How much money can candidate spend in Lok Sabha elections 2024? लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी कितने रुपए प्रचार में खर्च कर सकता है ? क्या क्या शर्तें होंगी लागू
How much money can candidate spend in Lok Sabha elections 2024? What conditions will apply?
लोकसभा प्रत्याशी को खुलवाना होगा अलग बैंक खाता : जिला निर्वाचन अधिकारी
– प्रत्याशी बिना अनुमति के चुनाव प्रचार करता पकड़ा गया तो होगी कार्रवाई
हरियाणा न्यूज टूडे:
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि 18वां लोकसभा आम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को नामांकन से पहले एक अलग बैंक खाता खुलवाना होगा। चुनाव से संबंधित खर्च केवल इसी खाते के माध्यम से किया जा सकेगा। चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार अधिकतम 95 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। चुनाव लड़ने वाले अभ्यार्थी लेन देन चैक, ड्राफ्ट एवं अन्य इलेक्ट्रोनिक मोड यानि आरटीजीएस एनईएफटी के माध्यम से ही करना सुनिश्चित करेंगे। यदि चुनाव की पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यय की किसी भी मद के लिए उम्मीदवार द्वारा किसी व्यक्ति या संस्था को देय राशि 10 हजार रुपए से अधिक नहीं है, तो ऐसा व्यय उक्त बैंक खाते से निकालकर नकद में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एलडीएम के माध्यम से सभी बैंको को निर्देश दिए जा चुके है कि उम्मीदवारों के लिए अलग खाता खोलने के लिए प्रत्येक बैंक में उचित व्यवस्थाएं की जाए। जैसे ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार द्वारा नामांकन-पत्र जमा किया जाएगा उसके साथ ही उसके खर्च का मीटर भी शुरू हो जाएगा। खर्च की निगरानी के लिए टीम का गठन किया जा चुका है।
निर्धारित स्थानों पर ही लगाएं प्रचार प्रसार सामग्री :
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दल आचार संहिता और डिफेसमेंट ऑफ प्रोपर्टी एक्ट की पालना करना सुनिश्चित करें। कोई भी राजनीतिक दल व उम्मीदवार केवल निर्धारित किए गए स्थानों पर ही रैली एवं जनसभा कर सकते हैं और प्रचार से संबंधित होर्डिंग, बैनर, पोस्टर इत्यादि लगा सकते हैं। चुनाव के दौरान प्रयोग की जाने वाले सभी संबंधित वस्तुओं के रेट भी निर्धारित करके उसकी प्रति राजनैतिक दलों को उपलब्ध करवा दी गई है।
बैनर-पोस्टर पर मुद्रित होना चाहिए प्रिंटिंग प्रेस का नाम व पता :
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी राजनैतिक दल/ उम्मीदवार यह सुनिश्चित करें कि चुनाव प्रचार के दौरान जो भी बैनर पोस्टर आदि प्रिंट करवाए उस पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम व पता सहित छपवाने वाले का भी ब्योरा हो। अगर इस मामले में अवहेलना की गई तो आरपी एक्ट 1951 की धारा 127ए के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी। इन चीजों के लिए सभी को अनुमति लेना जरूरी है। अगर कोई बिना अनुमति के चुनाव प्रचार करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।