थ होगा। वन्दे भारतम्, जय विवेकानन्द, जय युवा शक्ति।

लेखक : प्रो. आर. सी. कुहाड़

CJI Suryakant grand welcome in Petwar village Hansi News


Hansi News : भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का पैतृक गांव पेटवाड़ में उनके सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पैतृक गांव में पहुंचने पर सीजेआई श्री सूर्यकांत का ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें मुख्य मंच तक लाया गया, जहां ग्रामवासियों ने पगड़ी पहनाकर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को सम्मानित किया।

 

माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का पैतृक गांव पेटवाड़ में भव्य सम्मान समारोह आयोजित


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने गांव, शिक्षकों, माता-पिता, बुजुर्गों और ग्राम वासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों की निष्ठा और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा दी।

 

उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा निवेश है और प्रत्येक परिवार को बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को सामूहिक सहयोग से उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया तथा इसके लिए स्वयं आर्थिक सहयोग देने की भी घोषणा की। मुख्य न्यायाधीश ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बच्चे भविष्य में हरियाणा और देश का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।

गांव का स्नेह और बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत

उन्होंने युवाओं को सेना, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का और अधिक विकास होगा। उन्होंने आयोजन समिति, ग्रामवासियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का स्नेह और आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

 


मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि इसी स्कूल में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। स्कूल से हमेशा लगाव रहेगा। उन्होंने कहा कि बेशक उस समय स्कूलों में सुविधाएं अधिक नहीं होती थी, लेकिन अध्यापकों में पढ़ाने के प्रति समर्पण बहुत अधिक था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि इस स्कूल के बड़े हॉल में धान की पराली बिछाकर पढते थे और रात को भी अध्यापक काफी देर तक पढ़ाते थे, ताकि उनके स्कूल का परिणाम क्षेत्र के अन्य स्कूलों की तुलना में बढिय़ा आए।

 


इस दौरान गांव के विकास को लेकर बस स्टैंड के पास एक एकड़ जमीन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, नए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पुराने भवन को कंडम करवाकर नया भवन बनवाने, डोबा वाले तालाब के पीछे हर्बल पार्क बनवाने, ई-पुस्तकालय स्थापित करवाने, डोबा तथा डोबी तालाब का सौंर्दयकरण करवाने, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में सौलर पैनल लगवाने सहित कई मांगे रखी गई, जिन पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात हुई थी।

गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनवाया जाएगा

उन्होंने कहा था कि गांव की जो भी मांगे रखी जाएंगी, उन सभी को पूरा करवाया जाएगा। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सीजेआई सूर्यकांत तथा अन्य अतिथियों को स्वागत किया। उन्होंने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाने की घोषणा की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। इससे पूर्व सीजेआई सूर्यकांत ने गांव पेटवाड़ स्थित बाबा श्रीराम मंदिर में जाकर माथा टेका।

 


केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्वागत करते हुए कहा कि श्री सूर्यकांत से कई बार वार्तालाप हुआ है। उनकी बातों में गांव की खुशबू महसूस होती है। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जीवन प्रेरणा का स्त्रोत है, इसलिए बच्चे इनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े और मुकाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत सफलता की कुंजी है। हमेशा लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत और जुनून का रास्ता चुने।

 


कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मेहनत से हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सीजेआई सूर्यकांत ने इस बात को साबित करके दिखाया है। आज मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हर युवा के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह में गांव के विकास को लेकर जो मांगे रखी गई हैं, उन सभी मांगों को पूरा प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान बच्चों ने अपने हाथों से बनाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पेंटिंग को भीड़ के बीच से अपने हाथों में उठाकर दिखाया। सीजेआई सूर्यकांत की नजर जैसे ही बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने हाथ हिलाकर बच्चों को मंच पर बुलाया और दुलार करते हुए सम्मानित किया।

 

बच्चों ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ सेल्फियां भी ली। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की धर्मपत्नी सविता वशिष्ठ को भी गांव की ओर से सम्मानित किया गया। गायक लोकेश शर्मा ने सीजेआई सूर्यकांत के सम्मान में उनके जीवन पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।

 


इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, एडीजे निशांत शर्मा, सीजेएम अशोक कुमार, सीजेएम राजीव श्योकंद, कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, विधायक रणधीर पनिहार, जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, पूर्व विधायक शिव शंकर भारद्वाज, उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा, हांसी बार एसोसिएशन प्रधान पवन रापडिय़ा, हिसार बार एसोसिएशन प्रधान संदीप बुरा, मास्टर ऋषिकांत, मास्टर फुलकुमार, सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सिंह तथा कई न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

ये समाचार भी पढ़ें :-

Hansi Narnaund News: हांसी को मिली एक और सौगात; नारनौंद में 21 करोड़ की लागत से बनेगा न्यायिक परिसर – CJI सूर्यकांत,

Hisar News Today : CJI सूर्यकांत ने बरवाला में किया अदालत का शुभारंभ; कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला,

Latest News Rohtak: रोहतक में रोड़वेज बस की टक्कर से कार सवार की मौत: जींद जिले का रहने वाला था मृतक,

Haryana Aaj ki Taaja Khabar: Hansi Narnaund News

Hansi Narnaund News : देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हांसी में शीघ्र ही सेशन डिवीजन स्थापित की जाएगी। हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने के बाद यहां हांसी वासियों के लिए एक और सुविधा होगी। आमजन को न्याय पहुंचाने की दिशा में यह डिवीजन महत्वपूर्ण साबित होगी।

 

नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय का हुआ शुभारंभ, न्यायिक परिसर का किया शिलान्यास

Haryana Aaj ki Taaja Khabar: न्यायमूर्ति सूर्यकांत नारनौंद स्थित उपमंडल न्यायिक परिसर में नारनौंद उपमंडल न्यायालय के शुभारंभ तथा उपमंडल न्यायिक परिसर के शिलान्यास के उपरांत उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा गणमान्य नागरिकों को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि नारनौंद में उपमंडलीय न्यायालय की स्थापना होना हर्ष का विषय है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे न्याय को हर गरीब व्यक्ति के द्वार तक लेकर जाएंगे।  संविधान में सभी को एक समान रूप से न्याय प्राप्त करने का अधिकार दिया है। न्यायपालिका द्वारा गरीब लोगों तक सुलभ न्याय देने के लिए कार्य किया जा रहा है।

CJI Suryakant statement in Hansi narnaund


न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने Hansi Narnaund में न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि न्याय के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत रखते हुए समय पर न्याय पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिवक्ता न्याय के सजग प्रहरी के तौर पर कार्य करते हुए बार के एथिक्स को याद रखें। विकास के साथ तकनीकी युग में अधिवक्ता स्वयं को तकनीकी ज्ञान से युक्त करें तथा न्यायपालिका में हो रहे विकास से स्वयं का अपडेट रखें। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता सकारात्मक सोच के साथ लंबित मामलों को निपटाए।

 

नारनौंद कोर्ट का 21 करोड़ से अधिक की धनराशि से होगा निर्माण


गौरतलब है कि नारनौंद उपमंडलीय न्यायिक परिसर पर 21 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इस न्यायिक न्यायालय परिसर का निर्माण 7255.30 वर्ग मीटर अथवा 1.79 एकड़ में किया जाएगा। न्यायिक न्यायालय परिसर में भू-तल, प्रथम तल तथा द्वितीय तल पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। भू-तल पर न्यायालय कक्ष, साक्षी कक्ष व अन्य कक्ष, प्रथम तल पर फैमिली कोर्ट, मध्यस्था कक्ष आदि तथा द्वितीय तल पर ममटी एवं मशीन रूम का निर्माण होगा।

Hansi Narnaund News : Haryana Aaj ki Taaja Khabar


नारनौंद बार एसोसिएशन की ओर से बार एसोसिएशन के प्रधान ज्ञान प्रकाश लोहन ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू व हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जरनल चंद्रशेखर, हांसी के उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल, उपमंडल न्यायिक न्यायाधीश आशुतोष, सीजेएम अशोक कुमार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, सचिव सुनिल पनिहार, संयुक्त सचिव जितेंद्र खरब, लाइब्रेरियन अमन ढांडा सहित हांसी व नारनौंद बार एसोसिएशन के अधिवक्ता व संबंधित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

 

ये समाचार भी पढ़ें :-

 

Hisar News Today : CJI सूर्यकांत ने बरवाला में किया अदालत का शुभारंभ; कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला,

Latest News Rohtak: रोहतक में रोड़वेज बस की टक्कर से कार सवार की मौत: जींद जिले का रहने वाला था मृतक,

Latest News Rohtak Pakasma moad Bus Car Accident

Latest News Rohtak: हरियाणा के रोहतक में हरियाणा रोडवेज बस की टक्कर से कार सवार युवक की मौत हो गई। मृतक युवक जींद जिले का रहने वाला था और किसी काम के सिलसिले में वह खरखौदा जा रहा था कि पाकस्मा मोड़ पर रोड़वेज बस ने उसकी गाड़ी में टक्कर मार दी।

 

Latest News Rohtak roadways bus car accident

शनिवार को रोहतक जिले के पाकस्मा मोड पर रोडवेज बस और एक वरना गाड़ी में टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और कार माचिस की डिब्बी की तरह पिचक गई। वहीं बस टक्कर लगते ही वरना गाड़ी में आग लग गई। राहगीरों ने बड़ी मुश्किल से कार  सवार युवक को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई लाया गया जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

 

Rohtak Bus Car Accident की सूचना मिलते ही आईएमटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। वहीं पुलिस ने गाड़ी और बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है। मृतक युवक की पहचान जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के गांव लिजवाना निवासी हिमांशु के रूप में हुई।

 

पीजीआई रोहतक पहुंचे मृतक हिमांशु के परिजनों ने बताया कि हिमांशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और वह फाइनेंस का काम करता था। उसके पिता जयबीर ट्रक चालक हैं और वह मुंबई गए हुए हैं। हिमांशु की एक बड़ी बहन भी है हिमांशु अपनी वरना कार में सवार होकर घर से खरखौदा किसी काम से जा रहा था कि पाकस्मा मोड़ के पास हादसे में उसकी मौत हो गई।

 

आईएमटी रोहतक थाना पुलिस ने Rohtak Accident में मृतक के शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि रोड़वेज बस-कार हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इस हादसे में जींद जिले के हिमांशु नामक युवक की मौत हो गई है। परिजनों के बयान के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

CJI Suryakant inaugurated court in Narnaund News

Narnaund News: भारत के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत शनिवार को नारनौंद पहुंचें। यहां पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत नारनौंद में अस्थाई कोर्ट का शुभारंभ किया और कोर्ट परिसर की आधारशिला रखी। उनका नारनौंद और पैतृक गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।

उसके बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत बरवाला पहुंचें और यहां पर उप मंडल कोर्ट की आधारशिला रखी। यहां से वह अपने शहर नारनौंद पहुंचें और यहां पर अपनी मित्र मंडली से मुलाकात की। सीजेआई सूर्यकांत ने नारनौंद में अस्थाई कोर्ट का शुभारंभ किया। साथ ही नए को भवन की आधारशिला रखी। यहां पहुंचने पर उनका ढोल नगाड़ों और फूलों से जोरदार स्वागत किया गया। चीफ जस्टिस के साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, अरविंद शर्मा सहित जिला सैशन जज व हाईकोर्ट के जज मौजूद रहे।

उसके बाद Chief justice of India Suryakant अपने पैतृक गांव पेटवाड़ पहुंचे। मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद उनका अपने गांव का पहला दौरा है और यहां पर ग्रामीणों द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गांव के स्टेडियम में एक समारोह आयोजित किया गया है साथ ही वह अपने उसे स्कूल में भी गए, जहां पर उन्होंने अपने प्रारंभिक शिक्षा की थी। इसके अलावा वह यहां पर अपने पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों के अलावा परिजनों से मुलाकात की। ग्रामीणों द्वारा उनका पूरा मान-सम्मान किया गया।

सीजेआई सूर्यकांत का हरियाणा दौरे का दूसरा दिन है। शनिवार की दोपहर को चीफ जस्टिस हिसार राजकीय कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर शिरकत करेंगे। यहां वह अपने पुराने सहपाठियों और गुरुजनों से भी मुलाकात करेंगे। इसी कॉलेज से चीफ जस्टिस ने अपनी बीए की पढ़ाई पुरी की थी।

ये समाचार भी पढ़ें :-

Hansi Narnaund News: हांसी को मिली एक और सौगात; नारनौंद में 21 करोड़ की लागत से बनेगा न्यायिक परिसर – CJI सूर्यकांत,

Hisar News Today : CJI सूर्यकांत ने बरवाला में किया अदालत का शुभारंभ; कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी आधारशिला,

Latest News Rohtak: रोहतक में रोड़वेज बस की टक्कर से कार सवार की मौत: जींद जिले का रहने वाला था मृतक,

CJI Suryakant welcome in Hisar bar association

 

Hisar News Today : भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ( CJI Suryakant ) ने कहा कि बदलते अपराध स्वरूप और वैश्विक स्तर पर उभरती नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिवक्ताओं, विशेषकर युवा वकीलों को स्वयं को निरंतर अपडेट रखना होगा। यदि अधिवक्ता ई-लाइब्रेरी, डिजिटल संसाधनों और आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, तो न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि न्याय वितरण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनेगी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ( CJI Suryakant ) शुक्रवार को स्थानीय न्यायिक परिसर में हिसार बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने आधुनिक तकनीक का विश्व में सबसे अधिक उपयोग किया है और कोविड-19 महामारी के दौरान वर्चुअल कोर्ट एवं डिजिटल माध्यमों से न्याय प्रक्रिया को निर्बाध जारी रखकर एक वैश्विक मिसाल पेश की।

अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए सीजेआई ने कहा कि हिसार बार एसोसिएशन से उनका संबंध केवल पेशेवर नहीं, बल्कि पारिवारिक और भावनात्मक भी है। उन्होंने 1984 के दशक में हिसार बार के सदस्य के रूप में अपनी वकालत की यात्रा प्रारंभ की, इसके बाद पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में प्रैक्टिस की, लेकिन हिसार बार से वे सदैव जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि हिसार बार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, जिसके सदस्यों ने देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर राष्ट्र सेवा में अमूल्य योगदान दिया है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आज अपराधों का ग्राफ और नेचर तेजी से बदल रहा है। साईबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और तकनीक आधारित अपराधों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए वकीलों को तकनीक की समझ और डिजिटल साक्ष्यों की विश्लेषण क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आमजन को समयबद्ध न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और संसाधनों के विकास के साथ न्याय में देरी को कम करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के मजबूत होने से विदेशी निवेश बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप वाणिज्यिक विवाद और कॉरपोरेट वाद भी बढ़े हैं। बदलते विवाद स्वरूप के साथ वकीलों को भी अपनी रणनीति बदलनी होगी और स्वयं को आधुनिक न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना होगा।

इस अवसर पर हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप बूरा ने मुख्य न्यायाधीश सहित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और सीजेआई को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य पी.के. संधीर ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ 1984 में एक साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए और इसे हिसार बार के लिए ऐतिहासिक व प्रेरणादायक क्षण बताया।

 

बार एसोसिएशन के सदस्य पीके संधीर ने कहा कि हिसार बार एसोसिएशन के लिए यह पल स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा, जब इसी धरती से वकालत की शुरुआत करने वाले न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी पर विराजमान हैं।

 

इस अवसर पर समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहीं भारत के मुख्य न्यायाधीश की धर्मपत्नी श्रीमती सविता वशिष्ठ, पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस श्री शील नागू, पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति अलका सरीन, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच.एस. सेठी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, उपायुक्त महेंद्र पाल, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल, ईशा खत्री, नताशा शर्मा, एसडीएम ज्योति मित्तल, बार एसोसिएशन के उपप्रधान विकास पूनिया, सचिव समीर भाटिया, कोषाध्यक्ष सुनील सहदेव, पूर्व अध्यक्ष सुभाष गोदारा, बंसीलाल सहित वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं अधिवक्तागण मौजूद रहे।

Rewari Aaj ki Taaja News: district council elections have been disqualified


Taaja Newsरेवाड़ी जिला उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत अभिषेक मीणा ने हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग पंचकूला की हिदायत अनुसार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला के 29 जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च रजिस्टर जमा न करवाने के कारण आगामी 5 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया है।

 


जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत अभिषेक मीणा ने जारी आदेश में बताया कि हिदायत अनुसार चुनाव खर्च लेखा रजिस्टर चुनाव परिणाम जारी होने के एक माह के अन्दर अन्दर जमा करवाना था। उन्होंने बताया कि जिला परिषद के चुनाव लड़ने वाले कुल 133 उम्मीदवारों में से 48 उम्मीदवारों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2022 के दौरान जिला परिषद का चुनाव लड़ा था लेकिन उनके द्वारा चुनाव खर्च लेखा रजिस्टर अभी तक जमा नहीं करवाया है। जिन 48 उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च लेखा जमा नहीं करवाया उनको 06 अक्टूबर 2025 को निजी सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया था।

 

 

निजी सुनवाई के दौरान 10 जिला परिषद उम्मीदवार उपस्थित हुए। निजी सुनवाई के दौरान उम्मीदवारों को 15 दिन के अन्दर-अन्दर चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने के निर्देश दिये गए थे तथा दूरभाष पर भी 48 जिला परिषद उम्मीदवारों को चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने बारे भी सूचना दी गई। इसके उपरांत 28 नवंबर 2025 को पुन: निजी सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए पुन: 15 दिन के अन्दर अन्दर चुनाव खर्च लेखा जमा करवाने के लिए अंतिम अवसर दिया गया था।

 

उन्होंने बताया कि 29 जिला परिषद उम्मीदवारों द्वारा अपना चुनाव खर्च रजिस्टर अभी तक जमा नहीं करवाया, न ही निजी सुनवाई के दौरान उपस्थित हुए तथा न ही इस सम्बन्ध में कोई दस्तावेज इस कार्यालय में जमा करवाएं।

 


डीसी ने जारी आदेश में वार्ड नं0-1 के सुरेन्द्र कुमार पुत्र मोहर सिंह निवासी बव्वा, वार्ड नंबर-1 के चन्द्रदीप पुत्र सत्यपाल निवासी खुर्शीदनगर, वार्ड नंबर-1 के अजीत पुत्र सत्यपाल निवासी झौलरी, वार्ड नंबर-3 के प्रेम कुमार पुत्र शिवकुमार निवासी कोसली, वार्ड नंबर-4 सुनील कुमार पुत्र हरिराम निवासी गुरावडा, वार्ड नंबर-5 मन्जुबाला पत्नी कपिल मुनी निवासी बाबडोली, वार्ड नंबर-5 उर्मिला पुत्र कुलजीत सिंह निवासी चौकी नं0 2, वार्ड नंबर-5 मीना पत्नी तपेश्वर निवासी बेरली कला, वार्ड नंबर-5 जया यादव पत्नी देवेन्द्र निवासी बिहारीपुर, वार्ड नंबर-6 अनिल कुमार पुत्र सत्यपाल सिंह निवासी डहीना, वार्ड नंबर-6 सुरेश पुत्र रामनिवास निवासी गोठडा टप्पा डहीना, वार्ड नंबर-8 संदीप कुमार पुत्र वेद प्रकाश निवासी ढाणी कोलाना, वार्ड नंबर-8 राजबीर पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी अहरोध, वार्ड नंबर-8 गोपीराम पुत्र रामपत निवासी खोल, वार्ड नंबर-8 विराट पुत्र छोटेलाल निवासी ढाणी शोभा, वार्ड नंबर-10 लक्ष्मीबाई पत्नी रणधीर सिंह निवासी लिसाना, वार्ड नंबर-13 अनिरुध मातादीन निवासी नन्दरामपुर बांस, वार्ड नंबर-13 राजेश कुमार पुत्र शादीराम निवासी रसगण, वार्ड नंबर-14 राजेन्द्र प्रसाद पुत्र हरनारायण सिंह निवासी राजपुरा इस्तमुरार, वार्ड नंबर-14 कृष्ण कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी खोरी, वार्ड नंबर-14 दयानन्द  पुत्र सुमेर सिंह निवासी धामलावास, वार्ड नंबर-14 देवेन्द्र सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी बधराना, वार्ड नंबर-15 मन्जुबाला पत्नी नरेश कुमार निवासी मसानी, वार्ड नंबर-15 रेणू पत्नी राजकुमार निवासी गोलियाकी, वार्ड नंबर-15 कोमल पत्नी रोहताश निवासी नंगली गोधा, वार्ड नंबर-16 मन्जु पत्नी महेन्द्र सिंह निवासी मुकन्दपुर बंसई, वार्ड नंबर-17 अजय कुमार पुत्र सुमेर सिंह निवासी रामसिहपुरा, वार्ड नंबर-17 विरेन्द्र सिंह, फूल सिंह निवासी शाहपुर, वार्ड नंबर-18 की सुदेश देवी पत्नी नरेन्द्र कुमार निवासी झाबुआ को चुनाव खर्च रजिस्टर जमा न करवाने के कारण आगामी 5 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है।

 

 

Haryana News/ Sunil Kohar : 

हरियाणा के सोनीपत जिले के हरशाणा कलां गाँव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे प्रोफेसर रमेश चंदर कुहाड़ (आर.सी. कुहाड़) ने विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाया है। ScholarGPS द्वारा वर्ष 2024 की जारी वैश्विक रैंकिंग में माइक्रोबायोलॉजी विषय में उन्हें भारत में चौथा और विश्व स्तर पर 715वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए मिला है, जिससे वह दुनिया के शीर्ष 0.1% वैज्ञानिकों में ( global scientist ranking Haryana ) शामिल हो गए हैं। 

 

Professor RC Kuhar reached top position in global scientific rankings Haryana 

प्रो. कुहाड़ वर्तमान में शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में डिस्टिंग्विश्ड विज़िटिंग प्रोफेसर और डीपीजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गुरुग्राम के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, यूजीसी के सदस्य और एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।

 

हरियाणा के किसान परिवार से निकलकर माइक्रोबायोलॉजी के वैश्विक मंच पर रचा इतिहास

उनकी शिक्षा की शुरुआत गाँव हरशाना कलां के स्कूल से हुई। मैट्रिकुलेशन एस.एम. हिंदू हाई स्कूल, सोनीपत से, स्नातक जाट कॉलेज, सोनीपत से और माइक्रोबायोलॉजी में स्नातकोत्तर एवं डॉक्टरेट भोपाल विश्वविद्यालय से प्राप्त की। 1985 में माइक्रोबायोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में उन्होंने अपना शैक्षणिक सफर शुरू किया। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय, यू.के. से पोस्ट डॉक्टोरल शोध कर भारत लौटे और दिल्ली विश्वविद्यालय में 2020 तक अध्यापन और शोध कार्य किया।

उनकी विशेषज्ञता सॉलिड स्टेट फर्मेंटेशन, बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग, शुगर मेटाबोलिज्म और पशु चारे के पोषण संवर्धन जैसे क्षेत्रों में है। उन्होंने फर्मेंटेशन दक्षता बढ़ाने, सूक्ष्मजीवों द्वारा विभिन्न प्रकार की शर्कराओं के उपयोग को बेहतर बनाने और रूमिनेंट पशुओं के पोषण स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ScholarGPS की रैंकिंग के अनुसार बायोटेक्नोलॉजी में उन्हें वैश्विक स्तर पर 427वां, सॉलिड स्टेट फर्मेंटेशन बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग में 18वां और बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग में 105वां स्थान प्राप्त है।

उनकी शोध उपलब्धियों को मान्यता देते हुए उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में स्थान दिया है। उनके पास h-index 75 जैसे प्रभावशाली वैज्ञानिक आँकड़े हैं, जो उनके शोध कार्य की गहराई और प्रभाव को दर्शाते हैं। उनके वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक प्रबंधन उत्कृष्टता को देखते हुए उन्हें एम.डी. विश्वविद्यालय रोहतक के 50वें वार्षिक समारोह के अवसर पर माननीय राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री, हरियाणा सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।

प्रो. कुहाड़ को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

प्रो. जी. एस. रंगास्वामी मेमोरियल अवॉर्ड (AMI)

डॉ. जी. बी. मंझरेकर अवॉर्ड (AMI)

प्लैटिनम जुबली लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (AMI)

टाइटन बायोटेक अवॉर्ड

बायोटेक्नोलॉजी ओवरसीज रिसर्च एसोसिएटशिप अवॉर्ड

UNIDO/ICGEB फेलोशिप

कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप

अब तक वे 250 से अधिक वैज्ञानिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं और 10 से अधिक पुस्तकों का संपादन भी कर चुके हैं।

प्रोफेसर आर.सी. कुहाड़ की यह यात्रा युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाती है कि प्रतिबद्धता, परिश्रम और समर्पण से कोई भी शिखर हासिल किया जा सकता है।

 

 

Sonipat News Today in Hindi: Aashirwad garden murder case update

Sonipat News : हरियाणा के सोनीपत में अपने पति का प्राइवेट पार्ट दबाकर हत्या करने के मामले में आरोपित पत्नी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है। उसे पति की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। वहीं मृतक के बच्चों को लेने उनके नाना नहीं आए और ताऊ ने बच्चों को साथ ले जाने से इंकार कर दिया। मृतक भाई ने इस मामले में अन्य लोगों के शामिल की संभावना जताई है और सरिता के अवैध संबंध होने का दावा किया है। पुलिस रिमांड के बाद शुक्रवार को आरोपित सरिता को अदालत में पेश किया जाएगा।

 

Latest News Sonipat marriage place murder case update

वीरवार को पुलिस रिमांड के दौरान सरिता से उसके पति रामकृष्ण की हत्या के बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है। जब उसके दो छोटे बच्चों को उस मिलाया गया तो उसके चेहरे पर ममता नाम की कोई भी परछाई दिखाई नहीं दी। उसने बच्चों को कहा कि नाना के घर चले जाना लेकिन उसके मायके से बच्चों को लेने कोई नहीं आया। उसके बाद कहा कि बड़े पापा के घर रहना और जेल से आकर वह उन्हें ले जाएगी। लेकिन मृतक रामकिशन के भाई रामकिशन के मासूम बच्चों को ले जाने से मना कर दिया।

Porn movie clip देखकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप

पुलिस पूछताछ में सरिता ने बताया कि उसका पति पोर्न फिल्में देखकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। 5 जनवरी की रात को भी उसके पति ने ऐसा ही किया था। उसने जब अपने पति से ₹3000 मांगे तो उसने देने से मना कर दिया जिसके बाद उन दोनों के बीच झगड़ा हो गया। लेकिन कुछ समय के बाद सब शांत हो गया और दोनों पति-पत्नी खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। कमरे में उसके पति ने उसके साथ संबंध बनाते हुए उसके साथ मारपीट की।

 

सरिता ने खुलासा करते हुए बताया कि जब उसका पति सो गया तो उसने अपने प्रेमी सतपाल को अपने घर बुला लिया। सतपाल ने उसके पति का तकिए से मुंह दबा दिया और उसने उसका प्राइवेट पार्ट दबाकर रामकिशन की हत्या कर दी। उसका पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और बेल्ट से भी पिटता था। सरिता ने आरोप लगाया कि उसका पति गांजा पीकर उसके साथ अवैध संबंध बनाता था जिससे उसे काफी परेशानी होती थी।

प्रेमी ने तकिए से मुंह दबाया और उसने प्राइवेट पार्ट दबाया

सोनीपत के आशीर्वाद गार्डन मैरिज प्लेस में रखवाली करने वाले रामकिशन की उसकी ही पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। ‌किराए पर लेकर मैरिज प्लेस चलने वाले संजय और मृतक के भाई मेहर सिंह ने आरोप लगाया है कि सरिता ने पहले रामकिशन का गला दबाया और उसके बाद उसका प्राइवेट पार्ट दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित सरिता को गिरफ्तार कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है।

सोशल मीडिया पर रेल बनाने की शौकीन पति की हत्यारन पत्नी सरिता

पुलिस सूत्रों से पता चला है कि पुलिस रिमांड के दौरान सरिता ने खुलासा करते हुए बताया कि उसका पति उसके साथ झगड़ा करता था। वह सोशल मीडिया पर रील बनाने की शौकीन भी है। उसने अपने पति के साथ ओ तेरे संग यारा गाने पर एक रेल भी बनाई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान सरिता का व्यवहार बहुत ही सामान्य रहा। उसने कहा कि वह जेल जाने के बाद अपने शरीर की फिटनेस पर ध्यान देगी और रूटीन में एक्सरसाइज करेगी। ताकि शरीर की फिटनेस कायम रहे।

मृतक के भाई का दावा:

वहीं मृतक के भाई मेहर सिंह ने बताया कि उसके पास दो ऑडियो क्लिप है। उसने आरोप लगाया कि सरिता के कई लोगों के साथ अवैध संबंध है और इन्हीं अवैध संबंधों को चलते उसने अपने प्रेमियों और अपने परिजनों के साथ मिलकर उसके भाई के हत्या की है। साथ ही आशंका का जताई है कि मेहर सिंह के पास पांच लाख रुपए थे और हो सकता है कि इन रूपयो के लिए भी उसकी हत्या की गई हो।

सरिता का एमएमएस बना किया ब्लैकमेल

मेहर सिंह ने बताया कि किसी व्यक्ति ने सरिता का एमएमएस बना लिया था उसके बाद सरिता को ब्लैकमेल कर रहा था। इसका पता रामकिशन को चल गया तो रामकिशन ने उसे व्यक्ति के पास फोन करके खूब गालियां दी थी और धमकाया था। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग उसके पास है और इसके अलावा एक अन्य ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। वही अपने पास मौजूद तमाम सबूत पुलिस को सौंपेगा ताकि इस वारदात में शामिल सभी की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।

किसके लिए सजती संवरती थी सरिता?

मेहर सिंह ने आरोप लगाते हो कहा कि उसके भाई रामकिशन की हत्या करने में अकेले सरिता और उसका प्रेमी सतपाल ही नहीं बल्कि उसके दूसरे साथी और परिवार के अन्य लोग भी शामिल हैं। मेहर सिंह ने बताया कि सरिता को सोशल मीडिया पर बने रहने का बड़ा शौक है साथ ही उसे सुंदर दिखने के लिए सजने संवरने का भी शौक है। वह ज्यादातर सोशल मीडिया पर बनी रहती थी। उसने सोशल मीडिया पर कई रियल बनाकर डाली हुई है।

गाड़ी और पैसे देख उम्र से 8 साल बड़े से प्यार, अयासियों में उड़ाया पैसा

मेहर सिंह ने बताया कि सरिता पैसे की लालची है और उसका भाई शुरू दिन से ही गाड़ी रखता है। सरिता ने अपनी उम्र से 8 साल बड़े उसके भाई के पास गाड़ी और पैसे देखकर ही उससे प्यार का झूठा दिखावा किया। शादी से पहले वह उसके भाई के साथ गाड़ी में घूमती थी और उसका खूब पैसा बर्बाद करती थी। सन 2012 में उन्होंने लोक लाज से उनका प्रेम विवाह करवा दिया। सरिता ने उसके भाई की अधिकतर कमाई अपनी अयासियों में उड़ा दी है।

 

मृतक के भाई मेहर सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गोहाना में जेवरात की चोरी के मामले में सरिता का नाम सामने आया था लेकिन सरिता ने बच्चों को पालने के नाम पर रामकिशन को इमोशनल ब्लैकमेल किया इसके बाद रामकिशन ने उसका यह जुर्म अपने सिर पर ले लिया था और उसे दो-तीन साल की सजा भी हुई थी। जबकि उसका चोरी से कोई संबंध नहीं था।

 

मेहर सिंह ने दावा किया है कि उसके पास दो ऑडियो क्लिप और एक वीडियो क्लिप भी है जिनसे साबित होता है कि सरिता के कई लोगों के साथ अवैध संबंध है। एक ऑडियो क्लिप में सरिता कहती हुई सुनाई दे रही है कि आगे से वह ऐसा नहीं करेगी। जबकि एक ऑडियो क्लिप में उसका भाई किसी व्यक्ति को सरिता का एमएमएस बनाने और उसे ब्लैकमेल करने वाले को धमका रहा है।

 

मेहर सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि शादी से पहले भी सरिता के अपने पड़ोसी युवक के साथ अवैध संबंध थे। लेकिन जब यह बात मोहल्ले और परिवार में उजागर हुई तो उसने उसे युवक पर अरे का झूठा केस दर्ज करवा दिया था लेकिन बाद में पैसे लेकर समझौता भी कर लिया इसकी भी ऑडियो क्लिप है जिसमें सरिता स्वीकार कर रही है और भविष्य में ऐसा न करने की बात कर रही है।

Vishv Hindi Divas Vishesh 2026: growing dominance of Hindi on global horizon

प्रस्तावना: आत्मा की अभिव्यक्ति

Hindi Divas : सम्माननीय हिंदी प्रेमियों, जैसाकि कहा गया है: “भाषा राष्ट्रीय शरीर की आत्मा है।” अतः हिंदी हमारे भारत की राष्ट्रीय संस्कृति की आत्मा है। हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं और हमें गर्व है अपनी मातृभाषा हिंदी पर। हिंदी के उन्नयन की दिशा में कार्य करने के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। “हिंदी एक प्राचीन भाषा है और संस्कृत की उन धाराओं में से एक है जो आज भी जीवित है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार, कि हृदय की कोई भाषा नहीं है, हृदय-हृदय से बातचीत करता है और हिंदी हृदय की भाषा है, हिंदी दिवस के उपलक्ष में बहुत प्रासंगिक हैं क्योंकि हिंदी भाषा हमारे सम्मान, स्वाभिमान, शान और गर्व की भाषा है। ( World Hindi Day Special )

हिंदी का भविष्य और सांस्कृतिक पहचान

​”हिंदी दिवस हमें हिंदी भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित करता है।” “हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है, और हमें इसे बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए।” इस बात से यह स्पष्ट होता है कि हिंदी भाषा न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, समाज और देश की पहचान भी है। हिंदी दिवस हमें इसकी महत्ता को समझने और इसके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है। आज भारत में हिंदी साहित्य की भाषा है, सिनेमा की भाषा है, मनोरंजन की भाषा है। ये हम सभी जानते है, लेकिन इसके पीछे का कारण ये है कि हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं, हमारी भावना भी है। ये हमारी आत्मा का हिस्सा है, और हमारी पहचान है।

भारत, विविधताओ का देश है, जहां जितनी संस्कृतियां है, उतनी भाषाएं हैं और उतनी ही बोलिया बोली जाती हैं। इसलिए, हमारा देश भाषाओं का गढ़ है। भारत में लगभग 20,000 भाषाएं बोली जाती हैं। प्रत्येक भाषा की अपनी खासियत और खूबसूरती है, अपनी मधुरता है। भारत देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाली हिंदी को राजभाषा का गौरव प्राप्त है। हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसके महत्व से भारतीयों को अवगत कराने के लिए हर वर्ष 1 से 15 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन भी किया जाता है। हम सब जानते हैं कि हिंदी भाषा विश्व में तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।

 

भावनात्मक एकता का सूत्र

“हिंदी महज भाषा नहीं बल्कि यह हमको रचती है”….. आशुतोष की यह पंक्ति हिंदी भाषा पर सटीक बैठती है। हिंदी को मन की भाषा कहा जाता है, यह मन के बंद ताले को खोल सकती है। हमारी आत्मा और ज्ञान का पथ खोल सकती है। यह महज भाषा नहीं बल्कि भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरोती है। यह विश्वभर में बसे भारतीयों को भावनात्मक रूप से एक साथ जोड़ने का काम करती है।

संवैधानिक यात्रा और ऐतिहासिक संघर्ष

​भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत 14 सितम्बर, 1949 को हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा घोषित किया गया है। तदोपरांत 14 सितंबर 1953 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की सिफारिश पर प्रत्येक वर्ष “14 सितंबर” को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। हिंदी और भारतीय संविधान के परिपेक्ष्य में बी.एन. राव ने कहा कि “भारत के नए संविधान के निर्माण में सबसे कठिन समस्याओं में से एक, भाषाई प्रांतों की मांग और समान प्रकृति की अन्य मांगों को पूरा करना होगा”। इस मुद्दे ने संविधान सभा को उसके तीन साल के जीवनकाल तक परेशान किया। भारत का संविधान राष्ट्रभाषा के मुद्दे पर मौन है। इस प्रकार, हिंदी भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में से एक है, न कि हमारी राष्ट्रीय भाषा।

 

महापुरुषों की दृष्टि में हिंदी

सुमित्रानंदन पंत ने मातृभाषा हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि “हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है” और “हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है”। उन्होंने कहा:

​“मैं कुंजी कहता हिंदी को खुलता जिससे सामूहिक मन,

क्षेत्रवृति से उठकर ही हम कर सकते जन राष्ट्र संगठन।”

​मैथिलीशरण गुप्त जी ने भी मातृभाषा हिंदी के महत्व के बारे में कुछ यूं बयां किया:

​”है भव्य भारत ही हमारी मातृभूमि हरी भरी।

हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा और लिपि है नागरी”

“मानस भवन में आर्यजन जिसकी उतारें आरती।

भगवान भारतवर्ष में गूंजे हमारी भारती”

​रामधारी सिंह दिनकर जी की हिंदी भाषा के महत्व के बारे में कुछ यादगार पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:

​”हिंदी हमारी मातृभाषा, हिंदी भारत की अभिलाषा”

​नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता की आवश्यक शर्त बताते हुए हुंकार भरी:

​“यदि हम लोगों ने तन मन धन से प्रयत्न किया तो वह दिन दूर नहीं है जब भारत स्वाधीन होगा और उसकी राष्ट्रभाषा होगी -हिंदी।”

​डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अनुसार:

​“हिंदी को ऊंची से ऊंची शिक्षा का माध्यम होना चाहिए”

तकनीक और डिजिटल माध्यमों में हिंदी का उदय

जैसा कि सर्वविदित है कि भारतीय संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकृति दी थी। 21वीं सदी के पहले दशक में ही गूगल न्यूज़, गूगल ट्रांसलेट तथा ऑनलाइन फोनेटिक टाइपिंग जैसे साधनों ने वेब की दुनिया में हिंदी के विकास में महत्त्वपूर्ण सहायता की। हिंदी की पकड़ इंटरनेट पर दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है जिससे निश्चय ही हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है…!

सामाजिक संचार माध्यम अर्थात सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और तकनीकी विकास, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफार्मों पर हिंदी सामग्री का बढ़ता प्रचार-प्रसार इसे एक महत्वपूर्ण भाषा बनाता है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, और ऑनलाइन समाचारों में हिंदी की उपस्थिति में लगातार वृद्धि हो रही है। हिंदी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व न केवल इसकी व्यापकता में है, बल्कि इसके माध्यम से सांस्कृतिक, आर्थिक, और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने में भी है। यह भारतीय पहचान और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर फैलाने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे हिंदी एक प्रभावी और जीवंत भाषा बनती जा रही है।

सोशल मीडिया: एक लोकतांत्रिक मंच

​इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी सोशल मीडिया ने हिंदी भाषा व साहित्य के विकास में जिस क्रांतिकारी भूमिका का निर्वहन पिछले लगभग एक दशक में किया है उसने सबको विशेषतः परंपरागत प्रिंट मीडिया के पक्षधरों को अचंभित कर दिया है। जहां आज सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके नवोदित लेखक हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में प्रवेश कर रहे हैं वहीं स्थापित हिंदी साहित्यकार भी सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर अधिक से अधिक पाठकों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं।

​सोशल मीडिया के आगमन का सबसे सकारात्मक प्रभाव यह रहा है कि अब समाचार पत्र व पत्र पत्रिकाओं के संपादकों की कृपा दृष्टि की आवश्यकता नहीं और न ही उनकी लेखन दृष्टि का अनुसरण कर लिखने की | पारंपरिक मीडिया में अक्सर ऐसा होता था कि अगर किसी पत्रिका का संपादक एक विशेष धर्म-जाति, राजनीतिक दल, विचारधारा, लेखन-शैली या साहित्य-विधा के प्रति अधिक मोह रखता था तो वह पत्रिका में उन्हीं लेखकों की रचनाओं को शामिल करता था जो उसकी विचारधारा के अनुकूल होते थे परंतु सोशल मीडिया ने संपादकों की इस तानाशाही प्रवृत्ति को नकारा है।

 

तकनीकी समाधान और हिंदी की चमक

​फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया के लोकप्रिय प्लेटफार्म हों या फिर ब्लाग, वेबसाइट अथवा वेब पोर्टल, इंटरनेट के हर कोने में हिंदी चमक रही है। स्मार्टफोन के आने से लोगों की जीवन शैली में बहुत बदलाव आया, ढेरों ऐसे कीबोर्ड ऐप आ चुके हैं जो देवनागरी हिंदी लेखन को बढ़ावा देने में सहायक हैं। हिंदी लंबे समय तक फॉंट की समस्या से जूझती रही, लेकिन बढ़ती ज़रूरत के बीच हिंदी गूगल इनपुट, यूनीकोड और मंगल जैसे फॉंट के विकास ने हिंदी को नया जीवन प्रदान किया। आज के समय में इंटरनेट पर हिंदी साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

आरंभिक दौर में प्रिंट मीडिया ने इस भूमिका का बखूबी निर्वहन किया। आज भी किसी भाषा को समुन्नत करने में मीडिया की भूमिका सर्वोपरि है परंतु आज प्रिंट मीडिया को कहीं पीछे छोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इस दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने अन्य भाषाओं की भांति हिंदी के प्रचार-प्रसार व समुन्नयन में महती भूमिका निभाई है। यह ऐतिहासिक सत्य है कि जब भी कोई भाषा पुराने तटबंधो को तोड़कर नये क्षेत्र में प्रवेश करती है तो शुद्धतावादी तत्व उससे चिंतित हो जाते हैं।

 

 

हिंदी: स्वीकार्यता का राजमार्ग

​सच तो यह है कि हिंदी इस समय स्वीकार्यता के राजमार्ग पर सरपट दौड़ रही है और हिंदी अश्वमेध के घोड़ों को रोक पाना किसी के बस में नहीं है। सोशल मीडिया इस दौड़ को और गतिशील बना रहा है। आज का सच यह है कि जिस तरह हिंदी को अपने प्रसार के लिए मीडिया की ज़रूरत है उसी तरह मीडिया को अपने विस्तार के लिए हिंदी की आवश्यकता हैं।

एक कटु सत्य और चिंतन की आवश्यकता

​लेकिन क्षुब्द मन से कहना पड़ रहा है कि हम हिंदी दिवस तो हर वर्ष मना रहे हैं लेकिन हमारे सभी प्रशासनिक, सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों में लगभग सभी कार्य अंग्रेजी भाषा में किये जा रहे हैं जो कि भारतीय संस्कृति की आत्मा पर कुठाराघात है। अतः राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन का विषय है।

हिंदी दिवस की पुनीत बेला पर मैं भारतेंदु हरिश्चंद्र की शाश्वत पंक्तियां उद्धृत करना चाहूंगा :-

​निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।

उपसंहार: वैश्विक क्षितिज पर हिंदी

​हिंदी की संवैधानिक स्थिति भारतीय संघ की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संविधान में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है, और इसके विकास और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, भाषायी विविधता के कारण कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जिन्हें संतुलित नीति और जनजागरूकता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।

​आज वैश्वीकरण के दौर में हिंदी का महत्व और भी बढ़ गया है। हिंदी विश्व स्तर पर एक प्रभावशाली भाषा बनकर उभरी है। आज विदेशों में अनेक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। ज्ञान-विज्ञान की पुस्तकें बड़े पैमाने पर हिंदी में लिखी जा रही हैं। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है। निश्चय ही हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें कि हम हिंदी को केवल दिवसों तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन, तकनीक और कार्यक्षेत्र की मुख्य भाषा बनाएंगे।

 

 

लेखक :-

​मनोज वशिष्ठ
शिक्षाविद
राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी

Latest News Hansi first DC Rahul Narwal joining

 

Latest News Hansi: हांसी जिले के पहले डीसी के तौर पर राहुल नरवाल ने गुरुवार की सुबह ज्वाइन कर लिया है। जिला उपायुक्त डॉ राहुल नरवाल का हांसी पहुंचने पर ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। ‌

हांसी जिला उपायुक्त के तौर पर सरकार ने करीब एक सप्ताह पहले डॉ राहुल नरवाल हांसी का डीसी लगा दिया था। लेकिन उन्होंने अभी तक जॉइनिंग नहीं की थी। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सोमवार को जिला उपायुक्त जॉइनिंग करेंगे, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने जॉइनिंग नहीं की। ‌गुरुवार की सुबह मैसेज आया कि जिला उपायुक्त आज जॉइनिंग करेंगे। ‌जैसे ही यह मैसेज पब्लिक में वायरल हुआ तो लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

हांसी के अपने पहले जिला उपायुक्त का स्वागत करने के लिए हांसी नारनौंद के लोग उमड़ पड़े। Hansi DC राहुल नरवाल का ढोल नगाड़ों के साथ हांसी में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। पुलिस जवानों ने उन्हें सलामी दी। वहीं स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान हांसी के विधायक विनोद भयाना, हांसी पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम राजेश खोथ सहित अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 दिसंबर की रैली में हंसी को जिला बनाने की घोषणा की थी। करीब एक सप्ताह बाद ही इसका नोटिफिकेशन जारी हो गया था। ‌ करीब 15 दिन पहले हरियाणा का 23 वां जिला हांसी बन गया था। उसके बाद से ही हांसी में जश्न का माहौल बना हुआ है और जगह-जगह विधायक विनोद भयाना सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ताओं का जोरदार स्वागत किया जा रहा है।