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Rakhigarhi Mahotsav latest update: Haryana Breaking News Today

Narnaund News Live : तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव ( Rakhigarhi Mahotsav ) में लोगों का उत्साह चरम पर है। महोत्सव स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक प्रस्तुतियों तथा खेल गतिविधियों का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। लोक नृत्य, संगीत, सांस्कृतिक झांकियां और खेल प्रतियोगिताएं दर्शकों को लगातार आकर्षित कर रही हैं, जिससे पूरे महोत्सव परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

 

राखीगढ़ी महोत्सव में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की प्रदर्शनी बनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र

राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान राखीगढ़ी स्थित संग्रहालय परिसर में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में राखीगढ़ी पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदर्शित किया गया है, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी तथा आम नागरिक पहुंच रहे हैं।

 

प्रदर्शनी में राखीगढ़ी के पुरातात्विक स्थलों से खुदाई के दौरान प्राप्त हड़प्पा कालीन वस्तुएं विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इनमें मृदभांड के चित्रांकित टुकड़े, जिन पर पीपल के पत्ते की सुंदर आकृतियां उकेरी गई हैं, मिट्टी की चूड़ियां, मिट्टी के खिलौने, मिट्टी की खिलौना बैलगाड़ी तथा विभिन्न प्रकार की प्राचीन सीलें शामिल हैं। इन ऐतिहासिक अवशेषों को देखकर दर्शकों में प्राचीन सभ्यता के प्रति गहरी रुचि और उत्सुकता देखने को मिल रही है।

 

प्रदर्शनी स्थल पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहकर आगंतुकों को राखीगढ़ी में हुई खुदाई तथा वहां से प्राप्त हड़प्पा कालीन वस्तुओं की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खुदाई में प्राप्त सीलें इस बात का प्रमाण हैं कि हड़प्पा काल में भारत के अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित थे। यह प्रदर्शनी न केवल इतिहास की जानकारी दे रही है, बल्कि प्राचीन भारत की समृद्ध सभ्यता और उन्नत जीवन शैली को भी उजागर कर रही है।

 

हड़प्पा कालीन सभ्यता की प्रदर्शनी को और अधिक रोचक बनाने के लिए स्थल पर एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिस पर हरियाणा प्रदेश के विभिन्न पुरातात्विक स्थलों की बारीकी से जानकारी, चित्रों और वीडियो के माध्यम से आमजन को उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे विशेषकर विद्यार्थियों को प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को समझने का एक अनूठा अवसर मिल रहा है।

राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान आयोजित यह प्रदर्शनी इतिहास प्रेमियों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों के लिए भी ज्ञानवर्धक साबित हो रही है और प्रदेश की प्राचीन धरोहर के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Rakhigarhi Mahotsav 2025 स्थल पर विभिन्न सरकारी विभागों तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक स्टॉल पर संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहकर लोगों की शंकाओं का समाधान कर रहे हैं और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझा रहे हैं।

 

प्रदर्शनी स्टॉलों में स्वास्थ्य विभाग की स्टालें विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल पांच स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से एक स्टॉल पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जबकि अन्य चार स्टॉलों पर आमजन की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। महोत्सव के पहले ही दिन 82 लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की स्टालों पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई।

 

स्वास्थ्य विभाग की स्टालों पर हीमोग्लोबिन, मधुमेह (शुगर), ब्लड प्रेशर के साथ-साथ तीन प्रकार के कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। स्टालों पर एसएमओ डॉ. यशपाल, डॉ. अमित सहित अन्य चिकित्सकों द्वारा लोगों को स्वास्थ्य परामर्श दिया जा रहा है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही जांच के उपरांत जरूरतमंद लोगों को निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

 

Rakhigarhi Mahotsav में पहुंचे लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में एक ही स्थान पर मनोरंजन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता आमजन के लिए बेहद लाभकारी है। राखीगढ़ी महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य कर रहा है, बल्कि जनहितकारी योजनाओं और स्वास्थ्य जागरूकता को भी मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।

Narnaund News live: Rakhigadhi Festival latest News

Narnaund News live: तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव के दूसरे दिन का कार्यक्रम ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का अनौखा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अल्का सरिन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का मलिक ने की।


कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.एन. भारद्वाज, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंगलेश चौबे, एसडीएम विकास यादव, बरवाला उपमंडल के एसडीएम वेद प्रकाश बेनीवाल सहित अनेक प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अल्का सरिन ने पुरातात्विक स्थलों दौरा किया, अपने हाथों से मिट्टी का बर्तन भी बनाया

मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन ने महोत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके द्वारा घरों में तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली और उनकी मेहनत व आत्मनिर्भरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

 

न्यायाधीश अलका सरीन ने कृत्रिम पुरातात्विक साइट पर प्रतीकात्मक उत्खनन गतिविधि में भी लिया भाग


इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए कृत्रिम पुरातात्विक साइट पर प्रतीकात्मक उत्खनन गतिविधि में भाग लिया और प्राचीन सभ्यता की वैज्ञानिक खोज प्रक्रिया को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से मिट्टी का बर्तन भी बनाया।


मुख्य मंच पर विभिन्न विद्यालयों की टीमों द्वारा प्रस्तुत की जा रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी न्यायाधीश अल्का सरिन ने ध्यानपूर्वक देखा। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और बच्चों के साथ फोटो खिंचवाए। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने मुख्य अतिथि के साथ सेल्फी भी ली।
महोत्सव के दौरान न्यायाधीश अल्का सरिन ने राखीगढ़ी स्थित हड़प्पा कालीन पुरातात्विक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने राखीगढ़ी के टीला नंबर एक व तीन का भी दौरा कर हड़प्पा सभ्यता के रहस्य जाने। उन्होंने उत्खनन के दौरान प्राप्त कच्ची ईंटों की इमारतों, पक्की ईंटों का कुआं तथा अन्य ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन किया।

 


इस अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधिकारियों ने मुख्य अतिथि को जानकारी देते हुए बताया कि राखीगढ़ी में उत्खनन के दौरान अब तक हड़प्पा काल से पूर्व, हड़प्पा काल तथा हड़प्पा काल के बाद की सभ्यताओं के महत्वपूर्ण प्रमाण प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यहां खेल स्टेडियम अथवा थिएटर जैसी संरचनाओं के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि उत्खनन का कार्य पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष सामने आ सकेगा।

 


इसके उपरांत मुख्य अतिथि ने राखीगढ़ी म्यूजियम में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्राचीन सभ्यता से जुड़ी दुर्लभ वस्तुओं में गहरी रुचि दिखाई।
फोटो कैप्शन:(1 )कृत्रिम पुरातात्विक साइट पर उत्खनन करती मुख्य अतिथि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अल्का सरिन।
(2) प्रदर्शनी स्थलों का अवलोकन करती मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन।
(3) सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन करती मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन।
(4) पुरातात्विक स्थल का दौरा करती मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन।
(5) पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी स्थल का अवलोकन करती मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन।
(6) राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान मिट्टी का बर्तन बनाती मुख्य अतिथि न्यायाधीश अल्का सरिन।

Hansi News Today: Narnaund illegal liquor recovered pickup

Hansi News Today : हरियाणा के हांसी जिले के नारनौंद उपमंडल में पुलिस चेकिंग के दौरान एक गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा बरामद हुआ है। पुलिस ने सूचना के आधार पर पिकअप गाड़ी की तलाशी ली तो उसके अंदर से अवैध शराब सप्लाई का पर्दाफाश हो पाया है। पुलिस ने अवैध शराब को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

 

पुलिस चौकी मिर्चपुर प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस चौकी को गश्त पड़ताल दौरान गुप्त सुचना मिली थी कि एक व्यक्ति गाड़ी में अवैध शराब लेकर गांव गैबीनगर की तरफ से गांव नाड़ा जाएगा अगर फौरी तौर पर नाकाबन्दी की जावे तो काबू आ सकता है। ( Narnaund News Today )

 

Narnaund police ki मिर्चपुर चौकी पुलिस ने तत्परता से कार्य करते हुए इंस्पेक्टर सुरेश के नेतृत्व में टीम का गठन कर नजदीक गांव नाड़ा के पास नाका बन्दी कर गुप्त सुचना अनुसार बताई गई गाड़ी को रुकवाकर चैक किया तो गाड़ी के अन्दर 176 पेटी (2112 बोतल) अवैध शराब अग्रेंजी बरामद हुई। व्यक्ति को शराब बारे पुछा तो कोई बिल व परमिट पेश नही कर सका।

 

अवैध शराब सप्लायर व्यक्ति को हिरासत में लेकर व्यक्ति के खिलाफ थाना नारनौंद में शराब अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गाड़ी व अवैध शराब को कब्जा पुलिस में लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश करके एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरपी से गहनता से पुछताछ की जावेगी।

 

पुलिस चौकी मिर्चपुर की कार्रवाईः-
पुलिस चौकी मिर्चपुर ने 176 पेटी (2112 बोतल) अवैध अग्रेंजी शराब सहित विकास उर्फ सोनू पुत्र सेवा सिहं निवासी कोथ खुर्द को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने कहा पुलिस का मुख्य उद्देश्य समाज में ऐसा सुरक्षित व शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित करना है जहाँ आमजन भयमुक्त रहकर अपने कार्य, परिवार व व्यवसाय में संलग्न रह सकें। उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन “हॉटस्पॉट डोमिनेशन” का लक्ष्य नशा तस्करी, अवैध शराब, जुआ तथा सभी असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों को जड़ से समाप्त करना है।

एसपी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है जब पुलिस और जनता मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशा व्यापार, अवैध शराब या जुआ संबंधी सूचना तुरंत तुरंत पुलिस कन्ट्रोल रुम हांसी 88130-89302 व मानस राष्ट्रीय हेल्प लाइन नम्बर 1933 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

Narnaund News Today : नारनौंद में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से हादसा; कार चालक की मौत 

Narnaund News Today: हांसी-जींद रोड़ पर एक कार अज्ञात परिस्थितियों में पेड़ से जा टकराई। कार के एयरबैग भी खुले लेकिन कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कार में पीछे से अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।

 

मृतक के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक जींद निवासी पवन कुमार जींद के रानी तालाब स्थित मित्तल मेडिकल हॉल पर दवाइयों की सप्लाई का काम करता था। हर रोज की तरह शुक्रवार को भी हुआ है ड्यूटी पर आया हुआ था और अपने दुकान मालिक की स्विफ्ट गाड़ी लेकर नारनौंद में दवाइयां की सप्लाई करने के लिए आया था। ( Narnaund accident news today)

 

हांसी-जींद रोड़ पर हादसा: नारनौंद के पास सड़क हादसे में कार चालक की मौत; Narnaund News Today
हांसी जींद रोड़ पर गांव राजथल के पास पेड़ से टकराई हुई कार।

नारनौंद में दवाइयां की सप्लाई करने के बाद पवन कुमार शुक्रवार की शाम को वापस जींद जा रहा था। जब वह राजथल गांव के पास पहुंचा तो अज्ञात वाहन ने उसकी गाड़ी में पीछे से टक्कर मार दी। ‌अज्ञात वाहन की अचानक टक्कर लगने से पवन अपनी गाड़ी से नियंत्रण को बैठा और उसकी गाड़ी बेकाबू होकर सड़क की दूसरी तरफ जाकर पेड़ से जा टकराई।

हांसी-जींद रोड़ पर हादसा: नारनौंद के पास सड़क हादसे में कार चालक की मौत; Narnaund News Today
हांसी जींद रोड़ पर गांव राजथल के पास पीछे से टक्कर लगने से क्षतिग्रस्त कार।

मृतक के बेटे जतिन ने आरोप लगाते हुए बताया कि पेड़ से टकराने के बाद गाड़ी के एयर बैग खुल गए। एयर बैग खुल जाने के बावजूद भी उसके पिता पवन कुमार के सिर और हाथों में चोट लग गई। किसी राहगीर ने उसके पिता के मोबाइल फोन से इसकी सूचना उनके रिश्तेदार मोहित को दी और मोहित ने इसकी सूचना उन्हें दी। जब वह अपने परिवार के साथ नारनौंद के नागरिक अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उसके पिता को मृत घोषित कर दिया था।

हांसी-जींद रोड़ पर हादसा: नारनौंद के पास सड़क हादसे में कार चालक की मौत; Narnaund News Today
नारनौंद सड़क हादसे में कार के एयरबैग खुले हुए।

जतिन ने बताया की शुरुआत में समझ रहे थे कि गाड़ी बेकाबू होकर पेड़ से टकराई है लेकिन जब घटनास्थल पर जाकर देखा तो पता चला कि गाड़ी पीछे से भी टूटी हुई है जिससे साफ पता चलता है कि गाड़ी को पहले पीछे से टक्कर मारी गई है। टक्कर जोरदार लगने से गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में उसके पिता की जान चली गई जो कि परिवार में केवल अकेले कमाने वाले थे।

नारनौंद थाना पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हादसे की जगह का भी निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त कार को पुलिस कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतक के बेटे जतिन की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया।

 

Haryana Breaking News Today : राखीगढ़ी को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्रीय बजट में 500 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Breaking News Today :  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां विश्वस्तरीय पुरातत्व संग्रहालय, शोध संस्थान, पर्यटक सुविधाएं तथा आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारत की प्राचीन सभ्यता से परिचित कराना और हरियाणा की समृद्ध संस्कृति का अनुभव कराना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को भारत की प्राचीनतम सभ्यता की धरोहर पावन भूमि राखीगढ़ी में आयोजित दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हड़प्पा ज्ञान केंद्र का भी उद्घाटन किया। महोत्सव में शिल्प मेला, विरासत दौड़, वर्कशॉप, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्रामीण खेलकूद, प्रश्नोत्तरी व रंगोली तथा फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं भी महोत्सव में शुरू हुई अलग अलग गतिविधियों का अवलोकन किया।

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की प्राचीनतम और गौरवशाली सभ्यता की साक्षी राखीगढ़ी को देश के एक प्रतिष्ठित वैश्विक पहचान वाले स्थल के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार भी राखीगढ़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को समझते हुए इसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी पंचायत द्वारा प्रस्तुत की गई सभी 13 मांगों को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। इसी प्रकार राखी शाहपुर पंचायत द्वारा रखी गई पांच मांगों को भी संबंधित विभागों को प्रेषित कर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राखीगढ़ी एवं राखी शाहपुर गांवों को 21-21 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा भी की।

 

उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। यह वही भूमि है, जहां हजारों वर्ष पूर्व विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक हड़प्पा सभ्यता का उत्कर्ष हुआ। यहां हुई खुदाइयों से प्राप्त अवशेष यह प्रमाणित करते हैं कि उस काल में राखीगढ़ी एक बड़ा औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र था, जहां सुव्यवस्थित नगर नियोजन, स्वच्छता व्यवस्था और जल प्रबंधन की अद्भुत व्यवस्था थी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंधु-सरस्वती सभ्यता का यह महान केंद्र आज पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि भारत की जड़ें कितनी गहरी, वैज्ञानिक और समृद्ध रही हैं। विश्व की सबसे बड़ी और विकसित प्राचीन नगर सभ्यता का महत्वपूर्ण केंद्र हरियाणा में स्थित होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और राखीगढ़ी जैसे पुरातात्विक स्थल भारत की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। यह नया भारत है, जो अपने अतीत से प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी की खुदाई से यह भी स्पष्ट होता है कि प्राचीन समाज में महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्राप्त थे। आज हरियाणा की बेटियां उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन और सेना में देश का नाम रोशन कर रही हैं। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी अनेक योजनाएं लागू कर रही है।

राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास जारी

उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार हरियाणा में लगभग 100 ऐसे स्थल हैं, जो ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व रखते हैं। इनमें रोहतक का फरमाणा, भिवानी का मिताथल, कैथल का बालू और फतेहाबाद का बनावाली प्रमुख हैं। राखीगढ़ी सहित इन सभी स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

 

 

 

राखीगढ़ी को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां 22 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त नूंह की पुरानी तहसील बिल्डिंग, लोहारू का किला और तावडू के मकबरा परिसर को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। पंचकूला के सेक्टर-5 में अत्याधुनिक पुरातात्विक संग्रहालय तथा अग्रोहा स्थल का भी विकास किया जा रहा है।

 

 राखीगढ़ी सभ्यता ने विश्व को आधुनिक नगर व्यवस्था का दिखाया मार्ग – डॉ. अरविंद शर्मा

हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज राखीगढ़ी में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें देश के कोने-कोने से कलाकार भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 7,000 वर्ष पुरानी राखीगढ़ी सभ्यता ने विश्व को आधुनिक नगर व्यवस्था का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गन्ने का सर्वाधिक 415 रुपये प्रति क्विंटल का भाव निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि आज वीर बाल दिवस के अवसर पर वीर साहिबजादों की शहादत को स्मरण करते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा मिल सके।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर – रणबीर गंगवा

इससे पहले हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणवीर गंगवा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी हांसी को जिला बनाए जाने की मांग को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश में विकास की गति निरंतर तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

हड़प्पा काल की भारतीय संस्कृति की विरासत का इतिहास इंटरनेशनल मैप पर आया: डॉ अमित अग्रवाल

विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का अभिनंदन किया और विभाग के विजन तथा राखीगढ़ी के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी केवल पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन और सतत सभ्यता का जीवंत साक्षी है। यह 6000 वर्ष से भी अधिक पुरानी उन्नत नगर योजना, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विरासत सम्पदाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। राखीगढ़ी महोत्सव के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से सरकार का उद्देश्य न केवल इस स्थान के पुरातत्व महत्व को उजागर करना है, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियो, प्रदर्शन, शैक्षणिक संवाद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम में विधायक रणधीर पनिहार, विरासत एवं पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ अमित खत्री, हड़प्पा ज्ञान केंद्र के निदेशक प्रोफेसर वसंत शिंदे, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व सांसद जनरल डीपी वत्स, सोनू सिहाग, प्रवीण पोपली, सुरेंद्र पूनिया, जवाहर सैनी, अशोक सैनी, भाजपा नेता बिजेंद्र लोहान, नारनौंद नगरपालिका चेयरमैन शमशेर लोहान उर्फ कुकन, कर्णपाल दुहन, महाबीर श्योराण, देवेंद्र बूरा, सोनू सैनी सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।

Cultural exhibition showcasing heritage attraction at Rakhigarhi Festival

Rakhigarhi Festival – हरियाणा सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से पुरातात्विक स्थल हिसार की राखीगढ़ी में 26 से 28 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव में लगाई गई प्रदर्शनिया वैसे तो सब एक से एक खास है लेकिन कुछ प्रदर्शनियां ऐसी भी हैं जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनीरही।

 

विरासत की प्रदर्शनी बनी राखीगढ़ी महोत्सव में आकर्षण का केन्द्र

इस प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारम्परिक विषय-वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैंकड़ों वर्ष पुरानी विषय-वस्तु पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। विरासत दि हेरिटेज विलेज के संयोजक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव में आने वाले पर्यटक हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शनी के माध्यम से साक्षात् रूप में दर्शन कर रहे हैं। विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बन गई है।

 

यहां पर विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र द्वारा डेढ़ सौ साल पुरानी ढेंकली, कपड़े रखने के लिए पिटार, चरखे, सौ साल पुरानी पालकी, न्यौल, बैलों की घंटियां, बीजणे, इंडी, रेज्जा, घाघरा, पुराने ताले, रई, डींगे, जूऐ, कूंए में प्रयोग किए जाने वाले कांटे एवं बिलोई, पुराने छापे, सौ साल पुराने बर्तन, हुक्के, पुराने बाट, ऊँट की कूची की प्रदर्शनी लगाई गई है। विरासत का उद्देश्य हरियाणा की लुप्त होती लोक सांस्कृतिक परम्परा से आधुनिक युवा पीढ़ी को जोडऩा है। तीन दिन तक चलने वाली राखीगढ़ी महोत्सव में विरासत प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी।

 

राखी गढ़ी हड़प्पा सभ्यता के फोटो 

Hansi News Today: CM Nayab Singh Saini visit Rakhigadhi Mahotsav                  

Hansi News Today : हरियाणा के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को हांसी जिले के राखीगढ़ी में पहुंचकर राखीगढ़ी महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया गया। Rakhigadhi Mahotsav 2025 में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का ढोल नगाड़ों के साथ बड़े ही गर्म जोशी से स्वागत किया गया। हड़प्पा सभ्यता के टीलों पास बनाए गए तालाब ( झील ) में पर्यटकों ने किश्ती का भी मजा लूटा।

 

राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान तालाब ( झील) में किश्ती का मजा लेते हुए पर्यटक।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ करने करीब साढ़े 11 बजे राखीगढ़ी ( Ancient Harappan festival in Rakhigarhi 2025 ) पहुंचे। मुख्यमंत्री के यहां पर पहुंचने पर स्कूली छात्रों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा ढ़ोल नगाड़ों से स्वागत किया गया। उन्होंने यहां पर बनाए गए हड़प्पा ज्ञान केंद्र ( hadappa knowledge Center )  का उद्घाटन किया। Haryana CM Nayab Singh Saini ने हड़प्पा कालीन सभ्यता के टीलों की अलग-अलग साइटों से खुदाई के दौरान निकले अवशेषों का बारीकी से अवलोकन किया।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा और पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, हांसी विधायक विनोद भयाना भी Indus valley civilization Rakhigadhi पहुंचे। यहां पर उन्होंने राखीगढ़ी महोत्सव में हड़प्पा सभ्यता के अवशेषों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी में बनाए गए हड़प्पा नॉलेज सेंटर का भी उद्घाटन किया। राखी गढ़ी म्यूजियम परिसर के हाल में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस सभ्यता को और भी विकसित करने पर आगमी रणनीति पर चर्चा की।

सरस्वती-सिंधु सभ्यता के महत्वपूर्ण स्थल राखीगढ़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा संचालित हड़प्पा ज्ञान केंद्र का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सुप्रसिद्ध पुरातत्व विद प्रोफेसर वसंत शिंदे, अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हड़प्पा ज्ञान केंद्र आमजन को समर्पित करते हुए कहा कि इस ज्ञान केंद्र का लक्ष्य सरस्वती सिंधु सभ्यता की विशालता व समृद्ध परंपरा की जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विश्व को पहिए का उपहार भी भारत की इस प्राचीन सभ्यता द्वारा प्रदान किया गया। यहां पर प्राप्त विभिन्न कलाकृतियां इस बात का सशक्त प्रमाण है कि हमारी प्राचीन सभ्यता में नमस्कार तथा योग हमारे दैनिक जीवन के अभिन्न अंग रहे हैं।

हड़प्पा ज्ञान केंद्र सरस्वती सिंधु सभ्यता का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है, जिससे हमारे प्राचीन जीवन ,प्रौद्योगिकी व सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा राखीगढ़ी भारत में सरस्वती सिंधु सभ्यता के सबसे बड़े स्थल के रूप में विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रतीकात्मक उत्खनन भी किया गया जिसमें मृदभांड व पुरानी मोहरे प्राप्त हुई।

अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने बताया कि अकादमी द्वारा हड़प्पा ज्ञान केंद्र का विधिवत संचालन किया जाएगा तथा शोधार्थियों के लिए अनुकूल परिवेश का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह, अकादमी निदेशक हरपाल सिंह, डॉक्टर नरेंद्र परमार, उपनिदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग हरियाणा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 

राखी गढ़ी महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र के स्कूलों सहित दूरदराज के स्कूलों से भी हजारों की संख्या में स्कूली छात्र हड़प्पा कालीन सभ्यता के राज जानने के लिए यहां पर पहुंचे। इस तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव में छात्रों को सीखने के लिए प्रबंध किया गया है। ताकि छात्र पुरातात्विक साइट की खुदाई से लेकर उनके अंदर से निकलने वाले अवशेषों का शुद्धिकरण, साफ सफाई और उनके संग्रह की बारीकी से जानकारी (Rakhigarhi Mahotsav archaeological experience ) हासिल करेंगे।

 

आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा निदेशक अमित खत्री ने किया दौरा हड़प्पा कालीन पुरातात्विक साइटों का दौरा


Narnaund News Today : Rakhigadhi Mahotsav के दौरान विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा विभाग के निदेशक अमित खत्री ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध राखीगढ़ी स्थित पुरातत्व विभाग की विभिन्न साइटों का दौरा किया। इस अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार, पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. बनानी भट्टाचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Rakhigadhi Mahotsav का शुभारंभ: CM ने किया हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन; पर्यटकों ने किश्ती में लिया झील का नजारा, Hansi News Today
राखीगढ़ी महोत्सव में पहुंचे लोगों का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।


दौरे के दौरान आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने राखीगढ़ी के टीला नंबर एक तथा टीला नंबर तीन का गहन अवलोकन किया। उन्होंने खुदाई के दौरान प्राप्त हड़प्पा कालीन कच्ची एवं पक्की ईंटों, कच्चे मकानों के अवशेषों तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरावशेषों को नजदीक से देखा और इनके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश की प्राचीन सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

 

Rakhigadhi Mahotsav का शुभारंभ: CM ने किया हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन; पर्यटकों ने किश्ती में लिया झील का नजारा, Hansi News Today
Rakhigadhi Mahotsav में मुख्यमंत्री हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन करते हुए


आयुक्त एवं सचिव ने टीला नंबर एक पर स्थित अस्थाई संग्रहालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने खुदाई में प्राप्त विभिन्न वस्तुओं का अवलोकन किया तथा इनके संरक्षण, प्रदर्शन और पर्यटकों के लिए बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।

 

Rakhigadhi Mahotsav का शुभारंभ: CM ने किया हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन; पर्यटकों ने किश्ती में लिया झील का नजारा, Hansi News Today
राखी गढ़ी के हड़प्पा कालीन सभ्यता के टीलों से खुदाई के दौरान निकले अवशेषों का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी।


इस अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार ने आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा निदेशक अमित खत्री को जानकारी देते हुए बताया कि टीला नंबर एक स्थित पुरातात्विक साइट पर सेड के निर्माण को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि खुदाई क्षेत्र को मौसम की मार से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि टीला नंबर तीन पर पहले से बनाए गए शेड का विस्तार किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे वहां मौजूद पुरावशेषों का संरक्षण और बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।

 

Rakhigadhi Mahotsav का शुभारंभ: CM ने किया हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन; पर्यटकों ने किश्ती में लिया झील का नजारा, Hansi News Today
राखीगढ़ी महोत्सव में मुख्यमंत्री हड़प्पा सभ्यता के बारे में जानकारी हासिल करते हुए।


आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाए तथा सभी विकास एवं संरक्षण कार्य आपसी समन्वय से समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पुरातात्विक महत्व को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।
फोटो कैप्शन: राखीगढ़ी गांव में हड़प्पा कालीन पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन निरीक्षण करते आयुक्त सचिव अमित अग्रवाल साथ है निदेशक अमित खत्री।

पुरातात्विक विद् एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर अप्पू सहाराण ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में आने वाले छात्रों को पुरातात्विक साइट पर अवशेषों को खोजने के लिए की मिट्टी की अलग-अलग परतों को हटाने के लिए खुदाई, खुदाई के दौरान निकलने वाले अवशेषों को सुरक्षित बाहर निकलना, उनको संग्रह करने सहित तमाम जानकारी प्रैक्टिकल रूप से सिखाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को यह पता चलेगा कि इतिहास को खोजने के लिए वैज्ञानिक किस प्रक्रिया से गुजरते हैं और इस दौरान किन-किन सावधानियां का ध्यान रखना जरूरी है। 

 

उन्होंने बताया कि ( Rakhigarhi Mahotsav heritage walk and performances ) मॉक खुदाई के लिए पंचायती भूमि पर 5 बाई 5 मीटर के डम्मी स्ट्रेचर तैयार किए गए हैं। जिम पुरानी सभ्यता से जुड़े अवशेष दबाए गए हैं। पहले स्ट्रेचर में मनके, चूड़ियां इत्यादि अवशेषों को मिट्टी के परत हटाकर खोजना उन्हें सुरक्षित बाहर निकलना और उनकी साफ सफाई तथा संगीत करने की तमाम जानकारी दी जाएगी। दूसरे मोक्ष स्ट्रेचर में प्राचीन कच्ची ईटों की दीवारें और प्राचीन कुएं को तलाशा जाएगा। जबकि तीसरे स्ट्रेचर में मानव कंकाल की डम्मी को खोजकर बाहर निकाला जाएगा।

 

Rakhigadhi Mahotsav का शुभारंभ: CM ने किया हड़प्पा नॉलेज सेंटर का उद्घाटन; पर्यटकों ने किश्ती में लिया झील का नजारा, Hansi News Today
राखीगढ़ी महोत्सव में चार्ट से हड़प्पा कालीन सभ्यता के बारे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जानकारी देते हुए पुरातत्व विशेषज्ञ।

राखी गढ़ी महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा और हड़प्पा संस्कृति सहित पुरानी सभ्यता की जिज्ञासा रखने वाले लोग अपने बच्चों और परिवार के साथ यहां पर आकर तीन दिन इस सभ्यता से जुड़े राज्यों को जानकर अपनी जिज्ञासा शांत कर पाएंगे। वैसे तो राखी गाड़ी में हर वर्ष हजारों पर्यटक घूमने फिरने के लिए और 8000 वर्ष पुरानी सभ्यता के रहस्य जानने के लिए आते रहते हैं लेकिन इस महोत्सव में उन्हें हर जानकारी बारीकी से गाइडों के द्वारा दी जाएगी।

Hisar News Today in Hindi, irrigation department SDO death

Hisar News Today : हिसार सिंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत एसडीओ सत्यवीर को हार्ड का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग सहित उनके चाहने वालों में शौक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव राजपुरा में शनिवार को किया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक हांसी जिले के नारनौंद उपमंडल के गांव राजपुरा निवासी सत्यवीर कोहाड़ हिसार सिंचाई विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था और बृहस्पतिवार को बीमारी की वजह से उनका निधन हो गया।

हिसार सिंचाई विभाग में कार्यरत एसडीओ सत्यवीर कोहाड़ का अंतिम संस्कार शनिवार 27 दिसंबर को सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव राजपुरा में किया जाएगा। सत्यवीर कोहाड़ सिंचाई विभाग में पिछले काफी सालों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी ड्यूटी जींद और हिसार जिले सहित अन्य जगहों पर भी लगी और उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पूरी की।



सिंचाई विभाग हिसार में एसडीओ पद पर कार्यरत सत्यवीर सिंह कोहाड़ का निधन से विभाग सहित क्षेत्र में शोक की लहर है। वे एक कर्तव्यनिष्ठ और सरल स्वभाव के अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वे पिछले दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। सत्यवीर कोहाड़ का अंतिम संस्कार 27 दिसंबर को गांव राजपुरा तहसील नारनौंद में 11 बजे किया जाएगा। अंतिम संस्कार उपरांत शोकसभा कोठी नंबर 9, कैनाल कॉलोनी, हिसार में की जाएगी। जहां परिजन एवं शुभचिंतक श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

Haryana Irrigation department SDO सत्यवीर कोहाड़ चार भाइयों में तीसरे स्थान पर थे। उनके बड़े भाई धर्मपाल कोहाड़ भी सिंचाई विभाग में एसडीओ हुआ करते थे और उनका पहले ही निधन हो चुका है। जबकि उनके दूसरे नंबर के बड़े भाई बलवंत सिंह और छोटे भाई जयवीर चंडीगढ़ में अपना कारोबार करते हैं। जबकि उनके बड़े भाई धर्मपाल के दो बेटे हैं और उनका एक बेटा बिजली निगम में बड़े पद पर कार्यरत है जबकि दूसरा बेटा हाई कोर्ट में वकालत करता है। ‌सत्यवीर कोहाड़ का बेटा ऑस्ट्रेलिया गया हुआ है जो शुक्रवार शाम तक भारत पहुंचाने की उम्मीद है।

Sardiyon me janwaron me bimariyon ka khatra : ठंड में पशुओं को होने वाली बीमारियां

 

Bimariyon ka khatra : लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा के निर्देशानुसार शीत ऋतु के दौरान पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण जनहित परामर्श जारी की गई है। इस परामर्श में पशुशालाओं में अंगीठी, कोयला, लकड़ी अथवा धुएँ वाले हीटर के प्रयोग को अत्यंत खतरनाक और जानलेवा बताते हुए पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

Risk of diseases spreading among animals winter season : सर्दियों में पशुओं में बीमारियों के लक्षण

लुवास के सह जनसंपर्क अधिकारी डॉ विशाल शर्मा के अनुसार सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाने के उद्देश्य से बंद या कम हवादार पशुशालाओं में अंगीठी या कोयला जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस उत्पन्न होती है। यह गैस रंगहीन एवं गंधहीन होती है, जिससे इसकी पहचान करना कठिन हो जाता है। गैस के कारण पशुशाला में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पशुओं में घुटन, सुस्ती, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी तथा गंभीर मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। यह खतरा विशेष रूप से बछड़े-बछड़ियों, गर्भवती, बीमार एवं कमजोर पशुओं में अधिक देखा जाता है।

 

ठंड में पशुओं को होने वाली प्रमुख बीमारियां, bimariyon ka khatra

डॉ शर्मा ने बताया कि यदि पशुओं में असामान्य सुस्ती, तेज या उथली सांस, आंखों का लाल होना, मुंह से झाग आना या अचानक गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेते हुए पशुओं को तुरंत खुले एवं हवादार स्थान में ले जाना चाहिए तथा शीघ्र ही नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है।

सर्दियों में पशुओं की सुरक्षा और सावधानियां

लुवास विश्वविद्यालय हिसार।

लुवास विश्वविद्यालय हिसार ने पशुपालकों को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि रात्रि के समय पशुशालाओं में अंगीठी, कोयला या लकड़ी का प्रयोग बिल्कुल न करें। यदि किसी परिस्थिति में गर्माहट की आवश्यकता हो तो केवल खुले एवं पूरी तरह हवादार स्थान में सीमित समय के लिए ही इसका उपयोग करें तथा सोने से पहले आग को पूरी तरह बुझाना सुनिश्चित करें। पशुशालाओं में खिड़की, रोशनदान एवं उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

 

सर्दियों में पशुओं को स्वस्थ रखने के उपाय

लुवास विशेषज्ञों ने सुरक्षित विकल्पों को अपनाने पर भी जोर दिया है, जिनमें सूखा एवं मोटा बिछावन, ठंडी हवा रोकने के लिए तिरपाल या पर्दों का प्रयोग, पशुओं को समूह में रखना तथा आवश्यकता अनुसार इन्फ्रारेड बल्ब का सुरक्षित उपयोग शामिल है। साथ ही सर्दी के मौसम में पशु आहार एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है, ताकि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।

bimariyon ka khatra : पशुपालकों के लिए सर्दियों में जरूरी सावधानियां

लुवास के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. निलेश  सिंधु ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परामर्श पशुपालकों के हित में जारी की गई है और इसका उद्देश्य शीत ऋतु के दौरान पशुओं की अनावश्यक क्षति को रोकना है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और इस महत्वपूर्ण सूचना को अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाएं, ताकि पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने स्पष्ट किया है कि पशुओं की सुरक्षा ही उनकी सबसे अच्छी देखभाल है।

Rakhigarhi Mahotsav heritage walk and performances

 

Rakhigarhi Mahotsav : 26 से 28 दिसंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 26 दिसंबर को सुबह 10 बजे करेंगे। राखीगढ़ी महोत्सव में आने वाले पर्यटकों के दिलों में सवाल है कि वह राखी घड़ी कैसे और किस रूट से पहुंचे। राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता पर जाने के लिए बसों की क्या व्यवस्था है।


उपायुक्त महेंद्र पाल ने वीरवार को राखीगढ़ी गांव का दौरा कर महोत्सव स्थल व आसपास किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अमित हर्षवर्धन भी उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान उपरांत उपायुक्त महेंद्र पाल ने राखीगढ़ी स्थित संग्रहालय परिसर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।

 

उन्होंने एक-एक कर सभी प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि महोत्सव को लेकर सभी विभागीय तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महोत्सव के दौरान आपसी तालमेल बनाए रखते हुए अपने-अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 


उपायुक्त ने बताया कि राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग भाग ले सकेंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय उत्पादों, सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

 


समारोह स्थल पर आमजन की सुविधा के लिए दो बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि कार्यक्रमों को देखने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही वाहनों की पार्किंग के लिए भी पृथक-पृथक स्थल निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

 


उपायुक्त ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी महोत्सव के दौरान राखीगढ़ी में बनाए गए हड़प्पा ज्ञान केंद्र का उद्घाटन भी करेंगे। यह ज्ञान केंद्र सिंधु घाटी सभ्यता के महत्वपूर्ण केंद्र राखीगढ़ी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को प्रदर्शित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

 


उपायुक्त ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का माध्यम बनेगा और बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे सफल बनाएं।

 

राखीगढ़ी महोत्सव में मैं वह काफी लोग आने की सोच रहे हैं जो पुराने सभ्यताओं से जुड़ाव रखते हैं। काफी लोगों के पिछले तीन-चार दिनों से हरियाणा न्यूज़ के पास फोन आ रहे हैं कि राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता पर राखीगढ़ी महोत्सव में जाने के लिए किस रूट से आएं और बसों की व्यवस्था कहां से मिलेगी। हम आपको न्यूज़ के माध्यम से बता रहे हैं कि राखीगढ़ी गांव हिसार जिले का गांव होता था लेकिन हांसी जिला बनने के बाद यह हड़प्पा सभ्यता का गांव राखीगढ़ी हांसी जिले में शामिल हो गया है।

राखीगढ़ी महोत्सव में आने के लिए रुट –  Bus routes for getting to Rakhigarhi Festival

अगर आप दिल्ली की तरफ से राखीगढ़ी आने की सोच रहे हैं तो आपको हांसी-हिसार या जींद की बस पकड़ नहीं होगी। अगर आप राजस्थान और पंजाब के बठिंडा, सिरसा साइड से आना चाह रहे हैं तो आपको वहां से भी हिसार की बस पकड़ कर हांसी पहुंचना होगा। वहीं अगर कोई पर्यटक पानीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, करनाल साइड से आना चाहता है तो उसको पहले जींद पहुंचना होगा और दिन से दूसरी बस पड़कर राखीगढ़ी पहुंचा जा सकता है। जींद से राखीगढ़ी के लिए स्पेशल बस भी चलती है। लेकिन इस बस का समय निर्धारित है इसके लिए आपको बस स्टैंड पर पूछताछ पर संपर्क करना होगा।

राखीगढ़ी महोत्सव में आने का पहला बस रुट

बस में नारनौंद की टिकट लें और नारनौंद के पुराने बस स्टैंड पर उतरे, यहां पर प्राइवेट बसें उतरते हैं लेकिन सरकारी बसें नए बस स्टैंड पर उतरते हैं। नारनौंद के नए और पुराने बस स्टैंड से राखीगढ़ी के लिए उचाना नरवाना जाने वाली बसों में बैठ जाएं। नारनौंद से बस चलने के बाद दूसरे गांव का बस स्टैंड राखीगढ़ी का आएगा। इसी प्रकार से जींद की तरफ से आने वाले पर्यटक हांसी हिसार की बस में सफर करें और नारनौंद उतरें।

राखी गढ़ी पहुंचने का दूसरा रुट

जींद से आने वाले पर्यटक जींद से बरवाला की बस भी पकड़ कर रखी गाड़ी पहुंच सकते हैं। इसके लिए उन्हें खेड़ी चौपटा पर उतरना होगा और यहां से नारनौंद जाने वाली बस पकड़ कर वो राखी गढ़ी पहुंच सकते हैं।

राखी गढ़ी पहुंचने का तीसरा रुट

पंजाब और नरवाना की तरफ से आने वाले पर्यटक उचाना से नारनौंद की बस पकड़ कर रखी गाड़ी पहुंच सकते हैं।

राखी गढ़ी पहुंचने का चौथा रुट

इसी प्रकार बरवाला की तरफ से आने वाले पर्यटक बरवाला से जींद की बस पकड़े। बस से खेड़ी चौपटा उतरकर यहां से नारनौंद की बस के माध्यम से राखी गाड़ी पहुंच सकते हैं। ‌


इस अवसर पर नारनौंद उप मंडल एसडीएम विकास यादव, हांसी उपमंडल के एसडीएम ,राजेश खोथ , बरवाड़ा उप मंडल के एसडीएम वेद प्रकाश बेनीवाल, हिसार की एसडीएम ज्योति मित्तल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहे।

 

Narnaund News Today: अवैध पिस्तौल सहित बास पुलिस ने किया गिरफ्तार 

Narnaund News Today : नारनौंद उपमंडल के गांव बास के पास सुंदर ब्रांच नहर से एक युवक को अवैध पिस्तौल सहित काबू किया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बास थाना में मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की गहनता से जांच करने में लगी हुई है।

 

बास थाना पुलिस की टीम मुख्य सिपाही विकास के नेतृत्व में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस के मुख्य करने सूचना दी की एक युवक सुंदर ब्रांच नहर के पास अवैध पिस्तौल लिए हुए पुट्ठी गांव से बास गांव की तरफ आ रहा है। मुखबिर की सूचना पर तुरंत सुंदर ब्रांच नहर पर पुलिस टीम पहुंची और शक के आधार पर वहां से गुजर रहे एक युवक को हिरासत में लिया।

 

पुलिस ने जब युवक की तलाशी ली तो उसके पास से एक अवैध पिस्तौल ( देसी कट्टा ) बरामद हुआ। पुलिस ने इस पिस्टल से संबंधित जब उसे लाइसेंस मांगा तो वह कोई भी ठोस जवाब नहीं दे पाया और ना ही इससे संबंधित कोई कागजात पेश कर पाया। पुलिस ने अवैध पिस्तौल को अपने कब्जे में लिया और युवक को लेकर बास थाना पहुंची।

बास थाना में अवैध पिस्तौल का मामला दर्ज 

बास थाना में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करके उससे पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ के बाद बुधवार को उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा अवैध पिस्तौल सहित गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव पुट्ठी निवासी राहुल पुत्र सुखबीर के रूप में हुई है।

 

Solar Pumps with 75 percent subsidy Haryana News

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा डीजल पंप ( Solar Pumps )  से सिंचाई करने वाले किसानों को बड़ी राहत देते हुए 3 एचपी से 10 एचपी क्षमता के सौर ऊर्जा पंप 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में लगभग 8050 किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के लिए आवेदन 29 दिसंबर तक सरल हरियाणा पोर्टल ( Saral portal Haryana ) के माध्यम से किए जा सकते हैं।

 


इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के परियोजना अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 के लिए लाभार्थियों का चयन परिवार की वार्षिक आय तथा भूमि धारण के आधार पर किया जाएगा। किसान अपने खेत के आकार, भूजल स्तर और सिंचाई की आवश्यकता के अनुसार सोलर पंप का प्रकार और क्षमता स्वयं चुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को पहले ही अनुदान पर सोलर पंप दिए जा चुके हैं, वे इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे। एक किसान को केवल एक ही सोलर पंप प्रदान किया जाएगा। परियोजना अधिकारी ने बताया कि आवेदन के दौरान किसानों को कंपनी का चयन करने के साथ-साथ लाभार्थी अंश भी ऑनलाइन जमा करवाना होगा। ( Latest Haryana Government kisan yojana )

 


उन्होंने बताया कि वे किसान जिन्होंने अप्रैल 2025 में लाभार्थी अंश जमा करवा दिया है और वर्तमान में सोलर पंप की प्रतीक्षा सूची में हैं, यदि वे अपने मौजूदा सोलर पंप की स्पेसिफिकेशन बदलना चाहते हैं तो वे नई उपलब्ध स्पेसिफिकेशन में से उसी फैमिली आईडी का उपयोग करते हुए नया आवेदन कर सकते हैं। ऐसे किसानों को दोबारा लाभार्थी अंश जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्पेसिफिकेशन बदलने पर यदि राशि कम या अधिक होती है तो उसका समायोजन विभाग द्वारा किया जाएगा।

 


परियोजना अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा परिवार के नाम पर पहले से कोई सोलर कनेक्शन या बिजली आधारित कृषि पंप नहीं होना चाहिए तथा आवेदक के नाम पर कृषि भूमि दर्ज होनी आवश्यक है। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहां सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा।

 

वहीं धान की खेती करने वाले वे किसान जिनके क्षेत्र में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे चला गया है, इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए किसान विभाग की वेबसाइट  https://hareda.gov.in/ पर विजिट कर सकते हैं अथवा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हिसार से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।