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प्रिंसिपल के हत्यारे चार छात्र गिरफ्तार: पुलिस ने किया खुलासा
| Principal Murder Case Update

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Hisar Bass school principal murder case update

हिसार जिले के गांव बास में निजी स्कूल संचालक एवं प्रिंसिपल जगबीर पानू ( principal Jagbir Pannu murder ) की हत्या करने वाले चार छात्रों को पुलिस ने मुंढाल बस स्टैंड से काबू कर लिया है। प्रिंसिपल की हत्या के पीछे दो नहीं बल्कि चार छात्रों का हाथ है। हांसी सीआईए पुलिस और बास थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इस मामले में कार्रवाई करते हुए मात्र 24 घंटे में ही प्रिंसिपल हत्याकांड के चारों आरोपित छात्रों को काबू कर लिया है।

हांसी पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने बताया कि प्रिंसिपल जगबीर पानू की हत्या करने के मामले में पुलिस ने घटना के बाद ही स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे के मदद से आरोपित छात्रों की पहचान कर ली थी। प्रिंसिपल की हत्या करने के बाद चारों छात्र अलग-अलग ठिकानों पर भाग गए थे। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि करतार मेमोरियल स्कूल की ड्रेस में चार छात्र मुंढाल बस स्टैंड के पास घूम रहे हैं।

पुलिस ने तुरंत मुंढाल बस स्टैंड पर दबिश देकर चारों नाबालिग लड़कों को काबू कर लिया। चारों नाबालिग हैं इसलिए उनकी पहचान पूजा घर नहीं की जा सकती। लेकिन यह सभी करतार मेमोरियल स्कूल में पढ़ने वाले ही छात्र हैं और आपस में गहरे दोस्त हैं। एसपी ने बताया कि स्कूल में लगे सीसीटी कैमरे में भी तीन से चार छात्र भागते हुए नजर आ रहे थे साथ ही स्कूल के अध्यक्षों और अन्य छात्रों से पूछताछ में भी इन चारों की दोस्ती का खुलासा हो गया था।

पुलिस पूछताछ में चारों आरोपित छात्रों ने बताया कि उन्हें बड़े बाल रखने का शौक है। स्कूल प्रिंसिपल जगबीर पानू बार-बार इन्हें छोटे बाल रखने के लिए टोकते थे और साथ ही नशा इत्यादि बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करते थे। प्रिंसिपल की यह बातें उन्हें बुरी लगी। प्रिंसिपल के द्वारा बार-बार इन्हें छोटे बाल रखना नशा न करने और स्कूल में प्रतिबंधित कोई भी वस्तु लाने को लेकर कहे जाने से यह चारों से रंजिश रखने लगे। क्योंकि इन छात्रों में वह तमाम बुराइयां हैं जिनके बारे में प्रिंसिपल अक्सर इन्हें रोका करते थे जिसकी वजह से इन्होंने मिलकर प्रिंसिपल की हत्या करने की योजना बना ली।

सिलसिलेवार तरीके से पढ़ें प्रिंसिपल मर्डर की पूरी डिटेल

छात्रों ने प्रिंसिपल पर एक ही बार ऐसा किया कि एक ही बार में प्रिंसिपल के पेट में चाकू जा घुसा और उसका लीवर फट गया। यह खुलासा प्रिंसिपल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है और मृतक प्रिंसिपल के शरीर पर चाकू का एक ही निशान पाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक चाकू लगने से जब प्रिंसिपल का लिवर फट गया तो उनके शरीर का अधिकतर खून बह गया जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।

हत्या करने वाले 4 अपचारी बालको को लिया पुलिस अभिरक्षा में, मात्र 24 घंटे में किया हत्या का खुलासा

सीआई स्टाफ हांसी व थाना बास पुलिस की संयूक्त टीम ने प्रिंसिपल जगबीर की हत्या करने वाले 4 अपचारी बालको को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 10.07.2025 को सूबह करीब 10:30 बजे प्रिंसिपल जगबीर अपने स्कूल करतार मैमोरियल में था तभी उसी स्कूल में पढ़ने वाले बाल अपचारियों ने जगबीर पर चाकु से वार कर दिए। जिससे जगबीर घायल होकर जमीन पर गिर गया। जिसको स्कूल स्टाफ द्वारा हिसार के जिन्दल हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां पर उसको मृत घोषित किया।


सीआई स्टाफ इन्चार्ज सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार व थाना बास प्रभारी इंस्पेक्टर मन्दीप चहल ने बताया कि बाल अपचारियों ने प्रारम्भिक पुछताछ में बताया कि प्रिंसिपल हमें स्कूल में अनुसाशन बनाने, बाल कटवाने व नशा न करने के लिए टोकता था। इसी वजह को लेकर हमने प्रिंसिपल की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और मौके से भाग गए। सीआई स्टाफ हांसी व थाना बास पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

  हत्या के बाद छात्रों के बैग में संदिग्ध पदार्थ मिला था। इसके अलावा उनके बैग से ही एक मोबाइल फोन भी मिला है जो इस हत्याकांड से पर्दा उठाने में पुलिस की काफी मदद करने वाला है। प्रिंसिपल जगबीर पानू की मौत चाकू लगने से उनका लिवर फट गया , जिसकी वजह से ज्यादा खून बह गया और उसकी मौत हो गई। 

 

Principal Jagbir Pannu murder – छात्रों के गैंग से जुड़े होने का शक

आरोपित छात्रों ने प्रिंसिपल की हत्या करने के बाद इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो भी अपलोड किया है और उसमें उन्होंने principal Jagbir pannu Murder की वारदात को कबूल करने के साथ-साथ उनके बेटे की हत्या करने और 10 लाख रुपए की डिमांड भी रखी है। इससे शक गहरा रहा है कि दोनों आरोपित नाबालिक छात्र किसी गैंग से जुड़े हो सकते हैं और पुलिस उनको पकड़ने के लिए रात भर उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी करती रही।

 

हांसी पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने किया बास स्कूल का निरीक्षण

छात्रों के बैग में मिला संदिग्ध पदार्थ, गैंग से जुड़े होने का शक, छात्रों का मोबाइल फोन खोलेगा मर्डर का राज | principal murder case update
करतार मेमोरियल स्कूल में हुए हैं प्रिंसिपल मर्डर के बाद एसपी अमित यशवर्धन पुलिस कर्मियो को दिशा निर्देश देते हुए

प्रिंसिपल की हत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा हांसीं के पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने भी करतार मेमोरियल स्कूल का निरीक्षण कर घटना स्थल की बारीकी से जांच की। उन्होंने इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए बास थाना पुलिस के साथ-साथ सीआईए पुलिस हांसी और अन्य पुलिस की टीमों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने स्कूल परिसर में मौजूद स्कूल के अध्यापकों से भी इस घटना से संबंधित सवाल जवाब किया और घटना के बारिकी से जांच कर हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने के आदेश दिए। हांसी के पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने भी स्कूल परिसर का घटनास्थल का जायजा लेकर आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीम में छापेमारी कर रही हैं।

 

प्रिंसिपल के हत्यारे छात्रों ने इंस्टाग्राम पर डाली वीडियो

छात्रों के बैग में मिला संदिग्ध पदार्थ, गैंग से जुड़े होने का शक, छात्रों का मोबाइल फोन खोलेगा मर्डर का राज | principal murder case update
Hansi Police SP Amit Yashvardhan

पुलिस अधीक्षक को आशंका है कि प्रिंसिपल की हत्या करने वाले दोनों छात्र नाबालिक होने के साथ-साथ किसी अपराधिक गैंग से जुड़े हो सकते हैं क्योंकि उन्होंने प्रिंसिपल की हत्या करने के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी अपलोड की है। जिसमें दोनों छात्र प्रिंसिपल की हत्या करने की वारदात को कबूल कर रहे हैं और साथ ही प्रिंसिपल के बेटे को करने के साथ-साथ 10 लाख रुपए की फिरौती मांग रहे हैं।

 

स्कूल बैग क्लास रूम में छोड़ भागे छात्र

प्रिंसिपल की हत्या करने के बाद दोनों छात्र अपने बैग स्कूल में ही छोड़कर चाकू लहराते हुए अपने बैग स्कूल में ही छोड़कर स्कूल परिसर से भाग गए थे। पुलिस आरोपित दोनों छात्रों के परिजनों से पूछताछ करने में लगी हुई है कि उनके बेटे स्कूल से जाने के बाद किन-किन से मिलते थे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। वही दोनों छात्रों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम में लगातार वारदात के बाद से ही उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। स्कूल से जब सब छात्रों की छुट्टी कर दी गई तो स्कूल में दो बैग मिले जो दोनों बैग आरोपित छात्रों के थे। 

 

पुलिस तलाशी में छात्रों के बैग में मिली एनर्जी ड्रिंक और मोबाइल फोन

अध्यापकों ने इस बारे में जब पुलिस को बताया तो पुलिस ने दोनों के बैग की तलाशी ली‌। तलाशी के दौरान एक बैग से एनर्जी ड्रिंक बरामद हुई इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी मिला है। पुलिस मोबाइल फोन में दर्ज मोबाइल नंबर और उसके अंदर डाटा की जांच करने के लिए भेज दिया है। हो सकता है कि प्रिंसिपल की हत्या का राज इस मोबाइल में छिपा हो। आखिरकार सवाल उठता है कि 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दोनों छात्रों ने अपने ही प्रिंसिपल की गुरु पूर्णिमा के दिन हत्या करके ऐसे गुरु दक्षिणा दी की इसको सदियों सदियों तक याद रखा जाएगा। जब भी गुरु शिष्य की बात होगी तो सब के दिमाग में गांव बास में हुए प्रिंसिपल की घटना जरूर याद आएगी।

 

हत्यारे छात्रों की हर गतिविधि जानने के लिए पुलिस कर रही टीचर्स से पूछताछ

पुलिस की टीम में स्कूल में पढ़ने वाले आज आपको के साथ-साथ स्कूल में पढ़ने वाले आरोपित छात्रों के संपर्क में अक्सर देखे जाने वाले छात्रों से भी पूछताछ करने में लगी हुई है ताकि स्कूल की हर दिनचर्या पुलिस समझ सके। पुलिस दोनों छात्रों के हर दिन की कार्य प्रणाली और स्कूल में उनके टीचर्स के साथ साथ सहपाठियों से व्यवहार के सवाल भी इस हत्याकांड की कड़ी को जोड़ने में काफी मददगार साबित होंगे। कुछ लोगों का मानना है कि छात्र एनर्जी ड्रिंक, मोबाइल फोन के साथ-साथ चाकू लेकर स्कूल में आ गए और अध्यापकों को इसकी भनक भी नहीं लगी। अगर समय रहते सभी छात्रों के बैग चेक कर लिए जाते तो शायद शायद प्रिंसिपल जगबीर पानू के साथ इतनी बड़ी वारदात नहीं घटती जिसकी कीमत उन्होंने अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

 

हत्यारे छात्रों को डर था कि कहीं टीचर्स उन्हें पकड़ ना लें

बताया जा रहा है कि स्कूल में परीक्षा चल रही थी और स्कूल के प्रिंसिपल एवं संचालक जगबीर पानू भी क्लास रूम में जाकर परीक्षा दे रहे छात्रों का निरीक्षण कर रहे थे कि इसी दौरान दोनों छात्रों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों आरोपित छात्रों को डर था कि कहीं स्कूल में मौजूद अन्य छात्र व अध्यापक उन्हें पकड़ ना ले इसलिए दोनों हत्यारे छात्र अपने हाथों में चाकू लहराते हुए स्कूल परिसर से भाग गए और गाड़ी के पास पहुंचकर उन्होंने चाकू भी फेंक दिया। अब सवाल उठता है कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों छात्र कहां गए और उन्हें स्कूल के बाहर से कौन लेकर गया है। अब दोनों छात्रों को किसी रिश्तेदार या किसी गैंग ने बना दी हुई है पुलिस इस मामले की भी गहनता से जांच करने में लगी हुई है।

 

शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने वाले टीचर भी डर के साए में

इस बारे में जब कुछ निजी स्कूल संचालकों से बातचीत की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्कूल में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है। अध्यापक भी छात्रों को अपने बच्चे समझ कर अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा का अनुसरण करने की प्रेरणा देते हैं। लेकिन करतार मेमोरियल स्कूल के प्रिंसिपल जगबीर पानू को छात्रों को अच्छे संस्कार और अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ना अपनी जान पर भारी पड़ गया। उनके द्वारा दिए जा रहे इन्हें संस्कारों की वजह से उनके ही दो शिष्य उनकी जान के दुश्मन बन बैठे और जान ले ली। अब उन्हें भी डर लगने लगा है कि कहीं उनके द्वारा दिए गए अच्छे संस्कार और शिक्षा किसी अनुशासनहीन छात्र के अंदर उनके प्रति हीन भावना तो नहीं पैदा कर रही और वह भी कहीं किसी बड़ी घटना को अंजाम न दे दे। क्योंकि जगबीर पानू आरोपित दोनों छात्रों को बार-बार अनुशासन में रहने के साथ-साथ संस्कार का पाठ पढ़ते रहते थे। प्रिंसिपल जगबीर पानू अपने स्कूल के हर छात्र को छोटे बाल रखने के साथ-साथ अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करने के लिए भी प्रेरित करते थे। शायद यह बातें प्रिंसिपल की आरोपित दोनों छात्रों को रास नहीं आई और उन्होंने अपने ही प्रिंसिपल की चाकू मार कर हत्या कर दी।

 

पूर्व विधायक सरोज मोर के परिवार की स्कूल बिल्डिंग दो साल पहले ली थी लीज पर

नारनौंद उपमंडल के गांव बास में नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रही सरोज मोर के परिवार का काफी सालों से गांव बास बादशाहपुर में करतार मेमोरियल स्कूल चल रहा है। पूर्व विधायक के परिवार ने इस स्कूल को करीब 2 साल पहले हिसार जिले के गांव पुट्ठी सैमाण निवासी जगबीर पानू को लीज पर दे दिया था। जगबीर पन्नू का परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और उनके पिता एक रिटायर्ड टीचर हैं। जगबीर पानू ने सन 2001 में गांव पुट्ठी में नव चेतना विद्या मंदिर के नाम से स्कूल की स्थापना की थी और करीब 2 साल पहले ही उन्होंने गांव बास में शिक्षा के अलख जगाने के लिए करतार मेमोरियल स्कूल को लीज पर लेकर इसका संचालन शुरू कर दिया था।

 

जगबीर पानू का परिवार जुड़ा है शिक्षा के क्षेत्र से

मृतक स्कूल प्रिंसिपल जगबीर पानू के पिता रिटायर्ड टीचर हैं और उन्होंने अपने तीनों बेटों को अच्छी शिक्षा दी हुई है। जिसका उदाहरण है कि उनके तीनों ही बेटे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। जगबीर पानू का बड़ा भाई दिल्ली में स्कूल टीचर है जबकि उनका छोटा भाई गांव पुत्र स्थित उनके नव चेतना विद्या मंदिर स्कूल को पिछले दो सालों से संभाल रहा है। करतार मेमोरियल स्कूल के संचालक जगबीर पानू का बड़ा बेटा संजीव एमबीबीएस की पढ़ाई और डॉक्टर बनना चाहता है जबकि छोटा बेटा समीर वकील बनने के लिए अल्लाह की पढ़ाई कर रहा है।

छात्रों के बैग में मिला संदिग्ध पदार्थ, गैंग से जुड़े होने का शक, छात्रों का मोबाइल फोन खोलेगा मर्डर का राज | principal murder case update
Kartar memorial school Bass

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