13वें दिन भी हड़ताल पर कर्मचारी, निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Hansi News: हांसी जिले के नारनौंद में नपा कर्मचारियों ने मंगलवार को निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर खांडा मोड़ तक विरोध में जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 13वें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने पूर्व में उनकी मांगों को लेकर समझौता किया था, लेकिन अब उन मांगों को लागू करने से पीछे हट रही है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने दोबारा आंदोलन शुरू किया है।
नगर पालिका के मुख्य गेट पर तालाबंदी
नारनौंद नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार को एकजुट होकर नगर पालिका के मुख्य गेट पर करीब दो घंटे तक ताला लगाया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्र अकाउंटेंट नीलम को सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए। मंगलवार को धरने की संयुक्त अध्यक्षता पवन और नरेंद्र जांगड़ा ने की, जबकि मंच का संचालन इकाई प्रधान मनसाराम ने किया।
खांडा मोड़ तक निकाला जुलूस
नारनौंद नगर पालिका गेट पर ताला लगाकर और धरने के बाद कर्मचारी नगर पालिका से खांडा मोड़ की तरफ जुलूस के रूप में रवाना हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभाग के खिलाफ नारे लगाए। खांडा मोड़ पर पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला फूंका। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
13वें दिन भी जारी रही हड़ताल
कर्मचारियों के अनुसार यह हड़ताल का 13वां दिन है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी वे अपनी मांगों को लेकर लंबा आंदोलन कर चुके हैं।
भाजपा सरकार अपने वादे से पीछे हट रही
राज्य उपप्रधान जसवीर श्योकंद ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों ने 8 अप्रैल से 13 मई तक 37 दिन की हड़ताल की थी। इसके बाद 13 मई को सरकार और यूनियन के बीच समझौता हुआ था। इस दौरान कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति बनने की बात कही गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते में सरकार की ओर से नगर पालिका के करीब 13,500 सफाई कर्मचारियों और लगभग 1,250 अग्निशमन कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी। कर्मचारियों का आरोप है कि अब सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है, जिसके चलते उन्हें दोबारा हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सफाई कर्मचारियों की स्थायी नौकरी का मुद्दा उठा
जिला वरिष्ठ उपप्रधान नसीब सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार का कोई उचित प्रबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रुप-डी के पदों पर भी सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति नहीं दी गई है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करते हुए पूर्व में बनी सहमति को लागू करने की मांग की।
कर्मचारी संगठनों ने दिया आंदोलन को समर्थन
नारनौंद में चल रहे कर्मचारियों के धरने को विभिन्न कर्मचारी और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला। सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, बिजली बोर्ड, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, किसान यूनियन और विकलांग मंच से जुड़े लोगों ने धरने में पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक वरिष्ठ उपप्रधान प्रदीप लोहान ने कहा कि संगठन कर्मचारियों की जायज मांगों का पूरी तरह समर्थन करता है।
इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया संबोधित
धरने के दौरान विकलांग मंच के प्रधान सुबे सिंह लोहान, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से बदन सिंह और रोहतास शर्मा, बिजली विभाग से सत्यवान रंगा और राजेश पेटवाड़, सिंचाई विभाग से संजय गौतम और देवेंद्र लोहान, किसान नेता शीलू लोहान तथा ऑल हरियाणा सफाई संघर्ष समिति के उपप्रधान नरेश कुमार ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय सरकार को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
धरने और विरोध प्रदर्शन में राजबीर, सुंदर, पवन, धर्मवीर, रेणुबाला, ओमपति, विद्या, दीपक, देवेंद्र बडाला और सतीश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग।
- अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को नियमित करने की मांग।
- 13 मई को हुए समझौते को लागू करने की मांग।
- पूर्व में सहमति बनी 17 मांगों को पूरा करने की मांग।
- सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार की व्यवस्था करने की मांग।
- कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग।















