Pugthala Sarpanch suspended for irregularities in land lease
सोनीपत में पुगथला की सरपंच निलंबित, पट्टे में गड़बड़ी पर 12.05 लाख की रिकवरी के आदेश
हरियाणा न्यूज टूडे | सोनीपत जिला उपायुक्त ने गन्नौर खंड के गांव पुगथला की सरपंच पूनम को शामलात जमीन के पट्टे में अनियमितताओं और पंचायत को 12 लाख से अधिक के वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्लॉट नंबर 4 और 12 से 16 की लीज राशि 25,53,498 रुपए निर्धारित थी। हालांकि, इन जमीनों को 18,33,100 रुपए में पट्टे पर दिए जाने का उल्लेख जांच रिपोर्ट में है। इस तरह पंचायत को 7,20,398 रुपए का नुकसान होने का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, शामलात जमीन की नीलामी से प्राप्त 32,93,700 रुपए करीब 7 महीने तक पंचायत फंड में जमा नहीं कराए गए। इस अवधि की राशि पर 21 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के आधार पर 4,85,243 रुपए के नुकसान का आकलन किया गया है।
प्राथमिक जांच में पंचायत को 12 लाख 5 हजार 641 रुपए के वित्तीय नुकसान का आकलन किया गया है। जांच रिपोर्ट में संबंधित राशि की वसूली की सिफारिश की गई है। मामले की नियमित जांच के लिए एसडीएम गन्नौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और लीज राशि में अंतर और ब्याज के नुकसान को मिलाकर कुल 12,5,641 रुपए की रिकवरी की सिफारिश की गई है।
आवेदन लंबित रखने के आरोप
बीडीपीओ की रिपोर्ट में सरपंच पर पट्टा रजिस्टर और फार्म नंबर-4 की रसीदें उपलब्ध नहीं कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा नीलामी की मंजूरी से पहले करीब 30 लाख रुपए की शामलात जमीन पर जुताई करवाने का आरोप है। इन आरोपों को लेकर सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 26 अगस्त को व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान भी उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
सरपंच ने आरोपों से किया इन्कार
वहीं, सरपंच पूनम ने निलंबन की जानकारी होने से इनकार करते हुए किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता से भी इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ चल रही जांच राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।लीज राशि में अंतर और ब्याज के नुकसान को मिलाकर कुल 12,5,641 रुपए की रिकवरी की सिफारिश की गई है।












