MLA gautam jat samaj Narnaund mahapanchayat
Narnaund Mahapanchayat : हरियाणा के जींद जिले की सफीदों विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम द्वारा दिए गए विवादित बयान से जाट समाज के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसको लेकर उनके गृह क्षेत्र के दादा देवराज पार्क स्थित हाल में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में खापों के मोज लोगों सहित अन्य वर्गों के भी बुद्धिजीवी लोगों ने हिस्सा लिया और अपने विचार प्रकट किया।
सफीदों विधायक रामकुमार गौतम के खिलाफ यह पंचायत एडवोकेट जगत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें मंच संचालन विश्व जाट महासभा के प्रदेश महासचिव उपेंद्र डाटा ने किया। इस पंचायत में आसपास सहित दूर दराज के क्षेत्र से आए प्रबुद्ध व्यक्तियों ने समाज हित में अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश है ताकि जाट और ब्राह्मण समाज आपस में भिड़ जाए और राजनेताओं को इसका फायदा हो सके। ( Jat Samaj panchayat Narnaund )

पंचायत में आए सुभाष फौजी बालसमंद ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम दो बार पहले नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रह चुके हैं और वो ना ही तो अकेले ब्राह्मण समाज के विधायक चुने गए थे बल्कि 36 बिरादरी के लोगों के मतदान से वह विधायक बने थे। क्योंकि कोई भी नेता अपनी बिरादरी के बलबूते वार्ड से पांच भी नहीं बन पाता।
ब्राह्मण समाज में पैदा होने की वजह से हर छोटा बड़ा व्यक्ति उन्हें दादा के नाम से पुकारता है लेकिन उन्हें अपनी मर्यादा में रहकर ऐसे बयान और भाषणों से बचना चाहिए जो समाज में दरार पैदा करने का काम करते हैं। उनकी गलत बयान बाजी की वजह से ही आज कुछ लोग उन्हें भला बुरा कह रहे हैं जबकि वही लोग उन्हें आज तक दादा गौतम के नाम से पुकारते रहे हैं।
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सुभाष फौजी ने कहा कि अगर सफीदों विधायक रामकुमार गौतम ने जिस तरीके से सार्वजनिक मंच से विवादित भाषा का प्रयोग करके जाट कॉम पर निशाना साधा था अगर वह इस तरह सार्वजनिक मंच से माफी मांगे और भविष्य में किसी भी बिरादरी के खिलाफ ऐसी बयान बाजी ना करने की शपथ लें तो उन्हें माफ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत बयानबाजी सफीदों विधायक रामकुमार गौतम और मुआना के सरपंच ने की है इसको पूरे ब्राह्मण समाज से जोड़कर नहीं देख सकते और ना ही उनका अपमान कर सकते हैं। क्योंकि गलती कुछ लोगों ने की है उससे पूरा समाज दौषी नहीं हो जाता। समाज 36 बिरादरी के ताने बाने से बना है। किसी का भी एक दूसरे के बगैर काम चलना संभव है।
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किसान नेता दिलबाग हुड्डा ने कहा कि तुम समय समय पर एम रियादित भाषा का प्रयोग करके समाज के कई वर्गों को अपने निशाने पर ले चुके हैं। इसी समाज ने उन्हें चौधर करने का मौका दिया लेकिन वह अपनी चौधरी का गलत प्रयोग करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। उन्हें नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनने से कोई आपत्ति नहीं है। वह खुश है कि एक किसान का बेटा अब भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहा है। वह ऐसी गाड़ी पर बैठे हैं की चाहते हुए भी किसान के हक में हर फैसला नहीं ले सकते उनकी मजबूरी को किसान वर्ग अच्छे से समझता है।

उन्होंने कहा कि गांव देहात में रहने वाला हर 36 बिरादरी का व्यक्ति किसानी से जुड़ा हुआ है। चाहे वह जमीन का मालिक है या नहीं है यह बात की बात है लेकिन उसके घर का गुजारा खेती बाड़ी के धंधे से ही शुरू होता है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी पार्टी चाहती तो प्रोफेसर राम बिलास शर्मा को भी मुख्यमंत्री बना दे तो जाट समाज को कोई एतराज नहीं क्योंकि भाजपा पार्टी को हरियाणा प्रदेश में खड़ा करने वाले एकमात्र वही नेता हैं।
दिलबाग हुड्डा ने कहा कि जिस समय विधानसभा में कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने रामकुमार गौतम पर तंज कसा था उसे समय उन्हें बड़ा दुख हुआ था कि एक बुजुर्ग विधायक के प्रति उनके ही बिरादरी के मंत्री की ऐसी छोटी सोच है। लेकिन रामकुमार गौतम ने जिस तरीके से जाट कोम को निशाने पर लेकर बयान दिया है उसे उनकी मानसिकता जल की और उन्हें अपनी गलती पर एहसास हुआ कि शायद अरविंद शर्मा ठीक थे और रामकुमार गौतम के प्रति उनकी सोच ही गलत थी।
उन्होंने कहा कि गौतम की इस बयान बाजी के बाद दोनों तरफ से गलत बयानबाजी का दौर शुरू हो गया। जोकि गलत है। राजनेता अपनी राजनीतिक रोटी सीखने में कामयाब हो रहे हैं और हमारे भाईचारे में दरार पैदा हो रही है। हमें कोई भी ऐसी पोस्ट या रियल सोशल मीडिया पर नहीं डालनी चाहिए जिससे हमारा भाईचारा बिगड़े। हमें भाईचारे को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए ना की आपसी तालमेल को खराब करने से बचना चाहिए।
सतवीर सिंह पूनिया ने कहा कि रामकुमार गौतम की जुबान अब नहीं बिगड़ी बल्कि शुरू से ही वह ऐसी बयान बाजी करते आ रहे हैं। कभी अपने निशाने पर किसी काम को ले लिया तो कभी किसी नेता को ले लिया। लेकिन उनसे अछूत कोई नहीं है। यह उन्होंने कहा कि 80 साल की उम्र होने पर उनकी जबान लड़खड़ा गई लेकिन उनकी जुबान तो जवानी पहले से ही लड़खड़ाती आई है। वह ऐसी बयान बाजी केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रहे हैं। जनता के हाथ में उनका विधायक बनाना था ना कि मंत्री बनाना। जनता ने विधायक बना दिया अब मंत्री बनाना या ना बनाना उनकी पार्टी का अंदरूनी फैसला है इसलिए वह जनता के सिर ठिकरा फोड़ना बंद कर दे।
किसान नेता का पंचायत में उत्तेजित बयान : वीडियो देखने के लिए– क्लिक करें
वक्ताओं के विचारों से एक बात तो साबित हुई की यह लड़ाई जाट ब्राह्मण समुदाय की नहीं बल्कि विधायक रामकुमार गौतम और मुआना के सरपंच के द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ है। इसके बाद प्रदेश में दोनों जातियों के लोग एक दूसरे के खिलाफ कार्ताक्ष करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। खाप प्रतिनिधियों ने लोगों से गुजारिश की है कि वह कोई भी ऐसी पोस्ट ना करें जिससे दोनों समुदाय के भाईचारे में दरार पैदा हो। जाट ब्राह्मण दोनों उसे गाड़ी के दो पहिए हैं जिनके बगैर गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकती। लेकिन इन समाज में भाईचारे को मजबूत रखने के लिए लोगों को राजनीतिकों के बहकावे में आने से बचना होगा।
सभी वक्ता बार बार पानीपत जिले के गांव नौल्था के सरपंच नीरज शर्मा के बयान का हवाला देकर बोल रहे थे कि युवा उम्र में भी उनकी कितनी अच्छी सोच है और वो जात-पात से ऊपर उठकर बात कर रहे हैं। पहले के जमाने में छूआ छूत थी लेकिन अंदर जात-पात का जहर नहीं था। लेकिन आज छुआ छूत कम हो गई है, परंतु एक दूसरी जाति के प्रति अंदर जो जहर पाले हुए हैं वह सबसे खतरनाक है।
वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार जात-पात को खत्म करने पर जोर दे रही है दूसरी तरफ सरकार में बैठे उनके ही नेता समाज को जात-पात में बांट कर अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने में लगे हुए हैं। किसान नेता शीलू लोहान ने कहा कि सफीदों से विधायक रामकुमार गौतम कभी भी अपने क्षेत्र में विकास, युवाओं को रोजगार, हॉस्पिटल में सुविधाओओं और स्कूलों में बच्चों को सही ढंग से शिक्षा के मुद्दे पर बात नहीं करते बल्कि वह एक दूसरे पर कटाक्ष करके लोगों का ध्यान क्षेत्र के विकास से भटका रहे हैं।
लोगों को समझना होगा कि कौन लोग अपने निजी फायदे के लिए इस तरह के भाषण बाजी कर रहा है और कौन लोग उनके हितों के लिए लड़ाई लड़ रहा है। बूरा आदमी किसी भी समाज में हो सकता है वह केवल जाट या ब्राह्मण समुदाय की बात नहीं है।
इस पंचायत में सभी वक्ताओं के विचार सुनने के बाद निर्णय लिया गया कि सफीदों विधायक का गृह क्षेत्र सतरोल खाप में आता है। लेकिन ससुराल का के का चयन न होने की वजह से वह कोई भी निर्णय नहीं ले सकते। इसलिए इस मुद्दे पर पहले सतरोल खाप को निर्णय लेना होगा। उसके बाद ही आगामी रणनीति तय की जाएगी।
विश्व जाट महासभा के प्रदेश महासचिव उपेंद्र डाटा ने कहा कि लोगों को अपने विचारों और अमर्यादित भाषा पर नियंत्रण करना होगा। जो लोग प्रदेश में जात-पात का जहर घोलकर प्रदेश में भाईचारे को खराब करना चाह रहे हैं उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। सफीदों विधायक रामकुमार गौतम के बयान से पूरे प्रदेश के जाटों में ही नहीं बल्कि अन्य बिरादरी के लोगों में भी गुस्सा झलक रहा है। अगर वह सार्वजनिक मंच से माफी मांगते हैं तो जाट समाज उन्हें इस बार माफ करने पर विचार कर सकता है। लेकिन उन्हें अपने समर्थकों से भी मर्यादा में रहकर बयान बाजी करने की हिदायत देनी होगी।
अगर वह फिर भी नहीं मानते और हमने गलती को स्वीकार नहीं करते तो प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा आलाकमान से मिलकर ऐसे जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द करने और पार्टी से निकलने की मांग करेंगे। क्योंकि पहले राजकुमार सैनी भाजपा में रहते हुए एक जाति विशेष के खिलाफ बयान बाजी करता था और अब सफीदों विधायक और राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा गलत बयानबाजी करके सरकार में मंत्री पद हथियाना चाहते हैं। उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे चाहे वह किसी पार्टी में शामिल हों। क्योंकि पार्टी में पद उन्हीं लोगों को मिलता है जो पार्टी की विचार धारा से जुड़ा हुआ हो। यह दल बदलू नेता हैं और केवल अपने निजी फायदे के लिए ही बात करते हैं।
इस अवसर पर जगत सिंह एडवोकेट, उपेंद्र डाटा, सुभाष फौजी, दिलबाग हुड्डा, सतबीर पूनिया, एडवोकेट हर्षदीप सिंह गिल, शीलू लोहान, संदीप लोहान, सुनील सिंहमार, सतबीर लोहान, बलवान लोहान, कुलदीप पूनिया, शमशेर चहल इत्यादि ने महापंचायत में अपने विचार प्रकट किए।