Verification: eefe237ed2c24d7f

Jindal Stainless ने की सीजे डार्स्ल से सांझेदारी, JT Grade स्टेनलेस स्टील के प्रभावशाली और अग्नि प्रतिरोधी क्षमता में होगी बढ़ौतरी

0 minutes, 6 seconds Read

Jindal Stainless partners with CJ Darcl to develop lightweight and sustainable stainless steel containers

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

जिंदल स्टेनलेस ने हल्के वजन वाले और वहनीय स्टेनलेस स्टील कंटेनरों के निर्माण के लिए सी जे डार्स्ल के साथ साझेदारी की

 

Haryana News Today :

भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी जिंदल स्टेनलेस ने सतत विकास की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए हल्के वजन और अच्छी गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील कंटेनर बनाने के लिए भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक सेवा प्रदाता कंपनी सीजे डार्स्ल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (सीजे डार्स्ल) के साथ साझेदारी की है। बेहद मजबूत जे टी (बीआईएस 6991 विनिर्देशों के अनुसार एन7 के रूप में भी प्रसिद्ध) किस्म का उपयोग करके बनाए गए ये कंटेनर पॉलिमर, बैटरी और रबड़ समेत विभिन्न प्रकार के सामानों की ढुलाई के लिए तैयार किए गए हैं।

जिंदल स्टेनलेस ने प्रत्येक कंटेनर के लिए 2.2 मैट्रिक टन जे टी स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति की है। इसका इस्तेमाल साइडवॉल, वॉल’ और रूफ बनाने के लिए पारंपरिक कार्बन स्टील की जगह किया जाएगा। जे टी स्टेनलेस स्टील के इस्तेमाल से प्रत्येक कंटेनर का वजन लगभग 500 किलोग्राम कम हुआ है, जिससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ी है, ईंधन दक्षता में सुधार हुआ है और कामकाजी खर्च में कमी आई है। इसके अतिरिक्त, जे टी ग्रेड स्टेनलेस स्टील के प्रभावशाली और अग्नि प्रतिरोधी होने के कारण कंटेनरों की सुरक्षा व इस्तेमाल की अवधि बढ़ी है।

जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने इस बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के आधार माने जाने वाले लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में वहनीयता की सख्त जरूरत है। लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी के लिए स्टेनलेस स्टील सामग्री का इस्तेमाल पर्यावरण के अनुकूल भविष्य बनाने की दिशा में एक आशाजनक कदम है। जे टी किस्म के स्टेनलेस स्टील के इस्तेमाल से न केवल कंटेनरों का वजन कम होता है, ईंधन के इस्तेमाल में सुधार होता है, बल्कि न्यूनतम खर्च और दीर्घकालिक इस्तेमाल भी सुनिश्चित होता है। स्टेनलेस स्टील एक ऐसी सामग्री है, जिसमें सबसे कम कार्बन उत्सर्जन होता है। एक निष्क्रिय धातु होने के कारण, स्टेनलेस स्टील ढुलाई की जा रही सामग्री के साथ अभिक्रिया (रिएक्ट) नहीं करती, जिससे संदूषण मुक्ति (जीरो कंटेमिनेशन) सुनिश्चित होती है। सीजे डार्स्ल के साथ यह साझेदारी अच्छी गुणवत्ता वाली, किफायती सामग्री बनाने के बड़े दृष्टिकोण का एक हिस्सा है, जिससे उद्योग और पर्यावरण दोनों को लाभ मिलेगा।

सड़क, रेल, वायु और समुद्री परिवहन में मजबूत और विविधतापूर्ण लॉजिस्टिक्स नेटवर्क वाली सीजे डार्स्ल इन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों को अपने विभिन्न कार्यों के लिए इस्तेमाल करेगी। इन कंटेनरों के इस्तेमाल से विभिन्न ग्राहकों के माल की ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और उनके खर्चों में दीर्घकालिक बचत होगी। विविधतापूर्ण लॉजिस्टिक्स के प्रति सीजे डार्स्ल की प्रतिबद्धता से माल ढुलाई को आसान बनाने, समय बचाने और समग्र उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली है, साथ ही इससे कंपनी ग्रीन लॉजिस्टिक्स के मामले में अग्रणी बनी है।

सीजे डार्स्ल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के चेयरमैन प्रदीप बंसल ने कहा कि यह समझौता स्टेनलेस स्टील की मजबूती, हल्के वजन और अच्छी गुणवत्ता के साथ-साथ दीर्घकालिक उपयोग का लाभ उठाकर लॉजिस्टिक्स उद्योग में आए एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। जैसे-जैसे ग्रीन लॉजिस्टिक्स की मांग बढ़ रही है, भारतीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र तेजी से कामकाज के स्थायी तौर-तरीकों को अपना रहा है, जो पर्यावरण अनुकूल भविष्य के लिए 2070 तक कार्बन उत्सर्जन से मुक्त होने के भारत के लक्ष्य के पूरी तरह अनुरूप है। इन समझौतों के माध्यम से, हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में वहनीयता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

30 सितंबर 2024 तक, सभी 50 कंटेनरों का निर्माण किया जा चुका है। जिंदल स्टेनलेस ने पहले बिजली से चलने वाले 500 से अधिक वाहनों का उत्पादन करने के लिए देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बस निर्माता कंपनी जेबीएम ऑटो के साथ साझेदारी की थी। हल्के वजन वाले बेहद मजबूत स्टेनलेस स्टील के उपयोग से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन प्रदर्शन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार होती है। पहले जेबीएम ऑटो और अब सीजे डार्स्ल के साथ साझेदारी करके, जिंदल स्टेनलेस रेलवे, बुनियादी ढांचे आदि समेत परिवहन क्षेत्र में अच्छी गुणवत्ता वाली आधुनिक सामग्री प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

📢 हरियाणा की हर ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले पाने के लिए हमारा WhatsApp Channel अभी जॉइन करें।

📲 WhatsApp Channel Join करें

Related Posts

Contact us: info@haryana-news.in

© 2025 Haryana News. All Rights Reserved.

About Us | Privacy Policy | Contact Us | Disclaimer