लोहारी राघो में 77 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला
Hansi News Today: नारनौंद उपमंडल के गांव लोहारी राघो में 77 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का आगाज 9 अक्तूबर से होने जा रहा है। श्री रामा रामलीला क्लब के बैनर तले आयोजित होने वाली इस रामलीला को इस बार भी डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया के श्रद्धालु घर बैठे देख सकेंगे।
क्लब की ओर से रामलीला का लाइव प्रसारण उसके Abtak Haryana News और YouTube चैनल पर किया जाएगा। कलाकारों की रिहर्सल लगातार जारी है और क्लब के सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
श्री रामा रामलीला क्लब के प्रधान सेवक गुलशन भ्याना ने बताया कि 9 अक्तूबर को ध्वजारोहण के साथ रामलीला का शुभारंभ होगा और 20 अक्तूबर को दशहरा उत्सव के साथ इसका समापन किया जाएगा।
अलग-अलग दिनों में होगा रामलीला की प्रमुख लीलाओं का मंचन
रामलीला के दौरान अलग-अलग दिनों में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी प्रमुख लीलाओं का मंचन किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्तूबर को नारद लीला, 11 अक्तूबर को श्रवण लीला, 12 अक्तूबर को राम जन्म, 13 अक्तूबर को सीता स्वयंवर, 14 अक्तूबर को राम वनवास, 15 अक्तूबर को भरत मिलाप, 16 अक्तूबर को सीता हरण, 17 अक्तूबर को बाली वध, 18 अक्तूबर को सीता खोज, 19 अक्तूबर को लक्ष्मण मूर्छा और 20 अक्तूबर को रावण वध का मंचन किया जाएगा।
गुलशन भ्याना ने बताया कि इस बार रामलीला का मंचन पहले से भी अधिक आकर्षक बनाने के लिए कलाकारों ने कड़ी मेहनत की है।
1949 में शुरू हुई थी लोहारी राघो की रामलीला
लोहारी राघो की ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत वर्ष 1949 में हुई थी। हालांकि, इसके लिए तैयारियां वर्ष 1948 से ही शुरू कर दी गई थीं। रामलीला शुरू करने वाले कलाकार वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर लोहारी राघो पहुंचे थे।
बताया जाता है कि पाकिस्तान में भी वर्ष 1933 से 1947 तक रामलीला का मंचन किया जाता था। विभाजन के बाद लोहारी राघो पहुंचने वाले कलाकारों ने यहां रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास शुरू किया। बंटवारे की पीड़ा से उबरने और खुद को संभालने में करीब एक वर्ष का समय लगा, जिसके बाद वर्ष 1949 में रामलीला का मंचन शुरू हुआ।
शुरुआती वर्षों में ही लोहारी राघो की रामलीला ने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली और दूर-दराज से लोग इसे देखने के लिए पहुंचने लगे।
अपने विशेष ब्लॉग वाली हरियाणा की रामलीला
रामलीला के डायरेक्टर मुनीष चराया ने बताया कि श्री रामा रामलीला क्लब की ओर से विशेष ब्लॉग तैयार किया गया है। इसके माध्यम से देश और दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले श्रद्धालु घर बैठे रामलीला का आनंद ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी भारत सहित विदेशों में हजारों श्रद्धालुओं ने क्लब के ब्लॉग, Abtak Haryana News और YouTube चैनल के माध्यम से रामलीला का लाइव प्रसारण देखा था। ब्लॉग पर रामलीला के इतिहास सहित इससे जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी उपलब्ध हैं और इसी माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया जाता है।
हांसी विधायक विनोद भ्याना भी रह चुके हैं रामलीला के कलाकार
लोहारी राघो की रामलीला से हांसी विधायक विनोद भ्याना का भी पुराना जुड़ाव रहा है। 1990 के दशक में उन्होंने रामलीला में अंगद और रावण के किरदार निभाए थे और दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी थी।
रामलीला से जुड़े लोगों के अनुसार, इसी मंच से विनोद भ्याना ने सामाजिक गतिविधियों में अपनी सक्रियता बढ़ाई। वे गांव लोहारी राघो के दो बार सरपंच भी चुने गए और बाद में हांसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने।
सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील
रामलीला क्लब के प्रधान सेवक गुलशन भ्याना ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से रामलीला प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। क्लब के सदस्य, कलाकार और ग्रामीण हर वर्ष निस्वार्थ भाव से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करते हैं।
उन्होंने क्लब मैनेजमेंट, कलाकारों और ग्रामीणों का आभार जताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बुजुर्गों से मिली सांस्कृतिक विरासत भी है। उन्होंने ग्रामीणों से तन-मन-धन से सहयोग जारी रखने की अपील की, ताकि यह परंपरा आगे भी जीवित रहे और नई पीढ़ी को धर्म, सनातन संस्कृति और इतिहास से जुड़ी जानकारी मिलती रहे।











