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Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सफाई कर्मचारी हड़ताल: कूड़ा उठाने का कर्मचारियों ने किया विरोध
Narnaund News: सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं और पिछले कई दिनों से नारनौंद शहर में गंदगी के जगह-जगह ढे़र लगे हुए हैं। सोमवार की शाम को प्रशासन कूड़ा उठाने के लिए पहुंचा तो सफाई कर्मचारी-प्रशासन आमने-सामने हो गया। सफाई कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस ने सफाई कर्मचारियों को अरेस्ट कर लिया और पुलिस थाने ले गई। जिसके बाद जेसीबी की सहायता से कूड़े को उठाने किया गया।
हरियाणा में सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जिसकी वजह से छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक कूड़े के ढेर जगह-जगह लगे हुए दिखाई पड़ रहे हैं। नारनौंद के उप मंडल नागरिक अस्पताल के सामने भी सफाई नहीं होने की वजह से काफी मात्रा में कचरा इकट्ठा हो गया। सोमवार के शाम को नारनौंद प्रशासन अस्पताल के सामने कचरा उठाने के लिए जेसीबी लेकर अपने अमले के साथ पहुंचा तो इसकी भनक नगर पालिका सफाई कर्मचारी और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को लग गई।

सफाई कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। जब प्रशासन जेसीबी की सहायता से कचरा को उठाकर ट्रैक्टर ट्रालियों में भरने लगे तो सफाई कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। सफाई कर्मचारियों ने काफी देर तक प्रशासन का डटकर मुकाबला किया और कहा कि प्रशासन बिना सफाई कर्मचारियों के ऐसे कितने दिन सफाई करेगा।
मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारी नेता और फायर कर्मचारी देवेंद्र लोहान ने कहा कि पिछले करीब 20 दिनों से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर कर सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने की बजाय उन पर जुल्म ढहा रही है। आज सफाई कर्मचारी ही नहीं बल्कि पटवारी कानून को गेस्ट टीचर भी हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों की वजह से ना ही तो किसान खुश है और ना ही आम गरीब आदमी। उन्होंने कहा कि किसान मजदूर से लेकर कर्मचारी वर्ग तक अपने हकों की रक्षा करने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर है लेकिन भाजपा सरकार तानाशाही दिखाते हुए सब वर्गों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम अपना हक लेकर रहेंगे और जब तक सरकार उनकी तमाम मांगों को पूरा नहीं करती तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र रोजगार और पेपर लीक जैसे मामले को लेकर आंदोलन करते हैं तो उन्हें भी देशद्रोही कहा जाता है और जब किसान आंदोलन करते हैं तो उन्हें भी आतंकवादी जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने का सबको हक है परंतु बीजेपी सरकार अपनी गलत नीतियों में सुधार करने की बजाय पूंजी पतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कर्मचारी किसने और मजदूरों का शोषण कर रही है। सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि साफ सफाई को लेकर भाजपा के नेता आए दिन झाड़ू उठाकर फोटो खिंचवाते हैं और अखबारों में अपनी खबर छपवाते हैं। अब शहरों में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो भाजपा नेता अपने आलीशान बंगलो से बाहर नहीं निकल रहे ऐसे में उन्हें सड़कों पर उतरकर साफ सफाई करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता का संदेश देना चाहिए। लेकिन वह साफ सुथरे स्थान पर ही झाड़ू उठाने का काम करते हैं कभी आपने उन्हें गंदी जगह पर खड़ा भी नहीं देखा होगा।

इस दौरान पुलिस ने सफाई का विरोध कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लिया और बस में बैठाकर पुलिस थाने ले गई। पुलिस बस में भी सफाई कर्मचारी भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे और थाना परिसर में बैठकर नारेबाजी करने लगे। उसके बाद प्रशासन ने नागरिक अस्पताल के सामने जमा कचरे को उठाया और तब जाकर राहत की सांस ली।
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सफाई कर्मचारी विरोध फोटो






















